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नशे पर नकेल कसेगी एसटीएफ
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:48 AM IST
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नशे पर नकेल कसेगी एसटीएफ, आईजी करेंगे निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिले में अप्रैल-2018 तक पहला पुलिस पब्लिक स्कूल बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें न सिर्फ पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के बच्चे बल्कि आमजन के बच्चे भी पढ़ सकेंगे। इस बारे में शनिवार को जिला सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी बीएस संधू ने जानकारी दी। इसके अलावा डीजीपी ने जिले में पुलिस के लिए कंडम गाड़ियों के स्थान पर 30 हाईस्पीड गाड़ियां भेजने और हुडा, गांधीनगर की चौकियों को थानों में तब्दील कर स्टाफ में वृद्धि करने समेत कई सौगातों को जानकारी दी। साथ ही जिले में नशे पर अंकुश लगाने को एसटीएफ का गठन करने की भी बात कही।
बीएस संधू डीजीपी बनने के बाद पहली बार यमुनानगर आए थे। उन्हाेंने सचिवालय के सभागार में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस की ओर से यमुनानगर में पुलिस पब्लिक स्कूल बनाया जा रहा है, जिसके अप्रैल-2018 में शुरू होने की संभावना है। इसमें पुलिस अधिकारियाें, कर्मचारियों के अलावा आमजन के बच्चे भी पढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिले में पुलिस की कंडम गाड़ियों के स्थान पर 30 नई हाईस्पीड गाड़ियां जल्द भेजी जानी हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के लिए एरटिगा, ग्रामीण क्षेत्र के लिए स्कॉर्पियो गाड़ी दी जाएगी। कहा कि जल्द हर थाने में दो पीसीआर देने जा रहे हैं, जो जीपीएस से जुड़ी होंगी। जीपीएस की मदद से पुलिस किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंच सकेगी। इसके साथ फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस को भी 100 नंबर से कनेक्ट किया जाएगा। कहा कि शहर की बढ़ती आबादी व अपराध के मद्देनजर रख हुडा सेक्टर-17 व गांधीनगर में स्थित चौकियों को थानों में तब्दील कर जल्द स्टाफ भी बढ़ाया जाएगा। डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि नशे को रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया गया है। अभी इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। इसकी निगरानी आईजी करेंगे और एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी इसकी जिम्मेदारी देखेंगे। स्थानीय पुलिस नशे के कारोबार से जुड़े तमाम अपराधों को रोकने का कार्य करेगी। इससे पूर्व डीजीपी ने शहर के बुद्धिजीवियों से विचार-विमर्श कर जिले में आपराध से संबंधित दिक्कतों को जाना और एसपी समेत सभी डीएसपी व एसएचओ व चौकी इंचार्ज की बैठक लेकर समस्याओं के समाधान के दिशा-निर्देश दिए। मौके पर एसपी राजेश कालिया, डीएसपी मदन कांबोज, डीएसपी राजेंद्र कुमार, डीएसपी रणधीर सिंह, डीएसपी उषा कुंडू व पुलिस प्रवक्ता प्रवीन कौशल व अन्य मौजूद रहे।
शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी चलेगा ऑपरेशन दुर्गा
डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि महिला सुरक्षा हरियाणा पुलिस की प्राथमिकता है। इसके लिए ऑपरेशन दुर्गा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी डीएसपी व एसएचओ अपने क्षेत्र यह ऑपरेशन चलाएं। शहर के साथ ग्रणीण इलाकों में भी ऑपरेशन दुर्गा चलाकर कार्रवाई की जाए। खासकर जहां 10वीं व 12वीं तक के स्कूल या कालेज हैं, वहां ऑपरेशन के तहत निगरानी रखते हुए कार्रवाई करें।
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नाबालिग वाहन चालक के साथ पैरेंट्स का भी कटेगा चालान
डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि बढ़ते ट्रैफिक के कारण काफी हादसे हो रहे हैं। इसमें वाहन चालकों का नाबालिग होना और उन्हें यातायात संबंधी कोई जानकारी न होना एक कारण है। इसीलिए पुलिस की ओर से स्कूलों के माध्यम से सभी पैरेंट्स को संदेश भेजा जा चुका है कि वह अपने नाबालिग बच्चों को बाइक या कार न चलाने दें। अगर इसके बावजूद ऐसा होता पाया जाता है, तो नाबालिग वाहन चलाक के साथ पुलिस पैरेंट्स का भी चालान काटा जाएगा। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस को ओवरस्पीड व शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। उन्हाेंने कहा कि वाहनों के चालान से जो भी राशि सरकार को जाएगी, उसका आधा हिस्सा रोड सेफ्टी के लिए खर्च होगा। उन्हाेंने बताया कि जिले को दस लाख की राशि भेजी गई है। इससे जगह-जगह कैमरे लगाने सहित अन्य कार्य होंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिले में अप्रैल-2018 तक पहला पुलिस पब्लिक स्कूल बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें न सिर्फ पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के बच्चे बल्कि आमजन के बच्चे भी पढ़ सकेंगे। इस बारे में शनिवार को जिला सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी बीएस संधू ने जानकारी दी। इसके अलावा डीजीपी ने जिले में पुलिस के लिए कंडम गाड़ियों के स्थान पर 30 हाईस्पीड गाड़ियां भेजने और हुडा, गांधीनगर की चौकियों को थानों में तब्दील कर स्टाफ में वृद्धि करने समेत कई सौगातों को जानकारी दी। साथ ही जिले में नशे पर अंकुश लगाने को एसटीएफ का गठन करने की भी बात कही।
बीएस संधू डीजीपी बनने के बाद पहली बार यमुनानगर आए थे। उन्हाेंने सचिवालय के सभागार में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस की ओर से यमुनानगर में पुलिस पब्लिक स्कूल बनाया जा रहा है, जिसके अप्रैल-2018 में शुरू होने की संभावना है। इसमें पुलिस अधिकारियाें, कर्मचारियों के अलावा आमजन के बच्चे भी पढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिले में पुलिस की कंडम गाड़ियों के स्थान पर 30 नई हाईस्पीड गाड़ियां जल्द भेजी जानी हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के लिए एरटिगा, ग्रामीण क्षेत्र के लिए स्कॉर्पियो गाड़ी दी जाएगी। कहा कि जल्द हर थाने में दो पीसीआर देने जा रहे हैं, जो जीपीएस से जुड़ी होंगी। जीपीएस की मदद से पुलिस किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंच सकेगी। इसके साथ फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस को भी 100 नंबर से कनेक्ट किया जाएगा। कहा कि शहर की बढ़ती आबादी व अपराध के मद्देनजर रख हुडा सेक्टर-17 व गांधीनगर में स्थित चौकियों को थानों में तब्दील कर जल्द स्टाफ भी बढ़ाया जाएगा। डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि नशे को रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया गया है। अभी इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। इसकी निगरानी आईजी करेंगे और एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी इसकी जिम्मेदारी देखेंगे। स्थानीय पुलिस नशे के कारोबार से जुड़े तमाम अपराधों को रोकने का कार्य करेगी। इससे पूर्व डीजीपी ने शहर के बुद्धिजीवियों से विचार-विमर्श कर जिले में आपराध से संबंधित दिक्कतों को जाना और एसपी समेत सभी डीएसपी व एसएचओ व चौकी इंचार्ज की बैठक लेकर समस्याओं के समाधान के दिशा-निर्देश दिए। मौके पर एसपी राजेश कालिया, डीएसपी मदन कांबोज, डीएसपी राजेंद्र कुमार, डीएसपी रणधीर सिंह, डीएसपी उषा कुंडू व पुलिस प्रवक्ता प्रवीन कौशल व अन्य मौजूद रहे।
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शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी चलेगा ऑपरेशन दुर्गा
डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि महिला सुरक्षा हरियाणा पुलिस की प्राथमिकता है। इसके लिए ऑपरेशन दुर्गा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी डीएसपी व एसएचओ अपने क्षेत्र यह ऑपरेशन चलाएं। शहर के साथ ग्रणीण इलाकों में भी ऑपरेशन दुर्गा चलाकर कार्रवाई की जाए। खासकर जहां 10वीं व 12वीं तक के स्कूल या कालेज हैं, वहां ऑपरेशन के तहत निगरानी रखते हुए कार्रवाई करें।
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नाबालिग वाहन चालक के साथ पैरेंट्स का भी कटेगा चालान
डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि बढ़ते ट्रैफिक के कारण काफी हादसे हो रहे हैं। इसमें वाहन चालकों का नाबालिग होना और उन्हें यातायात संबंधी कोई जानकारी न होना एक कारण है। इसीलिए पुलिस की ओर से स्कूलों के माध्यम से सभी पैरेंट्स को संदेश भेजा जा चुका है कि वह अपने नाबालिग बच्चों को बाइक या कार न चलाने दें। अगर इसके बावजूद ऐसा होता पाया जाता है, तो नाबालिग वाहन चलाक के साथ पुलिस पैरेंट्स का भी चालान काटा जाएगा। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस को ओवरस्पीड व शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। उन्हाेंने कहा कि वाहनों के चालान से जो भी राशि सरकार को जाएगी, उसका आधा हिस्सा रोड सेफ्टी के लिए खर्च होगा। उन्हाेंने बताया कि जिले को दस लाख की राशि भेजी गई है। इससे जगह-जगह कैमरे लगाने सहित अन्य कार्य होंगे।