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चुनाव के पांच माह बाद भी शहर की सरकार का गठन नहीं

Fri, 07 Jun 2019 02:52 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2019 02:52 AM IST
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चुनाव के पांच माह बाद भी शहर की सरकार का गठन नहीं
रोहतक। चुनावी साल में शहर की सियासत एक बार फिर गरमाने लगी है। 18 जून को बुलाई नगर निगम हाउस की मीटिंग के एजेंडे व सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव फिर टलने पर कांग्रेस पार्षद जहां मुखर हो गए हैं, जबकि भाजपा पार्षद पर्दे के पीछे अपने काम निकालने की फिराक में हैं। निगम प्रशासन व मेयर के रवैये से नाराज कांग्रेस पार्षद मीटिंग कर सोमवार को आयुक्त को मांग पत्र देकर पार्षदों से पूछकर एजेंडा तय करने और सीनियर व डिप्टी मेयर का चुनाव कराने की मांग करेंगे। जबकि भाजपा पार्षद लिखित में खुद ही मेयर व निगम आयुक्त को अपने वार्ड की समस्याओं व विकास कार्यों की सूची देकर जाएंगे। अमर उजाला ने दोनों मुद्दों पर निगम पार्षदों की राय जानी, जिसमें 22 में से 20 ने अपनी राय यूं व्यक्त की।
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कांग्रेस समर्थक पार्षद बोले, मंत्री के इशारे पर लोकतंत्र का गला घोंट रहे अफसर
हाउस में 22 पार्षदों में सात से आठ कांग्रेस समर्थक पार्षद माने जाते हैं। इसमें वार्ड नंबर 1 से कृष्ण सहरावत, 9 से जयभगवान ठेकेदार, 11 से कदम सिंह अहलावत, 12 से मंजू हुड्डा, 18 से दीपिका नारा व 21 से अनिल कुमार शामिल हैं। कृष्ण सहरावत का कहना है कि उनके वार्ड में पानी से लेकर सफाई की समस्या है। लिखित में आयुक्त को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब बिना एजेंडे हाउस की मीटिंग बुलाई गई है। इसका कड़ा विरोध करेंगे। जयभगवान ठेकेदार का कहना है कि सेक्टर 3 की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से लेकर बोहर गांव व दूसरे एरिया में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। वे हाउस की मीटिंग में लोगों की आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन एजेंडा ही नहीं मांगा गया। कदम सिंह अहलावत का कहना है कि निगम का पत्र उनको मिला है, जिसमें केवल मीटिंग का समय व तिथि अंकित है। एजेंडे का कोई जिक्र नहीं है। इस तरह लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा ने कहा कि पार्षदों से एजेंडा मांगा जाना चाहिए। वहीं, गुलशन ईशपुनियानी का कहना है कि वे जल्द समर्थक पार्षदों की मीटिंग बुलाकर निगम आयुक्त से मिलेंगे। ताकि हाउस की मीटिंग से पहले एजेंडा तय करवाया जा सके। अगर आयुक्त नहीं माने तो उनके सामने अदालत का दरवाजा खटखटाने के सिवाय दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। दीपिका नारा का कहना है कि यूं पार्षदों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
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पर्दे के पीछे नाराजगी जता रहे भाजपा पार्षद
हाउस में वार्ड नंबर 3 से पार्षद तिलकराज राज चौहान, 6 से सुरेश किराड़, 13 से कंचन खुराना, 14 से राधेश्याम ढल, 16 से डिंपल जैन, 17 से राजकमल सहगल, 19 से मुक्ता नागपाल व 20 से पूनम किलोई ने भाजपा के टिकट पर निगम चुनाव जीता था। भाजपा पार्षद सुरेश किराड़ का कहना है कि वार्ड में पानी की समस्या है, जिसका समाधान अधिकारियों के माध्यम से ही होगा। कंचन खुराना का कहना है कि हाउस का एजेंडा तय कर मीटिंग बुलाई जाए। अफसर ज्यादा समय सीनियर व डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं टाल सकते। राधेश्याम ढल का कहना है कि पानी की किल्लत है, जिसे खुद फील्ड में रहकर दूर करवा रहा हूं। हाउस के अंदर भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखेंगे। डिंपल जैन बोलीं, पानी की समस्या उनके वार्ड में भी है, लेकिन लोगों को अपनी आदत में भी सुधार करना चाहिए। पानी आने पर उसे स्टोर करें, न की गलियों में बहाते रहें। हाउस में समस्या को उठाएंगे। राजकमल सहगल का कहना है कि उनके वार्ड में कोई समस्या नहीं है। पानी की थोड़ी किल्लत है, उसे भी जल्द दूर करवा देंगे। मुक्ता नागपाल के पति दीपू का कहना है कि शिवाजी कॉलोनी में गांधी कैंप व रेलवे रोड की तर्ज पर स्ट्रीट लाइट लगवानी है। अधिकारियों को लिखित में मांग पत्र देकर आएंगे। पूनम किलोई के पति सूरजमल किलाई का कहना है वे चंडीगढ़ गए हैं, आकर मामले में बात करेंगे।
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निर्दलीय बोले, पब्लिक मांग रही समाधान, मेयर 100 दिन का एजेंडा भी भूले
निगम की वार्ड 2 से सुमन सैनी, 4 से पप्पन गुलिया, 5 से गीता, 8 से सुनील कुमार व 22 से संतोष देवी ने निर्दलीय चुनाव जीता और बाद में भाजपा में शामिल हो गईं या समर्थन व्यक्त किया। अब हाउस में भाजपा समर्थक पार्षदों की संख्या 13 से ज्यादा हो चुकी है। समस्याओं का समाधान न होने से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले पार्षद भी मुखर होने लगे हैं। सुमन सैनी के पति सुरेश सैनी का कहना है कि उनके वार्ड में पानी व सफाई की समस्या है। मेयर व आयुक्त से बात करेंगे। जबकि पप्पन गुलिया का कहना है कि उनके वार्ड में 4 हजार से ज्यादा परिवार हैं, जबकि बूस्टर एकमात्र है। मेयर ने 100 दिन में पुराने शहर की पानी की समस्या के समाधान का वादा किया था, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। सुनील कुमार कहते हैं कि वे विदेश गए हुए थे। अब लोगों की समस्याओं को निगम प्रशासन तक पहुंचाएंगे। वहीं संतोष देवी के पति रामू का कहना है कि वे दिल्ली में हैं। आकर पानी की समस्या को मेयर के सामने रखेंगे।
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