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संजय जी आठ
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:38 PM IST
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सरदार सरोवर बांध परियोजना के लिए गांव उजाड़ने का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने सरदार सरोवर बांध परियोजना के निचले क्षेत्र में मध्यप्रदेश राज्य के 176 गांवों के 43 हजार परिवारों को जबरन उजाड़ने का कड़ा विरोध किया है। इसमें मध्यप्रदेश के सीए और प्रधानमंत्री से किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान ने मांग की है कि इन्हें विस्थापित करने से पहले इनका पूरी तरह से पुनर्वास कराया जाये। जमीन के बदले जमीन, आवास, स्कूल, बिजली और पानी आदि का प्रबंध किया जाए। इनको रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि पिछले 30 साल से नर्मदा नदी क्षेत्र के ये लोग डूब से बचने के लिए शांतिपूर्वक आंदोलन करते आ रहे हैं। परंतु सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मध्यप्रदेश सरकार इनकी सुध लेने की बजाय भयंकर दमनात्मक हथकंडे अपना रही है। सरकार की शह पर सरदार सरोवर बांध के सभी 30 गेट बंद करने की धमकी से हालात अत्यंत विकट और दयनीय हो गए हैं। यदि गेट बंद कर दिए जाते हैं तो 43 हजार परिवारों के जिंदा ही पानी में दफन होने की त्रासदी पैदा हो जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया है। 9 अगस्त को रोहतक आयुक्त कार्यालय पर किसान संगठनों के साझे धरने-प्रदर्शन में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया जाएगा।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने सरदार सरोवर बांध परियोजना के निचले क्षेत्र में मध्यप्रदेश राज्य के 176 गांवों के 43 हजार परिवारों को जबरन उजाड़ने का कड़ा विरोध किया है। इसमें मध्यप्रदेश के सीए और प्रधानमंत्री से किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान ने मांग की है कि इन्हें विस्थापित करने से पहले इनका पूरी तरह से पुनर्वास कराया जाये। जमीन के बदले जमीन, आवास, स्कूल, बिजली और पानी आदि का प्रबंध किया जाए। इनको रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि पिछले 30 साल से नर्मदा नदी क्षेत्र के ये लोग डूब से बचने के लिए शांतिपूर्वक आंदोलन करते आ रहे हैं। परंतु सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मध्यप्रदेश सरकार इनकी सुध लेने की बजाय भयंकर दमनात्मक हथकंडे अपना रही है। सरकार की शह पर सरदार सरोवर बांध के सभी 30 गेट बंद करने की धमकी से हालात अत्यंत विकट और दयनीय हो गए हैं। यदि गेट बंद कर दिए जाते हैं तो 43 हजार परिवारों के जिंदा ही पानी में दफन होने की त्रासदी पैदा हो जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया है। 9 अगस्त को रोहतक आयुक्त कार्यालय पर किसान संगठनों के साझे धरने-प्रदर्शन में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया जाएगा।
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