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प्रदेश में पीजीआईएमएस को आर्गन ट्रांसप्लांट का नोडल सेंटर बनाने पर मंथन
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रोहतक। पीजीआई में लीवर, किडनी सहित अन्य ऑर्गन ट्रांसप्लांट शुरू करने को लेकर शनिवार को स्वर्ण जयंती सभागार में देश भर से आए एक्सपर्ट ने मंथन किया। इसमें कुलपति डॉ. ओपी कालरा के दिशा-निर्देशन में बैठक हुई। इसमें मुख्य रूप से मोहन फाउंडेशन एनजीओ के संस्थापक एवं मद्रास मेडिकल मिशन चेन्नई के सीनियर यूरोलोजिस्ट एंड ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. सुनील सरॉफ व गुरुग्राम से पल्लवी ने हिस्सा लिया।
कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने कहा कि उनकी तहे दिल से इच्छा है कि संस्थान में जल्द से जल्द में ऑर्गन ट्रांसप्लांट शुरू हो। इसके लिए संस्थान में चेन्नई से डॉ. सुनील सराफ आए हैं, इन्होंने दक्षिणी भारत में ट्रांसप्लांट को लेकर काफी कार्य किया है। राजस्थान में भी इन्होंने इसकी शुरुआत की और आज इसके परिणाम सामने आ रहे हैं। डॉ. सुनील ने दक्षिण भारत में मृत्यु के बाद अंग प्रत्यारोपण करवाने पर काफी जागरूकता फैलाई, इसके चलते वहां ब्रेन डेड व्यक्ति के अंग का प्रत्यारोपण हो रहा है। टीम ने संस्थान के विभिन्न विभागों का दौरा किया और अंग प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने के लिए अहम जानकारी ली। डॉ. सुनील सराफ ने भारत में अंग प्रत्यारोपण और हरियाणा के लिए रोडमैप विषय पर अपने विचार रखेे। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एमएस ग्रेवान ने अंग प्रत्यारोपण यूनिट के लिए मोडूलर ओटी एवं आईसीयू की स्थापना, यूरोलोजी विभागाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र पंवार ने पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट, डॉ. तराना गुप्ता ने लीवर के मरीजों पर चर्चा की और लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले मरीजों की पहचान के बारे में बताया। वहीं काला पीलिया के प्रमुख नोडल अधिकारी व केंद्र सरकार की टीम के सदस्य डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने पीजीआईएमएस में लीवर ट्रांसप्लांट शुरू करने व जीवन रेखा स्कीम से टीम को अवगत कराया। मौके पर डॉ. राजेश गोदारा, डॉ. सुरेखा डाबला, डॉ. मंजूनाथ, डॉ. अर्पणा, डॉ. एसके धत्तरवाल, डॉ. सुखबीर सिंह, डॉ. एमजी वशिष्ठ, निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव आदि मौजूद थे।
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कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने कहा कि उनकी तहे दिल से इच्छा है कि संस्थान में जल्द से जल्द में ऑर्गन ट्रांसप्लांट शुरू हो। इसके लिए संस्थान में चेन्नई से डॉ. सुनील सराफ आए हैं, इन्होंने दक्षिणी भारत में ट्रांसप्लांट को लेकर काफी कार्य किया है। राजस्थान में भी इन्होंने इसकी शुरुआत की और आज इसके परिणाम सामने आ रहे हैं। डॉ. सुनील ने दक्षिण भारत में मृत्यु के बाद अंग प्रत्यारोपण करवाने पर काफी जागरूकता फैलाई, इसके चलते वहां ब्रेन डेड व्यक्ति के अंग का प्रत्यारोपण हो रहा है। टीम ने संस्थान के विभिन्न विभागों का दौरा किया और अंग प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने के लिए अहम जानकारी ली। डॉ. सुनील सराफ ने भारत में अंग प्रत्यारोपण और हरियाणा के लिए रोडमैप विषय पर अपने विचार रखेे। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एमएस ग्रेवान ने अंग प्रत्यारोपण यूनिट के लिए मोडूलर ओटी एवं आईसीयू की स्थापना, यूरोलोजी विभागाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र पंवार ने पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट, डॉ. तराना गुप्ता ने लीवर के मरीजों पर चर्चा की और लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले मरीजों की पहचान के बारे में बताया। वहीं काला पीलिया के प्रमुख नोडल अधिकारी व केंद्र सरकार की टीम के सदस्य डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने पीजीआईएमएस में लीवर ट्रांसप्लांट शुरू करने व जीवन रेखा स्कीम से टीम को अवगत कराया। मौके पर डॉ. राजेश गोदारा, डॉ. सुरेखा डाबला, डॉ. मंजूनाथ, डॉ. अर्पणा, डॉ. एसके धत्तरवाल, डॉ. सुखबीर सिंह, डॉ. एमजी वशिष्ठ, निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव आदि मौजूद थे।
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