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निदेशक कार्यालय में घुस जमीन पर बैठ डॉक्टरों ने जताया विरोध

Thu, 21 Sep 2017 02:27 AM IST
Updated Thu, 21 Sep 2017 02:27 AM IST
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निदेशक कार्यालय में घुस जमीन पर बैठ डॉक्टरों ने जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक।
पीजीआई के वार्ड नंबर दो के लेबर रूम से चोरी हुए बच्चे के मामले में पीजीआई प्रशासन और फैकल्टी के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। दो सीनियर और एक पीजी डॉक्टर को चार्जशीट किए जाने पर बुधवार को पीजीआई फैकल्टी ने जनरल मीटिंग की। इस बैठक के बाद गुस्साएं स्त्री रोग के सभी डॉक्टर और अन्य विभागों के कुछ डॉक्टर शाम करीब साढ़े छह बजे निदेशक कार्यालय में घुस गए। सभी कार्रवाई का विरोध करते हुए कार्यालय में ही जमीन पर बैठ गए।
शाम करीब साढ़े छह बजे डॉक्टरों के विरोध के चलते पीजीआई के मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी बीच उन्हें मनाने के लिए हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. आरबी जैन निदेशक कार्यालय पहुंचे। डॉक्टरों के न मानने पर वह भी जमीन में बैठक गए। बाद में चार्जशीट हुईं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिति नंदा खुद वहां पहुंचीं और डॉक्टरों से बात की। उनके खिलाफ हुई कार्रवाई से नाराज डॉक्टरों ने निदेशक और एमएस पर भी कार्रवाई की मांग की। डॉ. नंदा ने अपील करते हुए कहा, डॉक्टर जिम्मेदारी समझें और मरीज को कोई परेशानी न होने दें। इसके बाद करीब साढ़े आठ बजे डॉक्टरों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया।
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हड़ताल पर जा सकते हैं डॉक्टर
हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने पीजीआई में शाम चार बजे से साढे़ चार बजे तक कैंपस में बैठक की। इसमें एसोसिएशन के प्रधान डॉ. आरबी जैन सहित संस्थान की सभी सीनियर और जूनियर फैकल्टी मौजूद रही। जांच कमेटी की रिपोर्ट में क्या सामने आया है, यह जाने बिना बैठक में पहुंचने पर प्रधान के खिलाफ डॉक्टरों ने नाराजगी जताई। डॉक्टरों ने कहा, पूर्व सीएम के मामले में बगैर गलती के कार्रवाई कर दी गई, अब बच्चा चोरी मामले में स्वास्थ्य मंत्री विज अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे। इस पर कुछ पदाधिकारियों ने पद से इस्तीफा देने तक की बात कह दी। वहीं डॉक्टरों ने निदेशक और एमएस पर भी कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रधान डॉ. जैन पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि बगैर 164 का रुक्का भिजवाए एमएस ने डॉक्टरों को पुलिस थाने में जांच के लिए जाने को कैसे कहा। वहीं सवाल उठाया गया कि नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट की जांच रिपोर्ट पर सीनियर डॉक्टर पर कार्रवाई कैसे कर दी गई। अब क्या जूनियर अपने सीनियर की जांच करेंगे। वहीं अगली बैठक कर समाधान करने को कहा गया। वहीं डॉक्टरों ने समाधान होने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी तक दे दी।
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डॉ. नंदा के समझाने पर काम पर लौटे डॉक्टर
स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिति नंदा को चार्जशीट किए जाने के मामले में बुधवार सुबह से ही स्त्री रोग विभाग में डॉक्टरों में रोष चल रहा था। सभी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे थे, लेकिन जैसे-तैसे डॉ. स्मिति नंदा ने सभी को शांत किया और ऐसा न करने को कहा। हालांकि देर शाम सभी डॉक्टरों में आक्रोश बढ़ गया और सभी निदेशक कार्यालय पर विरोध जताने पहुंच गए। विरोध देखते हुए अधिकारी अपने कार्यालय से चले गए। इसके बाद सभी डॉक्टर निदेशक कार्यालय में ही जमीन पर बैठ गए। बाद में एचएसएमटीए के प्रधान डॉ. आरबी जैन डॉक्टरों को समझाने पहुंचे, लेकिन कोई नहीं माना। स्थिति यह हुई कि डॉ. जैन स्वयं डॉक्टरों के साथ जमीन पर बैठ गए और समझाने में लग गए। वहीं हंगामे की सूचना पर विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिति नंदा मौके पर गई और सभी को ऐसा न करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी जाकर अपनी जिम्मेदारी संभाले, मरीजों को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। इसके बाद सभी डॉक्टर मौके से चले गए और उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में कुलपति से मुलाकात करेंगे और अन्याय नहीं होने देंगे।

नर्सिंग एसोसिएशन ने एमएस और निदेशक पर जडे़ आरोप
पीजीआई नर्सिंग एसोसिएशन ने भी कैंपस परिसर में देर शाम बैठक कर निलंबन वापस न लेने पर हड़ताल की चेतावनी दी। एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव ने कहा है कि हरियाणा सरकार को तुरंत दखल देकर केस को सीबीआई के हवाले किया जाना चाहिए। यदि बच्चे के इलाज में कोई लापरवाही बरती जाती तो प्रशासन चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स को नौकरी से बर्खास्त कर देता तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन सुरक्षा में लापरवाही में जिम्मेदारी चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स की नहीं है। बच्चे के गुम होने की जिम्मेदारी निदेशक एवं चिकित्सा अधीक्षक की बनती है। उन्हें नैतिकता के आधार पर तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए। वहीं सूत्रों की मानें तो नर्सिंग स्टाफ मांग पूरी न होने पर सोमवार से सुबह नौ बजे से 11 बजे तक हड़ताल कर सकता है।


स्त्री रोग विभाग में लापरवाही का आरोप
स्त्री रोग विभाग में डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा है। गन्नौर के शेखपुरा से आए विजय ने बताया कि उसकी मामी सुशीला साढ़े सात माह की गर्भवती है। उसके गर्भ में उल्टा बच्चा है और लगातार दर्द हो रहा है। शाम छह बजे वार्ड में आए थे। रात 11 बजे तक किसी भी डॉक्टर ने नहीं देखा। जब स्टाफ से पूछों तो जवाब मिलता है कि डॉक्टर जब आएंगे तो जांच कर ली जाएगी।
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