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नगर निगम की वार्डबंदी को लेकर सियासत का मामला

Fri, 23 Feb 2018 02:48 AM IST
Updated Fri, 23 Feb 2018 02:48 AM IST
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नगर निगम की वार्डबंदी को लेकर सियासत का मामला
फ्लैग : नगर निगम की वार्ड बंदी का मामला, कांग्रेसी ही उठाने लगे सवाल
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हेडिंग : मेयर के हस्ताक्षर आ रहे आड़े, आपत्ति थी क्यों जताई सहमति
: पूर्व विधायक बोले, जुटा रहे सबूत, रथ यात्रा के बाद करेंगे खुलासा
: निगम ने एडहॉक कमेटी के सभी सदस्यों को भेजी वार्डों की सूची, नक्शे का अभी इंतजार
: अब कॉलोनियों में ही उठने लगे सवाल, गुरुनानकपुरा में 25 को पंचायत

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम की वार्डबंदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। नोटिफिकेशन से पहले ही वायरल हुई वार्डबंदी को लेकर कांग्रेस अपनी ही मेयर को घेरने लगे हैं। पार्षदों का कहना है कि जब मेयर को वार्डबंदी को लेकर आपत्ति थी तो उन्होंने 13 फरवरी को एडहॉक कमेटी के अंदर फाइल पर हस्ताक्षर क्यों किए। अगर वे अदालत के अंदर जाते हैं तो अधिकारी यहीं पक्ष रखेंगे कि मीटिंग के समय मेयर ने कोई आपत्ति नहीं जताई, अब सियासत के चलते सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा का कहना है कि जल्द ही वार्डबंदी को लेकर की गई अनियमितताओं का खुलासा करेंगे।
नगर निगम की जनसंख्या 5 लाख 12 हजार पहुंच गई है। इसके चलते शहरी निकाय विभाग ने वार्डों की संख्या 20 से बढ़ाकर 22 कर दी है। इसके लिए गठित एडहॉक कमेटी की 10 दिन पहले मीटिंग हुई, जिसमें नई वार्डबंदी तैयार करके चंडीगढ़ भेज दी गई। कमेटी के अंदर सदस्य के तौर पर शामिल निगम मेयर रेनू डाबला ने कोई आपत्ति नहीं जताई। जबकि अब वार्डबंदी का ब्यौरा नोटिफिकेशन से पहले ही वायरल होने के बाद कांग्रेसियों के साथ-साथ भाजपा के कई पार्षद आक्रोशित हैं, क्योंकि नई वार्डबंदी में हर वार्ड की सीमाओं में फेरबदल किए गए हैं।
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नहीं करने चाहिए थे हस्ताक्षर
एडहॉक कमेटी की मीटिंग में मेयर को हस्ताक्षर नहीं करने चाहिए थे। अदालत के अंदर अगर केस जाता है तो यह सवाल जरूर उठेगा कि मीटिंग के अंदर मेयर ने सवाल क्यों नहीं उठाया। हालांकि अब भी अदालत से वार्डबंदी पर स्टे संभव है।
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एडवोकेट सुरेश नांदल, प्रतिनिधि महिला पार्षद सरिता देवी

पार्टी के अंदर आवाज नहीं सुनी तो लेंगे कड़ा फैसला
पांच साल तक वार्ड नंबर 3 के लोगों की सेवा की। दिन-रात गलियों में घूमकर काम करवाए। खासकर शौरा कोठी के एरिया में रिकार्ड तोड़ विकास कार्य हुए हैं। अब इसी एरिया को काटकर पड़ोसी के वार्ड नंबर 2 में मिला दिया गया। भाजपा से जुड़ने का यहीं इनाम मिला है। पार्टी संगठन के अंदर आवाज उठाएंगे। अगर न्याय नहीं मिला तो कड़ा फैसला भी लेंगे।
सुशील इंदौरा, पार्षद

‘चाचा’ ने 28 साल जिस एरिया को सींचा, वह भी गया
नगर निगम में सबसे बुजुर्ग पार्षद जयकिशन राजोतिया हैं, जो 1994 से शहर में चुनाव लड़ते रहे हैं। यहां तक पिछले चुनाव में भाजपा ने उन्हें अपना चुनाव चिन्ह दिया, लेकिन उन्होंने आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। सम्मान के साथ पार्षद उन्हें चाचा कहकर बोलते हैं। बकौल जयकिशन राजोतिया काठमंडी व जनता कालोनी से लगते एरिया से वे पिछले 28 साल से जुड़े रहे हैं। नई वार्डबंदी में वह भी चला गया। शुक्रवार शाम को सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर रोहतक आ सकते हैं। उनसे मिलकर अधिकारियों द्वारा तैयार की गई वार्डबंदी का आपत्ति दर्ज कराऊंगा।
जयकिशन राजोतिया, पार्षद

जनता के बीच जाऊंगा न्याय मांगने
राजनीतिक द्वेष के चलते वार्डबंदी की गई है। कड़ी मेहनत करके वार्ड में विकास कार्य करवाए। दोबारा चुनाव लड़ने का समय आया तो एरिया को ही तीन फाड़ कर दिया। लोगों के बीच जाऊंगा, मुझे न्याय चाहिए। सत्ता ने नहीं सुनी, उम्मीद है पब्लिक जरूर सुनेगी।
अशोक भाटी, डिप्टी मेयर

अब भी समय, एकजुट रहकर आगे बढ़ें
एडहॉक कमेटी की मीटिंग में सबकुछ जल्दबाजी में हुआ। ज्यादा सोचने का मौका ही नहीं मिला। अब भी कुछ नहीं बिगड़ा है। सभी कांग्रेसी पार्षद एकजुट रहें। अदालत के साथ-साथ पब्लिक के बीच भी लड़ाई लड़ें।
रेनू डाबला, मेयर

भुटानी व सहगल के बाद अब ममता व सुशीला असहज
पहली बार अपने दम पर सत्ता में आई भाजपा का इनेलो नेता राजू भुटानी ने दामन थामा था। हालांकि बाद में भाजपा के साथ उनका साथ ज्यादा लंबा नहीं चला। जबकि राकेश सहगल का कहना है कि वे तो मंत्री को केवल बधाई देने गए थे। इनेलो कभी नहीं छोड़ी। अब दुष्यंत चौटाला का प्रोग्राम करवा रहे हैं। वहीं एक दिन पहले वार्डबंदी पर सवाल उठाने वाली ममता ने चुप्पी साध ली है, जबकि सुशीला अब भी वार्डबंदी में हुई तोड़फोड़ से आहत हैं। सत्ता के अब तक के सफर में दूसरे दलों के कई नेता भी भाजपा से जुड़े हैं। इनेलो के राजकमल सहगल ने तो सीएम की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामा था।


गुरुनानकपुरा की 15 के पंचायत, बोले 15 साल से रिजर्वेशन में पीस रहे
गोहाना रोड के साथ लगते एरिया गुरुनानकपुरा, महाबीर कालोनी, सांईदास कालोनी व दूसरे एरिया में सामान्य समुदाय के लोगों की संख्या ज्यादा है। गुरुनानकपुरा मोहल्ला के प्रधान परविंदर जैन व गोहाना अड्डा के व्यापारी नेता कपिल नागपाल का कहना है कि पहले 10 हजार से ज्यादा सामान्य वर्ग के लोग बीसी वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड में शामिल थे। अब एससी बहुल एरिया से जोड़ दिया गया। सामान्य वार्ड बनवाने के लिए उन्होंने 25 फरवरी को महावीर मंदिर में पंचायत बुलाई है। इसके बाद शासन-प्रशासन से मांग करेंगे कि उनके वार्ड को सामान्य किया जाए। अगर सुनवाई नहीं हुई तो अदालत तक का दरवाजा खटखटाएंगे।
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