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मरीज का रिकार्ड ही नहीं, उपचार क्या किया होगा
Updated Sat, 25 Aug 2018 03:00 AM IST
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मरीज का रिकार्ड ही नहीं, उपचार क्या किया होगा?
फोटो सहित एसएनजे 2
एचआईवी मरीज की मौत मामले में जांच करने खानपुर पहुंची सीडब्ल्यूसी की टीम।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। प्रदेश में एचआईवी मरीजों को लेकर सरकारी संस्थान कितने अलर्ट हैं, इसका खुलासा शुक्रवार को खानपुर मेडिकल कॉलेज सोनीपत पहुंची सीडब्ल्यूसी की टीम ने कर दिया है। यहां टीम सोनीपत के एचआईवी पीड़ित दंपति की मौत मामले की जांच करने पहुंची थी। हैरानी तो इस बात की सामने आई कि मरीजों का रिकार्ड तक सही नहीं था, ऐसे में बेहतर उपचार की कल्पना करना भी हास्यास्पद है।
सीडब्लयूसी के चेयरमैन डॉ. राज सांगवान ने बताया कि जांच टीम को रिकार्ड जांचने के लिए काफी अनियमितताएं मिली हैं। यहां ड्यूटी रोस्टर पर किसी के हस्ताक्षर तक नहीं थे। मरीज को कहां रेफर किया गया, इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। मरीज सोनीपत से पांच मिनट में रेफर हुए और खानपुर पहुंचे, यहां लगभग 30 मिनट आपात विभाग में रहने के बाद वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके चार घंटे बाद मरीज को कहां रेफर किया गया, कोई रिकार्ड नहीं है। यहां तक की मरीजों की दाखिला फाइल तक पूरी नहीं थी। फाइल के मुख्य पृष्ठ पर मोटे अक्षरों में एचआईवी पॉजिटिव लिखा था, इसे टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस संबंध में संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों को नोटिस कर जवाब तलब किया जाएगा। गौरतलब है कि एचआईवी पीड़ित दंपति में पहले पति ने दम तोड़ा और बाद में पत्नी ने। महिला को दाखिल करवाने के लिए सीडब्ल्यूसी को आगे आना पड़ा। यह मामला पीएसी टीम के समक्ष भी उठाया गया था। इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जांच के आदेश दे रखे हैं।
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मरीज का रिकार्ड ही नहीं, उपचार क्या किया होगा?
फोटो सहित एसएनजे 2
एचआईवी मरीज की मौत मामले में जांच करने खानपुर पहुंची सीडब्ल्यूसी की टीम।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। प्रदेश में एचआईवी मरीजों को लेकर सरकारी संस्थान कितने अलर्ट हैं, इसका खुलासा शुक्रवार को खानपुर मेडिकल कॉलेज सोनीपत पहुंची सीडब्ल्यूसी की टीम ने कर दिया है। यहां टीम सोनीपत के एचआईवी पीड़ित दंपति की मौत मामले की जांच करने पहुंची थी। हैरानी तो इस बात की सामने आई कि मरीजों का रिकार्ड तक सही नहीं था, ऐसे में बेहतर उपचार की कल्पना करना भी हास्यास्पद है।
सीडब्लयूसी के चेयरमैन डॉ. राज सांगवान ने बताया कि जांच टीम को रिकार्ड जांचने के लिए काफी अनियमितताएं मिली हैं। यहां ड्यूटी रोस्टर पर किसी के हस्ताक्षर तक नहीं थे। मरीज को कहां रेफर किया गया, इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। मरीज सोनीपत से पांच मिनट में रेफर हुए और खानपुर पहुंचे, यहां लगभग 30 मिनट आपात विभाग में रहने के बाद वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके चार घंटे बाद मरीज को कहां रेफर किया गया, कोई रिकार्ड नहीं है। यहां तक की मरीजों की दाखिला फाइल तक पूरी नहीं थी। फाइल के मुख्य पृष्ठ पर मोटे अक्षरों में एचआईवी पॉजिटिव लिखा था, इसे टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस संबंध में संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों को नोटिस कर जवाब तलब किया जाएगा। गौरतलब है कि एचआईवी पीड़ित दंपति में पहले पति ने दम तोड़ा और बाद में पत्नी ने। महिला को दाखिल करवाने के लिए सीडब्ल्यूसी को आगे आना पड़ा। यह मामला पीएसी टीम के समक्ष भी उठाया गया था। इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जांच के आदेश दे रखे हैं।
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