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jat
Updated Tue, 21 Nov 2017 03:10 AM IST
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विद्यार्थियों को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कोई भी आपदा आने पर जल्दबाजी करने की बजाय उसका शांत दिमाग से समाधान सोचकर उसे तुरंत क्रियान्वित करें। वर्तमान में आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण सभी के लिए जरूरी हो गया है। क्योंकि आपदा कभी भी किसी भी रूप में आ सकती है। यह बात हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, गुड़गांव की रिसर्च ऑफिसर नीतू श्योकंद ने कही।
वह सोमवार को आपदा प्रबंधन विषय पर फायर सेफ्टी सप्ताह के तहत अखिल भारतीय जाट सूरमा स्मारक महाविद्यालय के कांफ्रेंस हाल में विद्यार्थियों को जागरूक कर रही थी। इस दौरान विद्यार्थियों, कॉलेज स्टाफ को गैस सिलेंडर से आगजनी से बचाव की मॉक ड्रिल भी करवाकर जागरूक किया गया। नीतू श्योकंद ने बताया कि जिला राजस्व अधिकारी ब्रह्मप्रकाश अहलावत के निर्देश अनुसार फायर सेफ्टी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसमें एक सप्ताह तक स्कूलों व कालेजों में कार्यक्रम कर विद्यार्थियों को आपदा से बचाने के प्रति जागरूक किया जाएगा। देश में विभिन्न प्रकार की प्राकृ तिक स्थितियां हैं। इस कारण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की आपदाएं आती हैं। इसलिए हमें हर प्रकार की आपदा से निपटने का प्रबंधन सीखना चाहिए। प्राकृतिक आपदाओं में जापान सबसे पहले स्थान पर और भारत 4वें स्थान पर है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी हरिकेश नेहरा, प्रदीप कुमार, राजेश, त्रिलोकचंद, राजेश व प्रदीप आदि ने आग लगने पर बचाव करने के प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। वहीं कालेज प्राचार्या डॉ. संगीता दलाल ने बताया कि कालेज में यूथ रेडक्रास के माध्यम से इस प्रकार के जन जागरूकता कार्यक्रम चलते रहेंगे। यूथ रेडक्रास की कालेज इकाई के कॉ-आर्डिनेटर डॉ. विवेक दांगी व अन्य सदस्यों ने भी विद्यार्थियों के साथ आपदा प्रबंधन की बारीकियां जानी। वहं मंच संचालन करते हुए वाईआरसी के काउंसलर डॉ. जसमेर सिंह ने कहा कि विद्यार्थी इस आपदा प्रबंधन के प्रशिक्षण का दिनचर्या में प्रयोग करें, ताकि आपदा आने पर किसी का जीवन बचाया जा सके। इस अवसर पर यूथ रेडक्रास की कालेज इकाई के कॉ-आर्डिनेटर डॉ. विवेक दांगी, डॉ. जसमेर सिंह हुड्डा, डॉ. शमशेर सिंह, डॉ. कांता राठी, डॉ. संजीत, डॉ. लक्ष्मी दांगी, रितू रानी, मीनू सहित काफी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कोई भी आपदा आने पर जल्दबाजी करने की बजाय उसका शांत दिमाग से समाधान सोचकर उसे तुरंत क्रियान्वित करें। वर्तमान में आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण सभी के लिए जरूरी हो गया है। क्योंकि आपदा कभी भी किसी भी रूप में आ सकती है। यह बात हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, गुड़गांव की रिसर्च ऑफिसर नीतू श्योकंद ने कही।
वह सोमवार को आपदा प्रबंधन विषय पर फायर सेफ्टी सप्ताह के तहत अखिल भारतीय जाट सूरमा स्मारक महाविद्यालय के कांफ्रेंस हाल में विद्यार्थियों को जागरूक कर रही थी। इस दौरान विद्यार्थियों, कॉलेज स्टाफ को गैस सिलेंडर से आगजनी से बचाव की मॉक ड्रिल भी करवाकर जागरूक किया गया। नीतू श्योकंद ने बताया कि जिला राजस्व अधिकारी ब्रह्मप्रकाश अहलावत के निर्देश अनुसार फायर सेफ्टी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसमें एक सप्ताह तक स्कूलों व कालेजों में कार्यक्रम कर विद्यार्थियों को आपदा से बचाने के प्रति जागरूक किया जाएगा। देश में विभिन्न प्रकार की प्राकृ तिक स्थितियां हैं। इस कारण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की आपदाएं आती हैं। इसलिए हमें हर प्रकार की आपदा से निपटने का प्रबंधन सीखना चाहिए। प्राकृतिक आपदाओं में जापान सबसे पहले स्थान पर और भारत 4वें स्थान पर है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी हरिकेश नेहरा, प्रदीप कुमार, राजेश, त्रिलोकचंद, राजेश व प्रदीप आदि ने आग लगने पर बचाव करने के प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। वहीं कालेज प्राचार्या डॉ. संगीता दलाल ने बताया कि कालेज में यूथ रेडक्रास के माध्यम से इस प्रकार के जन जागरूकता कार्यक्रम चलते रहेंगे। यूथ रेडक्रास की कालेज इकाई के कॉ-आर्डिनेटर डॉ. विवेक दांगी व अन्य सदस्यों ने भी विद्यार्थियों के साथ आपदा प्रबंधन की बारीकियां जानी। वहं मंच संचालन करते हुए वाईआरसी के काउंसलर डॉ. जसमेर सिंह ने कहा कि विद्यार्थी इस आपदा प्रबंधन के प्रशिक्षण का दिनचर्या में प्रयोग करें, ताकि आपदा आने पर किसी का जीवन बचाया जा सके। इस अवसर पर यूथ रेडक्रास की कालेज इकाई के कॉ-आर्डिनेटर डॉ. विवेक दांगी, डॉ. जसमेर सिंह हुड्डा, डॉ. शमशेर सिंह, डॉ. कांता राठी, डॉ. संजीत, डॉ. लक्ष्मी दांगी, रितू रानी, मीनू सहित काफी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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