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134 ए में दाखिला पाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों ने शिक्षा भारती स्कूल पर लगाए परीक्षा से पहले एडमिटकार्ड जारी न करने के आरोप
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रोहतक। गरीब परिवार के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए बनाए गए नियम 134ए के तहत दाखिला पाने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी नहीं करने के आरोप लगाए हैं। इस बारे में शनिवार को बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधक पर परेशान करने और विद्यार्थियों से 3700 रुपये मांगने के आरोप लगाकर रामनगर स्थित शिक्षा भारती स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। वहीं, प्रधानाचार्या ममता भोला ने इस मामले की जांच करवाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड न देने के पीछे का कारण नो ड्यूज फार्म पर हस्ताक्षर करवाकर जमा न करवाना है।
शनिवार दोपहर दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष सतवीर हुड्डा के नेतृत्व में बच्चों के अभिभावक स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों का दाखिला 134ए के तहत शिक्षा भारती स्कूल में हुआ था। सत्र की शुरुआत में ही अभिभावकों से 3050 रुपये लिए गए। जिसकी उन्हें रसीद भी नहीं दी गई और न ही अभिभावकों को बताया गया कि यह शुल्क किस सेवा का है। उन्होंने आरोप लगाए कि उसके बाद भी जब सत्र समाप्त होने को आया तो विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी एडमिट कार्ड नहीं दिए गए। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर 3700 रुपये देने के बाद विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड देने के आरोप लगाए हैं।
प्रधानाचार्या का पक्ष :
स्कूल की प्रधानाचार्या ममता भोला ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन ने किसी भी बच्चे से 3050 रुपये की फीस नहीं ली है। उन्होंने कहा कि 3700 रुपये मांगे जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वे स्कूल के अकाउंट विभाग से इस मामले की जांच करवाएंगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड न देने के पीछे का कारण विद्यार्थियों द्वारा नो ड्यूज फार्म पर हस्ताक्षर करवाकर जमा न करवाना है। उन्होंने बताया कि अगर विद्यार्थियों के अभिभावक फीस जमा करवाने में असमर्थ हैं तो वे एक अर्जी लिखकर प्रधानाचार्या को दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है।
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इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।
- सुनीता रुहिल, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।
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शनिवार दोपहर दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष सतवीर हुड्डा के नेतृत्व में बच्चों के अभिभावक स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों का दाखिला 134ए के तहत शिक्षा भारती स्कूल में हुआ था। सत्र की शुरुआत में ही अभिभावकों से 3050 रुपये लिए गए। जिसकी उन्हें रसीद भी नहीं दी गई और न ही अभिभावकों को बताया गया कि यह शुल्क किस सेवा का है। उन्होंने आरोप लगाए कि उसके बाद भी जब सत्र समाप्त होने को आया तो विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी एडमिट कार्ड नहीं दिए गए। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर 3700 रुपये देने के बाद विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड देने के आरोप लगाए हैं।
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प्रधानाचार्या का पक्ष :
स्कूल की प्रधानाचार्या ममता भोला ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन ने किसी भी बच्चे से 3050 रुपये की फीस नहीं ली है। उन्होंने कहा कि 3700 रुपये मांगे जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वे स्कूल के अकाउंट विभाग से इस मामले की जांच करवाएंगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड न देने के पीछे का कारण विद्यार्थियों द्वारा नो ड्यूज फार्म पर हस्ताक्षर करवाकर जमा न करवाना है। उन्होंने बताया कि अगर विद्यार्थियों के अभिभावक फीस जमा करवाने में असमर्थ हैं तो वे एक अर्जी लिखकर प्रधानाचार्या को दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है।
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इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।
- सुनीता रुहिल, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।