{"_id":"5a76273a4f1c1b8c268b83a7","slug":"171517692730-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग से दुष्कर्म का मामला, अदालत ने दी आरोपी को 20 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग से दुष्कर्म का मामला, अदालत ने दी आरोपी को 20 साल की सजा
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत का फैसला
हिसार के जीप चालक को 20 साल की कैद, 20 हजार रुपये जुर्माना
- महम से मुंढाल के बीच जीप चलाता था हिसार जिले के गांव पुठ्ठी निवासी संदीप
- बाइक पर साथी के साथ मिलकर किया पीड़िता का अपहरण
- आरोपी की भाभी को पुलिस दे चुकी है क्लीनचिट, दूसरा आरोपी अब तक फरार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने डेढ़ साल पहले नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार जीप चालक हिसार जिले के गांव पुठ्ठी निवासी संदीप को 20 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन के अनुसार एक व्यक्ति ने महम थाने में अगस्त 2016 में शिकायत दी कि परिवार के सदस्य खेत में गए हुए थे। रात 9 बजे वापस घर आए तो उसकी लड़की नहीं मिली। घर के मोबाइल फोन की जांच की तो उस पर दो काल आई हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की। एक सप्ताह बाद लड़की को बरामद कर अदालत में पेश किया। साथ ही पुलिस ने पुठ्ठी गांव निवासी संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया।
लड़की ने अदालत को बताया कि जब वह घर से खेत की तरफ जा रही थी तभी रास्ते में संदीप बाइक पर अपने एक साथी के साथ आया। दोनों उसे सुनसान इलाके में ले गए, जहां सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी के गांव पुठ्ठी ले जाया गया, वहां भी उसके साथ गलत कार्य किया गया। पुलिस ने संदीप को नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर ले जाने के साथ-साथ सामूहिक दुष्कर्म व पोस्को एक्ट के तहत भी गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। वीरवार को एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने संदीप को दोषी करार दिया था। अब उसे आईपीसी की धारा 363 के तहत 3 साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद, 366 के तहत 7 साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद और 376डी के तहत 20 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। जुर्माना न भरने पर 4 माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
विज्ञापन
दूसरा आरोपी अब तक फरार
आरोपी पक्ष का कहना है कि कोर्ट ने केस के अंदर सामूहिक दुष्कर्म की बात मान कर सजा दी है, जबकि दूसरा आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं है। इतना ही नहीं, पुलिस ने न तो उसके वारंट निकलवाए हैं और न ही उसे भगोड़ा घोषित करवाया है।
निर्भया कांड के बाद बदलाव का असर
दिल्ली में हुए निर्भया कांड का फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी। इसमें साफ किया गया था कि अगर अदालत के अंदर आईपीसी की धारा 376डी के तहत दोष साबित होते हैं तो कम से कम 20 साल की सजा दी जा सकती है। इस केस के अंदर दोषी जीप चालक को इतनी ही सजा दी गई है।
विज्ञापन
हिसार के जीप चालक को 20 साल की कैद, 20 हजार रुपये जुर्माना
- महम से मुंढाल के बीच जीप चलाता था हिसार जिले के गांव पुठ्ठी निवासी संदीप
- बाइक पर साथी के साथ मिलकर किया पीड़िता का अपहरण
- आरोपी की भाभी को पुलिस दे चुकी है क्लीनचिट, दूसरा आरोपी अब तक फरार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने डेढ़ साल पहले नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार जीप चालक हिसार जिले के गांव पुठ्ठी निवासी संदीप को 20 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन के अनुसार एक व्यक्ति ने महम थाने में अगस्त 2016 में शिकायत दी कि परिवार के सदस्य खेत में गए हुए थे। रात 9 बजे वापस घर आए तो उसकी लड़की नहीं मिली। घर के मोबाइल फोन की जांच की तो उस पर दो काल आई हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की। एक सप्ताह बाद लड़की को बरामद कर अदालत में पेश किया। साथ ही पुलिस ने पुठ्ठी गांव निवासी संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
लड़की ने अदालत को बताया कि जब वह घर से खेत की तरफ जा रही थी तभी रास्ते में संदीप बाइक पर अपने एक साथी के साथ आया। दोनों उसे सुनसान इलाके में ले गए, जहां सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी के गांव पुठ्ठी ले जाया गया, वहां भी उसके साथ गलत कार्य किया गया। पुलिस ने संदीप को नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर ले जाने के साथ-साथ सामूहिक दुष्कर्म व पोस्को एक्ट के तहत भी गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। वीरवार को एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने संदीप को दोषी करार दिया था। अब उसे आईपीसी की धारा 363 के तहत 3 साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद, 366 के तहत 7 साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद और 376डी के तहत 20 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। जुर्माना न भरने पर 4 माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
विज्ञापन
दूसरा आरोपी अब तक फरार
आरोपी पक्ष का कहना है कि कोर्ट ने केस के अंदर सामूहिक दुष्कर्म की बात मान कर सजा दी है, जबकि दूसरा आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं है। इतना ही नहीं, पुलिस ने न तो उसके वारंट निकलवाए हैं और न ही उसे भगोड़ा घोषित करवाया है।
निर्भया कांड के बाद बदलाव का असर
दिल्ली में हुए निर्भया कांड का फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी। इसमें साफ किया गया था कि अगर अदालत के अंदर आईपीसी की धारा 376डी के तहत दोष साबित होते हैं तो कम से कम 20 साल की सजा दी जा सकती है। इस केस के अंदर दोषी जीप चालक को इतनी ही सजा दी गई है।