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रूबला और खसरे की रोकथाम के लिए चलेगा टीका करण अभियान
Updated Wed, 21 Feb 2018 02:52 AM IST
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फोटो- 2सांपला में रूबेला योजना को लेकर मीटिंग करते डॉक्टर
रूबेला, खसरे की रोकथाम के लिए चलेगा टीकाकरण अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
सांपला।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब रूबेला और खसरा बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 15 अप्रैल के बाद शुरू होगा। जो करीब डेढ़ महीना चलेगा।
इस अभियान के दौरान सांपला ब्लॉक में नौ माह से 15 साल तक आयु के करीब 30 हजार बच्चाें को टीके लगाए जाएंगे। मंगलवार को जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की एक बैठक ली। जिसमें अभियान के बारे में रूपरेखा तैयार की गई। बताया गया कि जो स्कूल इस अभियान में सहयोग न दे उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एक एएनएम लगाएगी 200 टीके
एक एएनएम स्कूल में एक दिन में 200 बच्चों को टीके लगाएगी। जबकि ईट-भट्टे पर एक एनएम को 150 बच्चों को टीकाकरण करना होगा। इसमें आशा वर्कर्स व आंगनबाड़ी वर्कर्स का भी सहयोग लिया जाएगा। जिला अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण के लिए मोबाइल टीमों का भी गठन किया जाएगा। स्कूल ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान करके उनको भी टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए सभी स्कूलों के नोेडल शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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ये है बीमारी के प्रभाव
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रूबेला के प्रभाव से अंधापन, बहरापन, कमजोर दिमाग, जन्मजात दिल की बीमारी होती है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान रूबेला, संक्रमण के परिणाम स्वरूप शिशु जन्मजात रोगों के साथ पैदा होता है। इसी प्रकार से खसरा जानलेवा होता है। इसमें निमोनिया, दस्त और जीवन के लिए अन्य घातक समस्याएं बनती हैं।
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रूबेला, खसरे की रोकथाम के लिए चलेगा टीकाकरण अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
सांपला।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब रूबेला और खसरा बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 15 अप्रैल के बाद शुरू होगा। जो करीब डेढ़ महीना चलेगा।
इस अभियान के दौरान सांपला ब्लॉक में नौ माह से 15 साल तक आयु के करीब 30 हजार बच्चाें को टीके लगाए जाएंगे। मंगलवार को जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की एक बैठक ली। जिसमें अभियान के बारे में रूपरेखा तैयार की गई। बताया गया कि जो स्कूल इस अभियान में सहयोग न दे उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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एक एएनएम लगाएगी 200 टीके
एक एएनएम स्कूल में एक दिन में 200 बच्चों को टीके लगाएगी। जबकि ईट-भट्टे पर एक एनएम को 150 बच्चों को टीकाकरण करना होगा। इसमें आशा वर्कर्स व आंगनबाड़ी वर्कर्स का भी सहयोग लिया जाएगा। जिला अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण के लिए मोबाइल टीमों का भी गठन किया जाएगा। स्कूल ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान करके उनको भी टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए सभी स्कूलों के नोेडल शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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ये है बीमारी के प्रभाव
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रूबेला के प्रभाव से अंधापन, बहरापन, कमजोर दिमाग, जन्मजात दिल की बीमारी होती है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान रूबेला, संक्रमण के परिणाम स्वरूप शिशु जन्मजात रोगों के साथ पैदा होता है। इसी प्रकार से खसरा जानलेवा होता है। इसमें निमोनिया, दस्त और जीवन के लिए अन्य घातक समस्याएं बनती हैं।