फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   बॉक्सिंग हॉल में लहराते स्लोगन दे रहे बेटियों के सशक्तिकरण का संदेश

बॉक्सिंग हॉल में लहराते स्लोगन दे रहे बेटियों के सशक्तिकरण का संदेश

Mon, 08 Jan 2018 02:25 AM IST
Updated Mon, 08 Jan 2018 02:25 AM IST
विज्ञापन
बॉक्सिंग हॉल में लहराते स्लोगन दे रहे बेटियों के सशक्तिकरण का संदेश
बॉक्सिंग हॉल में लहराते स्लोगन दे रहे बेटियों के सशक्तीकरण का संदेश
विज्ञापन

- साई बॉक्सिंग एकेडमी के हॉल में बीएफआई ने टंगवाए बड़े-बड़े बैनर बने आकर्षण का केंद्र
- हर बैनर पर छपा स्लोगन दे रहा बेटियों को सशक्त बनने का संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
यहां दुपट्टा नहीं, सिर्फ पंच लहराते हैं। लड़कियां भी रिंग पसंद करती हैं, मगर स्कवेयर शेप। लड़कियां दिल नहीं, जबड़े भी तोड़ती हैं। ये स्लोगन बेटियों की मजबूत और सशक्तीकरण की कहानी कह रहे हैं। यकीन ना हो तो इनके पंच के सामने दो मिनट टिक कर इनकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। राजीव गांधी खेल परिसर के बॉक्सिंग हॉल में ऊपर लहराते स्लोगन और नीचे रिंग में बरसते घूंसे भी कुछ यही बयां कर रहे हैं।
दरअसल, देश में बॉक्सिंग को प्रोत्साहन देने के लिए बीएफआई (बॉक्सिंग फैडरेशन ऑफ इंडिया) पुरजोर प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने राजीव गांधी खेल परिसर में देश की पहली बॉक्सिंग एकेडमी शुरू की है। शनिवार को यहां दूसरी एलाइट वुमेन नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप का शुभारंभ हुआ है। यहां देश भर के मंझे हुए बॉक्सर चैंपियनशिप में शामिल हो रहे हैं। यहीं कॉमनवेल्थ व एशियन खेलों के लिए देश की बॉक्सिंग टीम के खिलाड़ियों का रास्ता तय होना है। चैंपियनशिप के विजेता इंडियन टीम के कैंप में शामिल होंगे। यहीं टीम का चयन होगा। इसके चलते यहां देश भर से 35 टीमों में 258 बॉक्सर आ रहे हैं। इनके साथ टीम के मैनेजर, कोच व अन्य लोग भी हैं।
विज्ञापन

बीएफआई ने इस अवसर को पूरी तरह भुनाते हुए बॉक्सिंग व बेटियों को प्रोत्साहित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। इसके चलते बॉक्सिंग हॉल में बड़े-बड़े बैनर लगवाएं गए हैं। इन पर बेटियों को खेलों में हिस्सा लेने व आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने वाले संदेश छपे हैं। बेटियों को सशक्त बनाने वाले ये संदेश चैंपियनशिप के मुकाबले देखने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पिछले करीब छह महीने से चैंपिशनशिप की तैयारियों में जुटे बीएफआई की क्रिएटिव टीम ने दो महीने की माथा पच्ची के बाद स्लोगन तैयार किए। बेटियों से जुड़े ये स्लोगन हॉल के अलावा खेल परिसर में भी कई जगह लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैंप में होगा खिलाड़ियों का चयन
कॉमनवेल्थ व एशियन खेलों के लिए देश की बॉक्सिंग टीम का चयन होना है। इसके लिए देश भर के बॉक्सरों का दमखम आजमाने के लिए बीएफआई ने रोहतक में एलाइट चैंपियनशिप रखी है। यहां कड़े मुकाबलों के बाद जीत कर आने वाले विजेता को इंडियन टीम के कैंप में शामिल किया जाएगा। कैंप में ही कॉमनवेल्थ व एशियन खेलों में जाने वाले खिलाड़ियों का चयन होगा।


ये हैं मुख्य स्लोगन
- कहीं सुना है पावरफुल मजबूत लड़कियां।
- लड़कियां भी रिंग पसंद करती हैं, मगर स्कवेयर शेप।
- लड़कियों की ताकत सर्वश्रेष्ठ।
- यहां दुपट्टा नहीं, सिर्फ पंच लहराते हैं।
- लड़कियां दिल नहीं, जबड़े भी तोड़ती हैं।

वर्जन :
चैंपिशनशिप को लेकर बीएफआई काफी समय से तैयारी कर रहा था। इसी कड़ी में बॉक्सिंग व बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्लोगन लिखने का फैसला लिया गया। इसे डिजाइन करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फेडरेशन की क्रिएटिव टीम की मदद से बॉक्सिंग हॉल को स्पर्धा के लिए खासतौर पर सजाया गया है।
- सतीश के सरहदी, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर एवं खेल निदेशक, बॉक्सिंग एकेडमी साई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed