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पार्षद ही नहीं जनता की एप्लीकेशन पर भी नप लगाएगी स्ट्रीट लाइटें

Thu, 17 Aug 2017 02:08 AM IST
Updated Thu, 17 Aug 2017 02:08 AM IST
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पार्षद ही नहीं जनता की एप्लीकेशन पर भी नप लगाएगी स्ट्रीट लाइटें
पार्षद ही नहीं जनता के आवेदन पर भी नगरपरिषद लगाएगी स्ट्रीट लाइटें
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चरखी दादरी।
नगर परिषद अब अनप्रूवड कालोनियों में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाएगा। परिषद की ओर से शहर में कुल 200 लाइटें शहर में लगाने की प्लानिंग हैं, लेकिन इस दायरे में केवल एप्रूवड कॉलोनियां ही शामिल की गई है। नगर परिषद की प्लानिंग है कि कुछ दिनों में ही सभी वार्डों व सार्वजनिक स्थानों पर यह लाइटें लगा दी जाएं ताकि शहरवासियों को राहत मिल सकेे। इतना ही नहीं अब पार्षद की बजाय आम आदमी भी परिषद को एप्लीकेशन देकर लाइटें लगवा सकता है। बशर्ते आवेदक की मांग जायज होनी चाहिए। पिछले एक साल से नगर परिषद शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने को लेकर प्रयासरत थी अब परिषद अधिकारियों का यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ सका है।
लगातार चार बार टेंडर जारी किए गए लेकिन किसी न किसी बाधा के चलते यह प्रोजेक्ट बीच में ही लटकता रहा। कई बार तो एजेंसियों द्वारा इन लाइटों के टेंडर रिसीव ही नहीं किए गए। परिषद को रेट माफिक न आने पर टेंडर बार-बार लगाने पड़े। यह मसला नगर पार्षदों की हाउस की बैठक में लगातार उठता रहा। बाद में इसके लिए पार्षदों की कमेटी भी गठित की गई। मसला डीसी दरबार में भी पहुंचा था। तत्पश्चात परिषद ने अपने स्तर पर क्षेत्र के ही एक ठेकेदार से संपर्क इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाया। शहर में 21 वार्ड हैं। पिछले दो साल के दौरान वार्डों की यह संख्या बढ़ी है इससे पहले 19 वार्ड थे। वैसे भी शहर का आबाद एरिया काफी बढ़ा है। शहर में इस समय नगर परिषद के आकलन के अनुसार 25 हजार मकान हैं। शहर में करीब 75 हजार लोग रहते हैं। हर साल करीब तीन सौ मकान बढ़ रहे हैं।
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शहर में इस लगी हैं 4000 हजार लाइटें
पूरे शहर में इस समय चार हजार सोडियम लाइटें लगी हैं। यह लाइटें वर्षो पुरानी हैं जिनमें से रोजाना 70 से 80 लाइटें खराब भी हो रही हैं। नगर परिषद की ओर से समय- समय पर इन लाइटों को ठीक किया जाता है। इनमें से काफी लाइटें पूरी तरह से डैमेज हो चुकी हैं।
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अब हर वार्ड में पांच नई लाइटें लगेंगी
अब नगर परिषद हर वार्ड में पांच नई लाइटें लगाएगा। वार्ड के एमसी की संस्तुति पर जरूरत के अनुसार लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए परिषद ने चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। टीम की ओर से निर्धारित स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके साथ ही एलईडी बल्ब लगाए जाने की प्लानिंग है।
अनएप्रूवड कॉलोनियों के पांच हजार लोग रहेंगे महरूम
नगर परिषद शहर के अनप्रूवड कालोनियों में यह लाइटें नहीं लगाएगा। शहर में इस समय करीब पांच हजार मकान अनएप्रूवड एरिया में बने हुए हैं। ऐसे में इन मालिकों को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ेगा। नगर परिषद की लाल डोरे की सीमा में ही यह बल्ब लगाए जाएंगे। वहीं, आम आदमी की एप्लीकेशन पर भी नगर परिषद लाइटें लगाएगा। इसके लिए कुछ लाइटों को रिजर्व रखा जाएगा। नगर परिषद अधिकारियों का मानना है कि कई बार वार्ड के पार्षद विरोधी पक्ष का मानते हुए उस एरिया को विकास के मामले में पीछे रखता है ऐसे में परिषद अधिकारियों ने तय किया कि किसी भी कालोनी को कोई व्यक्ति नगर परिषद को अपने एरिया में लाइट लगवाने के लिए आवेदन देगा तो उस पर विचार कर जगह का मुआयना कर वहां लाइट लगवा दी जाएगी ताकि सबको समान रूप से सुविधा मिल सके।
शहर में लगी हुई हैं सोडियम लाइटें
इस समय शहर में सोडियम लाइटें लगी हैं। सोडियम की एक लाइट 250 वाट की है जबकि एलईडी बल्व 30 वाट के लगेंगे। इससे नगर परिषद को बिजली बिल की भी बचत होगी साथ में ऊर्जा की भी बचत हो सकेगी। तीन एलईडी लाइटों से एक सोडियम लाइट जितनी बिजली खर्च होगी। शहर में डैमेज हो चुकी सोडियम लाइटों की जांच कर उन्हें उतारा जा सकता है। इस पर भी परिषद साथ-साथ काम करेगी ताकि उन्हें रिप्लेस किया जा सके।
---कहीं नहीं जलती लाइटें तो कहीं रोशन दे रहीं बेहद कम वार्ड में स्ट्रीट लाइटें तो लगी हुई हैं लेकिन संभाल के अभाव में खराब पड़ी है। न तो नगर परिषद कर्मचारी इन्हें संभालने आते हैं और न ही खराब या टूटी पड़ी लाइटों को बदलने की जहमत उठाते हैं।
योगेश
--स्ट्रीट लाइटों पर लगे बेड स्विच परेशानियों का कारण बन रहे हैं। कई बार तो ध्यान न देने से दिनभर लाइटें जलती रहती हैं कई दफा रातभर अंधेरा छाया रहता है। अब नई लाइटें लगने से लोगों को काफी राहत मिल सकेगी। शहर की सभी कालोनियों में लाइटें लगनी चाहिए।
जसबीर
--स्ट्रीट लाइटें लगने के बाद परेशानियां कम हो जाएंगी। अब तक तो वार्डवासी लाइटों के लिए पार्षद पर ही निर्भर थे लेकिन अब सीधा नप अधिकारियों के सामने अपनी डिमांड रख सकेंगे। अवैध कालोनियों में लाइटों की सुविधा दी जानी चाहिए। इन कालोनियों में कई वर्षो से मकान बने हुए हैं।
जतिन
---नई स्ट्रीट लाइटें लगाने के साथ-साथ पुरानी लाइटों की सुध लेना भी जरूरी है। उनके वार्ड की कई लाइटें कंडम हैं तो कुछेक का ढॉचा भी टूटा हुआ है। कई लाइटें तो रखरखाव के अभाव में बिल्कुल डैमेज हो चुकी हैं। नई लाइटें शहर के सभी भागों में लगनी चाहिए।

पवन
वर्जन-
नगर परिषद ने तत्परता से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। अनएप्रूवड एरिया में लाइटें नहीं लगाई जाएंगी। परिषद की प्लान है कि आने वाले कुछ दिनों में सभी वार्डोु में लाइटें लगा दी जाए।
स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, नगर परिषद
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