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विद्यार्थी कम होने पर प्रदेश के 59 कॉलेजों में कई कोर्स किए बंद
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:52 AM IST
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सरकार के आदेश में फंसे जिले के पांच कॉलेज
- 20 से कम विद्यार्थियों होने का दिया हवाला
अमर उजाला ब्यूरो
संापला।
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के जिन 59 राजकीय कॉलेज में कोर्स बंद किए हैं, उनमें जिले के भी पांच कॉलेज शामिल हैं। इन कॉलेजों में सात कोर्स बंद कर दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले का विरोध विपक्ष के नेताओं के अलावा कॉलेज प्रिंसिपल भी कर रहे हैं।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर राजकीय कॉलेज सांपला, राजकीय कन्या कॉलेज मोखरा व राजकीय जसिया कॉलेज पर पड़ा है। सांपला कॉलेज में कॉमर्स, मैथ, इकोनॉमिक्स, जसिया कॉलेज से मैथ, फिजियोलॉजी, मोखरा से इकोनॉमिक्स और कॉमर्स के पाठ्यक्रम बंद कर दिए गए हैं। जबकि सर छोटूराम कन्या कॉलेज सांपला व रोहतक कन्या कॉलेज में संस्कृत विषय को समाप्त कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने जिन कॉलेजों में एक विषय में 20 से कम विद्यार्थी थे, उन कॉलेज में पाठ्यक्रम बंद करने का निर्णय लिया है। वहीं विद्यार्थियों की मानें तो कॉलेज में पूरी फैकल्टी नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की संख्या 20 से भी कम रह गई थी। ऐसे में विपक्ष ने सवाल उठाया है कि शिक्षकों की समय पर भर्ती होती तो विद्यार्थी कोर्स से मुंह नहीं मोड़ते। सरकार ने जिम्मेदारी निभाने की बजाए कोर्स हटाकर विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया है।
बोले कॉलेज प्राचार्य
कॉलेज प्राचार्यों ने सरकार के इस फैसले कोे गलत बताया है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मैथ, इकोनॉमिक्स, कॉमर्स अहम विषय है। इन विषयों में छात्र संख्या कम है, लेकिन ये कोर्स बंद नहीं होने चाहिए थे।
- 20 से कम विद्यार्थियों होने का दिया हवाला
अमर उजाला ब्यूरो
संापला।
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के जिन 59 राजकीय कॉलेज में कोर्स बंद किए हैं, उनमें जिले के भी पांच कॉलेज शामिल हैं। इन कॉलेजों में सात कोर्स बंद कर दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले का विरोध विपक्ष के नेताओं के अलावा कॉलेज प्रिंसिपल भी कर रहे हैं।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर राजकीय कॉलेज सांपला, राजकीय कन्या कॉलेज मोखरा व राजकीय जसिया कॉलेज पर पड़ा है। सांपला कॉलेज में कॉमर्स, मैथ, इकोनॉमिक्स, जसिया कॉलेज से मैथ, फिजियोलॉजी, मोखरा से इकोनॉमिक्स और कॉमर्स के पाठ्यक्रम बंद कर दिए गए हैं। जबकि सर छोटूराम कन्या कॉलेज सांपला व रोहतक कन्या कॉलेज में संस्कृत विषय को समाप्त कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने जिन कॉलेजों में एक विषय में 20 से कम विद्यार्थी थे, उन कॉलेज में पाठ्यक्रम बंद करने का निर्णय लिया है। वहीं विद्यार्थियों की मानें तो कॉलेज में पूरी फैकल्टी नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की संख्या 20 से भी कम रह गई थी। ऐसे में विपक्ष ने सवाल उठाया है कि शिक्षकों की समय पर भर्ती होती तो विद्यार्थी कोर्स से मुंह नहीं मोड़ते। सरकार ने जिम्मेदारी निभाने की बजाए कोर्स हटाकर विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया है।
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बोले कॉलेज प्राचार्य
कॉलेज प्राचार्यों ने सरकार के इस फैसले कोे गलत बताया है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मैथ, इकोनॉमिक्स, कॉमर्स अहम विषय है। इन विषयों में छात्र संख्या कम है, लेकिन ये कोर्स बंद नहीं होने चाहिए थे।
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