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तीन, पांच और आठवीं के बच्चों की नेशनल अचीवमेंट सर्वे करवाएगा एनसीईआरटी
Updated Sun, 12 Nov 2017 01:54 AM IST
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तीन, पांच और आठवीं के बच्चों की नेशनल अचीवमेंट सर्वे करवाएगा एनसीईआरटी
चरखी दादरी।
अब एनसीईआरटी कक्षा तीन, पांच व आठवीं के बच्चों की नेशनल अचीवमेंट सर्वे करवाएगा। इसके तहत इन कक्षाओं का भाषा, गणित व साइंस सहित विभिन्न विषयों का टेस्ट लेकर उनके अधिगम स्तर का आंकलन किया जाएगा ताकि ऐसे बच्चों के लिए अध्यापकों की शिक्षण पद्घति में सुधार करने के साथ-साथ पाठ्यक्रम में भी समुचित बदलाव किया जा सके। यह टेस्ट आने वाली 13 नवंबर को होना है और इसके नोडल अधिकारी एसडीएम होंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से गिरते शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास किया जा रहा हैं। शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को फेल न करने की नीति बनाई हुई है। पिछले दिनों से इस अधिनियम पर विभिन्न सवाल उठते आ रहे हैं। शिक्षाविदें और अध्यापकों का तर्क है कि फेल न करने की नीति से शिक्षा का स्तर गिरता है क्योंकि छात्र और शिक्षक दोनों ही इन कक्षाओं में शिक्षण-अधिगम की ओर से विशेष ध्यान नहीं देते क्योंकि छात्र फेल तो होगा ही नहीं। इस अधिनियम में एक प्रावधान यह भी है कि अगर कोई बच्चा एक दिन भी स्कूल नहीं गया है तो उसे उसकी आयु के अनुरूप उसी कक्षा में दाखिला करवाया जाए। हालांकि केंद्र की ओर से अब इस शिक्षा अधिकार अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। इसके लिए पिछले दिनों अध्यापक, शिक्षाविदों, विभाग अधिकारियों से सुझाव भी मांगे गए थे ताकि इसमें संशोधन कर नया प्रारूप तैयार किया जा सके। इस संशोधन के तहत सरकार अब पांचवीं कक्षा तक फेल न करने की नीति पर गंभीरता से काम कर रही है। गिरते शिक्षा स्तर में सुधार के लिए पिछले साल (एससीईआरटी) राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं अध्यापक प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम की ओर से सभी बच्चों का लर्निंग लेवल जांचा गया था। लर्निंग लेवल के अनुसार पाठयक्रम पूरा करवाए जाने की बात कही गई थी। परिषद की ओर से इस पर लगातार काम किया गया।
अब एनसीईआरटी करेगी सर्वे
अब एनसीईआरटी(राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं अध्यापक प्रशिक्षण परिषद) ने नया कदम उठाया है। इसके तहत स्कूली बच्चों का अचीवमेंट सर्वे कर उनका टेस्ट लिया जाएगा ताकि उनके (अधिगम स्तर) सीखने के स्तर को जांचा जा सके। इसके लिए सभी खंड व जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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खंड स्तर पर होंगे चुनिंदा परीक्षा सेंटर
एनसीईआरटी की ओर से इस नीति के तहत कक्षा तीन, पांच व आठ में पढ़ने वाले छात्रों का नेशनल अचीवमेंट सर्वे होगा। इसके तहत इन छात्रों का टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट में कक्षा तीन व पांच के छात्रों से भाषा बोध, गणित व ईवीएस से संबंधित प्रश्र पूछे जाएंगे। इसी प्रकार कक्षा आठ के छात्रों से भाषा बोध, साइंस ,गणित और सामाजिक अध्ययन विषय के प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके लिए खंड स्तर पर राजकीय स्कूलों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। खंड स्तर पर चुनिंदा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। जिले के बौंद कलां खंड में 15 ,दादरी खंड में 17 व करीब इतने ही बाढड़ा खंड में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
करीब तीन हजार बच्चे देंगे परीक्षा
जिले से करीब तीन हजार बच्चे टेस्ट में शामिल होंगे। इसके लिए अलग से निरीक्षक भी बनाए गए हैं ताकि परीक्षा को सुचारु रूप से संपन करवाया जा सके। चरखी दादरी व भिवानी दोनों जिलों में 173 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिनमें यह परीक्षा होनी है। एनसीईआरटी प्रतिनिधियों की ओर से परीक्षा की मॉनीटरिंग भी करवाई जाएगी।
एसडीएम होंगे नोडल ऑफिसर
इस परीक्षा के लिए एसडीएम को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है ताकि पूरी निगरानी रखी जा सके। इसी प्रकार ऑब्जर्वर के रूप में तहसीलदार व नायब तहसील को नियुक्त किया जाना है। इसके लिए सभी आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किए जा रहे हैं। प्रश्नपत्र कितने अंकों का होगा यह टेस्ट के दिन ही बच्चे को पता चल सकेगा। टेस्ट परिणाम के बाद नई शिक्षण पद्वतियों पर विचार किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो पाठ्यक्रम में भी बदलाव संभव है।
वर्सन-
शिक्षा में सुधार के लिए शिक्षा विभाग व एनसीईआरटी लगातार प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में इन कक्षाओं का अचीवमेंट टेस्ट एवं सर्वे किया जा रहा है। टेस्ट आयोजित करवाए जाने को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
कुलदीप सिंह, बीईईओ, खंड बौंद कलां
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चरखी दादरी।
अब एनसीईआरटी कक्षा तीन, पांच व आठवीं के बच्चों की नेशनल अचीवमेंट सर्वे करवाएगा। इसके तहत इन कक्षाओं का भाषा, गणित व साइंस सहित विभिन्न विषयों का टेस्ट लेकर उनके अधिगम स्तर का आंकलन किया जाएगा ताकि ऐसे बच्चों के लिए अध्यापकों की शिक्षण पद्घति में सुधार करने के साथ-साथ पाठ्यक्रम में भी समुचित बदलाव किया जा सके। यह टेस्ट आने वाली 13 नवंबर को होना है और इसके नोडल अधिकारी एसडीएम होंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से गिरते शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास किया जा रहा हैं। शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को फेल न करने की नीति बनाई हुई है। पिछले दिनों से इस अधिनियम पर विभिन्न सवाल उठते आ रहे हैं। शिक्षाविदें और अध्यापकों का तर्क है कि फेल न करने की नीति से शिक्षा का स्तर गिरता है क्योंकि छात्र और शिक्षक दोनों ही इन कक्षाओं में शिक्षण-अधिगम की ओर से विशेष ध्यान नहीं देते क्योंकि छात्र फेल तो होगा ही नहीं। इस अधिनियम में एक प्रावधान यह भी है कि अगर कोई बच्चा एक दिन भी स्कूल नहीं गया है तो उसे उसकी आयु के अनुरूप उसी कक्षा में दाखिला करवाया जाए। हालांकि केंद्र की ओर से अब इस शिक्षा अधिकार अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। इसके लिए पिछले दिनों अध्यापक, शिक्षाविदों, विभाग अधिकारियों से सुझाव भी मांगे गए थे ताकि इसमें संशोधन कर नया प्रारूप तैयार किया जा सके। इस संशोधन के तहत सरकार अब पांचवीं कक्षा तक फेल न करने की नीति पर गंभीरता से काम कर रही है। गिरते शिक्षा स्तर में सुधार के लिए पिछले साल (एससीईआरटी) राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं अध्यापक प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम की ओर से सभी बच्चों का लर्निंग लेवल जांचा गया था। लर्निंग लेवल के अनुसार पाठयक्रम पूरा करवाए जाने की बात कही गई थी। परिषद की ओर से इस पर लगातार काम किया गया।
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अब एनसीईआरटी करेगी सर्वे
अब एनसीईआरटी(राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं अध्यापक प्रशिक्षण परिषद) ने नया कदम उठाया है। इसके तहत स्कूली बच्चों का अचीवमेंट सर्वे कर उनका टेस्ट लिया जाएगा ताकि उनके (अधिगम स्तर) सीखने के स्तर को जांचा जा सके। इसके लिए सभी खंड व जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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खंड स्तर पर होंगे चुनिंदा परीक्षा सेंटर
एनसीईआरटी की ओर से इस नीति के तहत कक्षा तीन, पांच व आठ में पढ़ने वाले छात्रों का नेशनल अचीवमेंट सर्वे होगा। इसके तहत इन छात्रों का टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट में कक्षा तीन व पांच के छात्रों से भाषा बोध, गणित व ईवीएस से संबंधित प्रश्र पूछे जाएंगे। इसी प्रकार कक्षा आठ के छात्रों से भाषा बोध, साइंस ,गणित और सामाजिक अध्ययन विषय के प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके लिए खंड स्तर पर राजकीय स्कूलों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। खंड स्तर पर चुनिंदा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। जिले के बौंद कलां खंड में 15 ,दादरी खंड में 17 व करीब इतने ही बाढड़ा खंड में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
करीब तीन हजार बच्चे देंगे परीक्षा
जिले से करीब तीन हजार बच्चे टेस्ट में शामिल होंगे। इसके लिए अलग से निरीक्षक भी बनाए गए हैं ताकि परीक्षा को सुचारु रूप से संपन करवाया जा सके। चरखी दादरी व भिवानी दोनों जिलों में 173 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिनमें यह परीक्षा होनी है। एनसीईआरटी प्रतिनिधियों की ओर से परीक्षा की मॉनीटरिंग भी करवाई जाएगी।
एसडीएम होंगे नोडल ऑफिसर
इस परीक्षा के लिए एसडीएम को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है ताकि पूरी निगरानी रखी जा सके। इसी प्रकार ऑब्जर्वर के रूप में तहसीलदार व नायब तहसील को नियुक्त किया जाना है। इसके लिए सभी आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किए जा रहे हैं। प्रश्नपत्र कितने अंकों का होगा यह टेस्ट के दिन ही बच्चे को पता चल सकेगा। टेस्ट परिणाम के बाद नई शिक्षण पद्वतियों पर विचार किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो पाठ्यक्रम में भी बदलाव संभव है।
वर्सन-
शिक्षा में सुधार के लिए शिक्षा विभाग व एनसीईआरटी लगातार प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में इन कक्षाओं का अचीवमेंट टेस्ट एवं सर्वे किया जा रहा है। टेस्ट आयोजित करवाए जाने को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
कुलदीप सिंह, बीईईओ, खंड बौंद कलां