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12 घंटे सील रहा जिला, देर रात बहाल हुईं नेट सेवाएं
Updated Mon, 27 Nov 2017 02:54 AM IST
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12 घंटे सील रहा जिला, देर रात बहाल हुईं नेट सेवाएं
चरखी दादरी।
जींद में सांसद राजकुमार सैनी व जसिया में यशपाल मलिक गुट की रैली को लेकर दादरी जिले से होकर रैली में पहुंचने वालों पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन पूर्णतया मुस्तैद रहा। जिले से जींद व हिसार जाने वाले रास्तों की बाहरी सीमाओं पर 12 घंटे के लिए प्रशासन ने 12 पुलिस नाके लगाए रखे। इन नाकों पर करीब 135 पुलिस के जवान तैनात रहे। इनके अलावा तीन रिजर्व कंपनियों में तैनात 90 जवान भी दंगारोधक उपकरणों से लैस होकर बाढड़ा, बौंदकलां व दादरी क्षेत्र में तैनात रहे। प्रदेश सरकार के आदेश पर जिले में एहतियात के तौर इंटरनेट सेवाएं रविवार को दूसरे दिन भी बंद रही। इंटरनेट सेवाएं देर रात बहाल हो गई। जिले की सुरक्षा के मददेनजर एसपी हिमांशु गर्ग ने 12 घंटे की नाकाबंदी का तीन अलग-अलग चरणों में जायजा लिया। हालांकि इस दौरान उन्हें पुलिस कर्मचारी पूर्णतया मुस्तैद मिले। रैलियों में जाने वाले वाहनों में स्कूली बसों की तादाद अधिक थी।
जाट बहुतुल्य चरखी दादरी जिले से जसिया रैली के लिए काफी तादाद में लोग रवाना हुए। इससे पहले यशपाल गुट की आरक्षण संघर्ष समिति को जिले की सभी खापों का आंदोलन के दौरान सहयोग मिला था। वहीं, जींद रैली के लिए भी जिले से ढाई से तीन दर्जन वाहन जाने का अनुमान है। हालांकि रैली में जाने वाली ज्यादातर गाड़ियों के बारे में जानकारी प्रशासन ने जुटा ली है। जसिया व जींद रैली को लेकर दादरी जिला भी संवेदनशील माना जा रहा था और इसी के मद्देनजर सरकार के आदेशों पर जिले में शनिवार से ही इंटरनेट सेवाएं बैन हैं। शनिवार सुबह चरखी दादरी जिले में इंटरनेट सेवा बाधित की गई थी जोकि रविवार देर शाम तक भी बहाल नहीं हो पाई थी। इससे पहले रैली में जाने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस कप्तान हिमांशु गर्ग ने जिले में 12 जगहों पर नाके लगाने के आदेश जारी किए थे। इनमें दादरी शहर में सात, बाढड़ा उपमंडल में दो व बौंदकलां क्षेत्र में तीन नाके लगाए गए। इन नाकों पर 10 से 12 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती रही। वहीं, मुख्य तीन नाकों पर तीन रिजर्व कंपनियां भी तैनात रही। एसपी हिमांशु गर्ग ने बताया कि इंटरनेट बंद होने के बावजूद सोशल साइट पर पुलिस कंट्रोल रूम के जरिए निगरानी रख रही है। शहर के साथ-साथ जींद व हिसार को जाने वाले रास्तों पर पुलिस का कड़ा पहरा है और इन रैलियों में जाने वाली प्रत्येक गाड़ियों को रोककर जांच की जा रही है और इन वाहनों में सवार लोगों का ब्यौरा भी पुलिस दर्ज कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के आगामी आदेशों तक इंटरनेट सेवाएं बाधित रहेंगी। उन्होंने बताया कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है।
सुनारिया से बुलाई गई फोर्स
पुलिस प्रवक्ता सुरेंद्र दांगी ने बताया कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए करीब 400 पुलिस कर्मचारी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि जिले के कुछ पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी अन्य जिलों में लगाई गई थी। इसलिए सुनारिया से एक कंपनी को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि इस कंपनी में 61 जवान है जोकि वहां ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं। एसपी हिमांशु गर्ग ने बताया कि जिले के सभी थानों में तैनात एएसआई या एसआई को 10 से 12 जवान देकर नाकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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पुलिस कर्मियों से रैली में जाने वालों की हुई जुुबानी जंग
रावलधी टी-प्वाइंट पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने दोपहर करीब 12 बजे रैली में जाने वाले तीन वाहनों को रूकवा लिया। इस दौरान चैकिंग की बात कहने पर इन वाहनों में सवार लोग भड़क उठे। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों पर बार-बार चेकिंग के लिए रूकवाकर परेशान करने का तर्क देते हुए बहस शुरू कर दी। उक्त लोगों ने बताया कि दादरी जिले से वो निकले भी नहीं है और छह नाकों पर उन्हें रुकवाकर एक से डेढ़ घंटा खराब कर दिया है। नाके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने इन बातों को नजरअंदाज करते हुए वाहनों की चेकिंग जारी रखी और जांच पूरी होने के बाद ही इन वाहनों को आगे बढ़ने दिया।
यहां-यहां रहे पुलिस नाके
एसपी हिमांशु गर्ग ने बताया कि जिले में 12 पुलिस नाके लगाए गए। उन्होंने बताया कि दादरी शहर में लोहारू चौक, कनीना मोड़, महेंद्रगढ़ चुंगी, घिकाड़ा बाईपास चौक, रावलधी टी-प्वाइंट व झज्जर टी-प्वाइंट पर नाकाबंदी की गई। उन्होंने बताया कि बाढड़ा उपमंडल में अटेला व क्रांतिकारी चौक पर पुलिस नाका लगाया गया। इसके अलावा बौंदकलां क्षेत्र में खेरड़ी नहर के समीप, सांवड़ अड्डे पर व इमलोटा गांव के समीप पुलिस ने नाका लगाया। सभी नाकों पर एक इंजचार्ज सहति 10 से 12 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई।
वर्जन::
पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर जिले में नाकाबंदी कर रैली में जाने वाले सभी वाहनों की जांच की। हमने दादरी, बाढड़ा व बौंदकलां क्षेत्र में 12 नाके लगाए जबकि दंगारोधक उपकरणों से लैस तीन कंपनियां भी तैनात रही। सोशल साइट पर पुलिस प्रशासन की कड़ी नजर है।
हिमांशु गर्ग, एसपी, चरखी दादरी
वर्जन:
एहतियात के तौर पर जिले में धारा-144 लागू है और सरकार के आगामी आदेशों तक इंटरनेट सेवाएं बाधित रहेंगी। जिले की कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए प्रशासन पूर्णतया मुस्तैद है।
विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी।
जींद में सांसद राजकुमार सैनी व जसिया में यशपाल मलिक गुट की रैली को लेकर दादरी जिले से होकर रैली में पहुंचने वालों पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन पूर्णतया मुस्तैद रहा। जिले से जींद व हिसार जाने वाले रास्तों की बाहरी सीमाओं पर 12 घंटे के लिए प्रशासन ने 12 पुलिस नाके लगाए रखे। इन नाकों पर करीब 135 पुलिस के जवान तैनात रहे। इनके अलावा तीन रिजर्व कंपनियों में तैनात 90 जवान भी दंगारोधक उपकरणों से लैस होकर बाढड़ा, बौंदकलां व दादरी क्षेत्र में तैनात रहे। प्रदेश सरकार के आदेश पर जिले में एहतियात के तौर इंटरनेट सेवाएं रविवार को दूसरे दिन भी बंद रही। इंटरनेट सेवाएं देर रात बहाल हो गई। जिले की सुरक्षा के मददेनजर एसपी हिमांशु गर्ग ने 12 घंटे की नाकाबंदी का तीन अलग-अलग चरणों में जायजा लिया। हालांकि इस दौरान उन्हें पुलिस कर्मचारी पूर्णतया मुस्तैद मिले। रैलियों में जाने वाले वाहनों में स्कूली बसों की तादाद अधिक थी।
जाट बहुतुल्य चरखी दादरी जिले से जसिया रैली के लिए काफी तादाद में लोग रवाना हुए। इससे पहले यशपाल गुट की आरक्षण संघर्ष समिति को जिले की सभी खापों का आंदोलन के दौरान सहयोग मिला था। वहीं, जींद रैली के लिए भी जिले से ढाई से तीन दर्जन वाहन जाने का अनुमान है। हालांकि रैली में जाने वाली ज्यादातर गाड़ियों के बारे में जानकारी प्रशासन ने जुटा ली है। जसिया व जींद रैली को लेकर दादरी जिला भी संवेदनशील माना जा रहा था और इसी के मद्देनजर सरकार के आदेशों पर जिले में शनिवार से ही इंटरनेट सेवाएं बैन हैं। शनिवार सुबह चरखी दादरी जिले में इंटरनेट सेवा बाधित की गई थी जोकि रविवार देर शाम तक भी बहाल नहीं हो पाई थी। इससे पहले रैली में जाने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस कप्तान हिमांशु गर्ग ने जिले में 12 जगहों पर नाके लगाने के आदेश जारी किए थे। इनमें दादरी शहर में सात, बाढड़ा उपमंडल में दो व बौंदकलां क्षेत्र में तीन नाके लगाए गए। इन नाकों पर 10 से 12 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती रही। वहीं, मुख्य तीन नाकों पर तीन रिजर्व कंपनियां भी तैनात रही। एसपी हिमांशु गर्ग ने बताया कि इंटरनेट बंद होने के बावजूद सोशल साइट पर पुलिस कंट्रोल रूम के जरिए निगरानी रख रही है। शहर के साथ-साथ जींद व हिसार को जाने वाले रास्तों पर पुलिस का कड़ा पहरा है और इन रैलियों में जाने वाली प्रत्येक गाड़ियों को रोककर जांच की जा रही है और इन वाहनों में सवार लोगों का ब्यौरा भी पुलिस दर्ज कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के आगामी आदेशों तक इंटरनेट सेवाएं बाधित रहेंगी। उन्होंने बताया कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है।
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सुनारिया से बुलाई गई फोर्स
पुलिस प्रवक्ता सुरेंद्र दांगी ने बताया कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए करीब 400 पुलिस कर्मचारी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि जिले के कुछ पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी अन्य जिलों में लगाई गई थी। इसलिए सुनारिया से एक कंपनी को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि इस कंपनी में 61 जवान है जोकि वहां ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं। एसपी हिमांशु गर्ग ने बताया कि जिले के सभी थानों में तैनात एएसआई या एसआई को 10 से 12 जवान देकर नाकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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पुलिस कर्मियों से रैली में जाने वालों की हुई जुुबानी जंग
रावलधी टी-प्वाइंट पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने दोपहर करीब 12 बजे रैली में जाने वाले तीन वाहनों को रूकवा लिया। इस दौरान चैकिंग की बात कहने पर इन वाहनों में सवार लोग भड़क उठे। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों पर बार-बार चेकिंग के लिए रूकवाकर परेशान करने का तर्क देते हुए बहस शुरू कर दी। उक्त लोगों ने बताया कि दादरी जिले से वो निकले भी नहीं है और छह नाकों पर उन्हें रुकवाकर एक से डेढ़ घंटा खराब कर दिया है। नाके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने इन बातों को नजरअंदाज करते हुए वाहनों की चेकिंग जारी रखी और जांच पूरी होने के बाद ही इन वाहनों को आगे बढ़ने दिया।
यहां-यहां रहे पुलिस नाके
एसपी हिमांशु गर्ग ने बताया कि जिले में 12 पुलिस नाके लगाए गए। उन्होंने बताया कि दादरी शहर में लोहारू चौक, कनीना मोड़, महेंद्रगढ़ चुंगी, घिकाड़ा बाईपास चौक, रावलधी टी-प्वाइंट व झज्जर टी-प्वाइंट पर नाकाबंदी की गई। उन्होंने बताया कि बाढड़ा उपमंडल में अटेला व क्रांतिकारी चौक पर पुलिस नाका लगाया गया। इसके अलावा बौंदकलां क्षेत्र में खेरड़ी नहर के समीप, सांवड़ अड्डे पर व इमलोटा गांव के समीप पुलिस ने नाका लगाया। सभी नाकों पर एक इंजचार्ज सहति 10 से 12 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई।
वर्जन::
पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर जिले में नाकाबंदी कर रैली में जाने वाले सभी वाहनों की जांच की। हमने दादरी, बाढड़ा व बौंदकलां क्षेत्र में 12 नाके लगाए जबकि दंगारोधक उपकरणों से लैस तीन कंपनियां भी तैनात रही। सोशल साइट पर पुलिस प्रशासन की कड़ी नजर है।
हिमांशु गर्ग, एसपी, चरखी दादरी
वर्जन:
एहतियात के तौर पर जिले में धारा-144 लागू है और सरकार के आगामी आदेशों तक इंटरनेट सेवाएं बाधित रहेंगी। जिले की कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए प्रशासन पूर्णतया मुस्तैद है।
विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी, चरखी दादरी