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एमडीयू के ठेके पर लगे कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन का इंतजार
Updated Sun, 29 Apr 2018 02:48 AM IST
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एमडीयू के ठेके पर लगे कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन का इंतजार
- विवि में अनुबंधित कर्मचारियों की नहीं हो रही सुनवाई, घर चलाना हुआ मुश्किल
- कर्मचारी विवि प्रशासन से कई बार कर चुके हैं शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
एमडीयू के ठेके पर लगे कर्मचारियों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। रसोई में राशन खत्म हो चला है। बच्चों के दाखिले के लिए भी दूसरों से उधार लेकर काम चलाना पड़ा है। इसकी वजह इन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलना है। इसके चलते कर्मचारियों में कंपनी व विवि प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है। इधर, प्रशासन ने इससे साफ इनकार किया है।
कर्मचारियों का कहना है कि पिछले तीन महीने से लगातार काम कर रहे हैं। इसके बावजूद वेतन नहीं मिल रहा है। वेतन नहीं मिलने के कारण घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। रसोई राशन खत्म हो चला है। दुकानदार ने और उधार देने से मना कर दिया है। राशन खरीदने से पहले किरयाना स्टोर संचालक पुराना उधार चुकाने का दबाव बनाया रहा है। बच्चों को स्कूलों में दाखिला करना था। इसके लिए भी आस पड़ोस व रिश्तेदारों से रुपये उधार लेने पड़े। वेतन संबंधी समस्या के बारे में कई बार अधिकारियों को बताया जा चुका है। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारी व ठेकेदार दोनों चुप हैं।
एमडीयू कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज का कहना है कि वेतन संबंधी कोई परेशानी नहीं है। यदि किसी को दिक्कत है तो कार्यालय में आकर संपर्क करे। समस्या का समाधान किया जाएगा।
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- विवि में अनुबंधित कर्मचारियों की नहीं हो रही सुनवाई, घर चलाना हुआ मुश्किल
- कर्मचारी विवि प्रशासन से कई बार कर चुके हैं शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
एमडीयू के ठेके पर लगे कर्मचारियों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। रसोई में राशन खत्म हो चला है। बच्चों के दाखिले के लिए भी दूसरों से उधार लेकर काम चलाना पड़ा है। इसकी वजह इन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलना है। इसके चलते कर्मचारियों में कंपनी व विवि प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है। इधर, प्रशासन ने इससे साफ इनकार किया है।
कर्मचारियों का कहना है कि पिछले तीन महीने से लगातार काम कर रहे हैं। इसके बावजूद वेतन नहीं मिल रहा है। वेतन नहीं मिलने के कारण घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। रसोई राशन खत्म हो चला है। दुकानदार ने और उधार देने से मना कर दिया है। राशन खरीदने से पहले किरयाना स्टोर संचालक पुराना उधार चुकाने का दबाव बनाया रहा है। बच्चों को स्कूलों में दाखिला करना था। इसके लिए भी आस पड़ोस व रिश्तेदारों से रुपये उधार लेने पड़े। वेतन संबंधी समस्या के बारे में कई बार अधिकारियों को बताया जा चुका है। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारी व ठेकेदार दोनों चुप हैं।
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एमडीयू कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज का कहना है कि वेतन संबंधी कोई परेशानी नहीं है। यदि किसी को दिक्कत है तो कार्यालय में आकर संपर्क करे। समस्या का समाधान किया जाएगा।
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