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सीएम सहित कई मंत्रियों से परिजन लगाएंगे गुहार
Updated Sun, 24 Sep 2017 02:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई के वार्ड-2 के लेबर रूम से बच्चा चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। बच्चे के परिजन अब करनाल में होने वाले खेल महाकुंभ में मंत्रियों के सामने जाकर गुहार लगाएंगे। वहीं शुक्रवार को राज्यपाल की तरफ से भेजे गए पत्र के बाद डायरेक्टर डॉ. राकेश गुप्ता को तत्काल प्रभाव से रिलीव कर दिया गया है।
लेबर रूम से जन्म के कुछ देर बाद ही बच्चा चोरी मामले में पुलिस के साथ-साथ संस्थान के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए परिजनों को मंगलवार तक का आश्वासन दे रखा है। पीजीआई परिसर में धरने पर बैठे बच्चे के परिजनों का कहना है कि अब करनाल में 24 सितंबर को होने वाले खेल महाकुंभ में जाएंगे। वहां पर सीएम से लेकर स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाएंगे। यदि वहां पर भी मुलाकात नहीं हो पाती तो अंबाला में जाकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलेंगे। जब तक बच्चा नहीं मिल जाता किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेंगे। बच्चा चोरी मामले पर कई अन्य और अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों ने डायरेक्टर और एक वरिष्ठ अधिकारी से इस्तीफा मांगा था। डायरेक्टर ने पढ़ाई और शोध का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया, जबकि दूसरे अधिकारी ने इस्तीफा नहीं दिया। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही उन पर भी गाज गिर सकती है।
गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने भी खोला मोर्चा, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
बच्चा चोरी प्रकरण के बीच शनिवार को पीजीआई के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने भी अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संघ के प्रधान सुरेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि बच्चा चोरी होने के मामले में अधिकारियों की लापरवाही है। केवल डायरेक्टर का हटना काफी नहीं है। सुरक्षा से जुड़े दूसरे अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं उन्होंने रोष जताया कि बिना जांच पड़ताल के छोटे कर्मचारियों को परेशान किया गया। इस मामले में संस्थान के अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस भी पूरी तरह फेल रही है। इसी वजह से इतने दिन बाद भी बच्चे का पता नहीं चल सका। पुराने 14-जे के मकानों की हालत भी जर्जर हो चुकी है। उनकी मरम्मत भी तत्काल करायी जाए। इस मौके पर बलवान सिंह, बालमुकुंद, पुष्पेंद्र, राजेश कुमार, रोहताश और तान सिंह आदि मौजूद रहे।
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रोहतक।
पीजीआई के वार्ड-2 के लेबर रूम से बच्चा चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। बच्चे के परिजन अब करनाल में होने वाले खेल महाकुंभ में मंत्रियों के सामने जाकर गुहार लगाएंगे। वहीं शुक्रवार को राज्यपाल की तरफ से भेजे गए पत्र के बाद डायरेक्टर डॉ. राकेश गुप्ता को तत्काल प्रभाव से रिलीव कर दिया गया है।
लेबर रूम से जन्म के कुछ देर बाद ही बच्चा चोरी मामले में पुलिस के साथ-साथ संस्थान के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए परिजनों को मंगलवार तक का आश्वासन दे रखा है। पीजीआई परिसर में धरने पर बैठे बच्चे के परिजनों का कहना है कि अब करनाल में 24 सितंबर को होने वाले खेल महाकुंभ में जाएंगे। वहां पर सीएम से लेकर स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाएंगे। यदि वहां पर भी मुलाकात नहीं हो पाती तो अंबाला में जाकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलेंगे। जब तक बच्चा नहीं मिल जाता किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेंगे। बच्चा चोरी मामले पर कई अन्य और अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों ने डायरेक्टर और एक वरिष्ठ अधिकारी से इस्तीफा मांगा था। डायरेक्टर ने पढ़ाई और शोध का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया, जबकि दूसरे अधिकारी ने इस्तीफा नहीं दिया। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही उन पर भी गाज गिर सकती है।
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गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने भी खोला मोर्चा, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
बच्चा चोरी प्रकरण के बीच शनिवार को पीजीआई के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने भी अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संघ के प्रधान सुरेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि बच्चा चोरी होने के मामले में अधिकारियों की लापरवाही है। केवल डायरेक्टर का हटना काफी नहीं है। सुरक्षा से जुड़े दूसरे अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं उन्होंने रोष जताया कि बिना जांच पड़ताल के छोटे कर्मचारियों को परेशान किया गया। इस मामले में संस्थान के अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस भी पूरी तरह फेल रही है। इसी वजह से इतने दिन बाद भी बच्चे का पता नहीं चल सका। पुराने 14-जे के मकानों की हालत भी जर्जर हो चुकी है। उनकी मरम्मत भी तत्काल करायी जाए। इस मौके पर बलवान सिंह, बालमुकुंद, पुष्पेंद्र, राजेश कुमार, रोहताश और तान सिंह आदि मौजूद रहे।
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