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एमडीयू में यूजी के रिजल्ट जारी नहीं, पीजी के भरने पड़ रहे फार्म
Updated Mon, 26 Jun 2017 01:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एमडीयू की लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर से विद्यार्थियों को भुगतना पड़ सकता है। यूजी कोर्सों में फेल या पास का अभी पता नहीं, लेकिन विद्यार्थियों को मजबूरी में पीजी के फार्म भरने पड़ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थी फेल हो जाता है उसकी फीस भी व्यर्थ में जाएगी।
दरअसल, पीजी कोर्सों में दाखिला प्रक्रिया 15 जून को शुरू हुई थी। इसकी अंतिम तिथि 6 जुलाई है। ऐसे में उन विद्यार्थियों के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है, जिनका अभी तक यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट जारी नहीं किया गया। बीए और बीएससी आदि में फेल या पास की जानकारी नहीं होने के बावजूद विद्यार्थियों को अगली क्लास के लिए फार्म भरना पड़ रहा है।
उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से ऐसे विद्यार्थियों के लिए पोर्टल पर अपलोड किए गए फार्म में अवेटेड का विकल्प दिया गया है, लेकिन सवाल यह है कि यदि विद्यार्थी यूजी में फेल हो जाता है तो उसके लिए पीजी का फार्म भरने का कोई फायदा नहीं। ऐसे में विद्यार्थी के न केवल रुपये बर्बाद होंगे, बल्कि उसका समय भी व्यर्थ होगा। गौरतलब है कि पिछले सत्र में भी यूनिवर्सिटी की लापरवाही की वजह से विद्यार्थियों को परेशानी हुई थी।
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सेंट्रलाइज प्रवेश में भी यही हाल
कॉलेजों के साथ हाल ही में हुए यूनिवर्सिटी कैंपस के सेंट्रलाइज दाखिले वाले विद्यार्थियों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कैंपस के लिए पीजी कोर्सों में सेंट्रलाइज एडमिशन की प्रोसेस फीस और काउंसिलिंग फार्म के नाम पर एक विद्यार्थी को करीब 1500 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। यदि यह विद्यार्थी यूजी की परीक्षा में फेल हो जाता है तो इनके लिए पीजी की प्रवेश प्रक्रिया में पास होने का कोई वजूद नहीं है।
वापस नहीं होगी प्रोसेस फीस
पीजी कोर्सों में फार्म भरने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि कुछ कोर्सों के रिजल्ट जारी नहीं हुए हैं। दाखिला होने से पहले रिजल्ट जारी हो जाएंगे। यदि विद्यार्थी यूजी में फेल हो जाता है तो उसे प्रोसेस फीस वापस नहीं होगी।
- डॉ. जीपी सरोहा, निदेशक कंप्यूटर सेंटर।
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रोहतक। एमडीयू की लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर से विद्यार्थियों को भुगतना पड़ सकता है। यूजी कोर्सों में फेल या पास का अभी पता नहीं, लेकिन विद्यार्थियों को मजबूरी में पीजी के फार्म भरने पड़ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थी फेल हो जाता है उसकी फीस भी व्यर्थ में जाएगी।
दरअसल, पीजी कोर्सों में दाखिला प्रक्रिया 15 जून को शुरू हुई थी। इसकी अंतिम तिथि 6 जुलाई है। ऐसे में उन विद्यार्थियों के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है, जिनका अभी तक यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट जारी नहीं किया गया। बीए और बीएससी आदि में फेल या पास की जानकारी नहीं होने के बावजूद विद्यार्थियों को अगली क्लास के लिए फार्म भरना पड़ रहा है।
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उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से ऐसे विद्यार्थियों के लिए पोर्टल पर अपलोड किए गए फार्म में अवेटेड का विकल्प दिया गया है, लेकिन सवाल यह है कि यदि विद्यार्थी यूजी में फेल हो जाता है तो उसके लिए पीजी का फार्म भरने का कोई फायदा नहीं। ऐसे में विद्यार्थी के न केवल रुपये बर्बाद होंगे, बल्कि उसका समय भी व्यर्थ होगा। गौरतलब है कि पिछले सत्र में भी यूनिवर्सिटी की लापरवाही की वजह से विद्यार्थियों को परेशानी हुई थी।
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सेंट्रलाइज प्रवेश में भी यही हाल
कॉलेजों के साथ हाल ही में हुए यूनिवर्सिटी कैंपस के सेंट्रलाइज दाखिले वाले विद्यार्थियों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कैंपस के लिए पीजी कोर्सों में सेंट्रलाइज एडमिशन की प्रोसेस फीस और काउंसिलिंग फार्म के नाम पर एक विद्यार्थी को करीब 1500 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। यदि यह विद्यार्थी यूजी की परीक्षा में फेल हो जाता है तो इनके लिए पीजी की प्रवेश प्रक्रिया में पास होने का कोई वजूद नहीं है।
वापस नहीं होगी प्रोसेस फीस
पीजी कोर्सों में फार्म भरने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि कुछ कोर्सों के रिजल्ट जारी नहीं हुए हैं। दाखिला होने से पहले रिजल्ट जारी हो जाएंगे। यदि विद्यार्थी यूजी में फेल हो जाता है तो उसे प्रोसेस फीस वापस नहीं होगी।
- डॉ. जीपी सरोहा, निदेशक कंप्यूटर सेंटर।