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केंद्र के साथ 18 राज्यों में सरकार, फिर भी दिल मांगे मोर : शाह

Sat, 05 Aug 2017 02:16 AM IST
Updated Sat, 05 Aug 2017 02:16 AM IST
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केंद्र के साथ 18 राज्यों में सरकार, फिर भी दिल मांगे मोर : शाह
केंद्र के साथ 18 राज्यों में सरकार, फिर भी दिल मांगे मोर : शाह
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उड़ीसा, बंगाल, केरल और नॉर्थ ईस्ट अगला मिशन, भाजपा का सर्वोच्च आना अभी बाकी

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का कहना है कि केंद्र के साथ 18 राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकार होने के बावजूद उनकी जीत की भूख शांत नहीं हैं। अभी उड़ीसा, पश्चिमी बंगाल, केरल और नॉर्थ ईस्ट में जीतना बाकी है। वे रोहतक में तीन दिन के प्रवास के अंतिम दिन एमडीयू के टैगोर ऑडिटोरियम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

शाह ने कहा कि 9 अगस्त 2014 को जब वे अध्यक्ष बने तो साफ कहा था कि वे पार्टी की मौजूदा स्थित से संतुष्ट नहीं हैं। यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में जीत हासिल करने के बाद भी संतुष्टि नहीं मिली। बिहार में भी अब एनडीए की सरकार है।
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इतना ही नहीं, पार्टी शासित राज्यों में भी कार्यकर्ताओं को संतुष्ट नहीं होना चाहिए। सरकार 5 नहीं, बल्कि 25 साल के लिए चाहिए। भाजपा का टारगेट सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि मां भारती को विश्व गुरु बनाना है। पार्टी का राष्ट्रवाद प्रेरणा और अंतयोदय लक्ष्य है।
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तीन मिशन लेकर चलें कार्यकर्ता
शाह ने कहा कि पूरे देश में कार्यकर्ताओं को तीन लक्ष्य लेकर चलना होगा। पहला, एक भी आदमी भूख से नहीं सोना चाहिए। दूसरा, एक भी बच्ची की पढ़ाई बीच में नहीं छूटनी चाहिए। तीसरा, हर खेत में पानी पहुंचना चाहिए। भाजपा नेताओं नहीं, बल्कि विचारधारा की पार्टी है। युवा कार्यकर्ता अमित शाह जिंदाबाद के नारों की जगह मां भारती और भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाएं।

हरियाणवी नहीं, भाजपा स्टाइल से करें बूथ मजबूत
शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जो सरकार लहर के दम पर बनती है, वह अपराजित नहीं होती। हर बूथ के अंदर भाजपा का गढ़ बनाना है तभी पार्टी अपराजित बनेगी। इसके लिए 115 बूथ में जाकर संगठन को मजबूत करेंगे। वहां पर कार्यकर्ता हरियाणवी स्टाइल में सफेद कुर्ता पजामा पहनकर गए और खाना खाकर आए। इस तरह काम न करें बल्कि भाजपा स्टाइल में 5 बूथ पर 3 दिन जाकर संगठन को मजबूत बनाकर आएं।

रोहतक ऐतिहासिक नगरी, दयानंद की कर्मभूमि
अमित शाह ने इससे पहले कहा कि रोहतक को इसलिए चुना क्योंकि यह ऐतिहासिक नगरी है। महाभारत काल में नकुल अपने बड़े भाई युद्धिष्ठर को पत्र लिखकर बताया था कि यमुना और सतलुज के बीच एक नगर है। वह धनधान्य, स्वरों और मयूरों से भरपूर है। सभा पर्व में जिन सात-आठ नगरों का जिक्र है, उनमें से रोहतक एक है। साथ ही गुजरात में जन्म लेने वाले स्वामी दयानंद सरस्वती की कर्म भूमि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा रहे हैं।


बाइक पर तिरंगा व जुलूस यात्रा निकालें
वहीं, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल ने कहा कि पीएम मोदी ने देश में राष्ट्रवाद का माहौल बनाने का आह्वान किया है। इसके लिए 9 अगस्त से न केवल स्वच्छता अभियान चलाया जाए, बल्कि 75 बाइक सवार युवा कार्यकर्ता तिरंगा और मशाल यात्रा निकालें। 14 अगस्त को देश भक्ति के गीत गाए जाएं और गांधी, पटेल और भगत सिंह पर फिल्म भी दिखाई जाए। 15 अगस्त को ध्वजारोहण करें। 15 से 30 अगस्त के बीच न्यू इंडिया डायलॉग पर एक गोष्ठी की जाए।



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