फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं शहर के नौ हजार लोग

मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं शहर के नौ हजार लोग

Sat, 15 Jul 2017 01:31 AM IST
Updated Sat, 15 Jul 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं शहर के नौ हजार लोग
मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं शहर के नौ हजार लोग
विज्ञापन

चरखी दादरी।
दो दशकों से कॉलोनियों के वैध होने की आस लगाए बैठे शहर के करीब नौ हजार मकान मालिकों का इंतजार और लंबा होता जा रहा है। नगर परिषद इन कॉलोनियों की वैधता की मांग सरकार से कई दफा कर चुकी है लेकिन अब तक इन पर संज्ञान नहीं लिया गया। नप अधिकारियों ने सरकार को इस संबंध में पत्र भी लिखे हैं। अवैध कॉलोनियों के इन परिवारों को शहर में रहने के बावजूद सीवरेज व सड़क नेटवर्क की सुविधा नहीं मिल पा रही। ऐसे में उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड पार्षदों ने भी इन कॉलोनियों को वैध करने की मांग सरकार से की है।
करीब 20 से 25 सालों से अवैध कॉलोनियों में रहने वालेे लोगों को अब तक सड़क, सीवरेज व अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। नगर परिषद दो बार इस संबंध में हैड ऑफिस को प्रस्ताव पारित कर इन अवैध एरिया को वैध किए जाने की मांग को लेकर पत्र लिख चुकी है। इन कॉलोनियों में सरकार ने बिजली की सुविधा तो दी है लेकिन सीवरेज व सड़क नेटवर्क पर ध्यान नहीं दिया गया है। नप के आंकड़े के अनुसार शहर में इस समय 25 हजार मकान मालिक हैं जिनमें करीब नौ हजार मकान मालिक सीवरेज व सड़क जैसी सुविधाओं से लंबे समय से वंचित बने हुए हैं। इस समय शहर के लाल डोरा की सीमा भी बढ़ाए की सख्त जरूरत बनी हुई है। चरखी दादरी को जिला बनने से पहले कांग्रेेस सरकार के शासनकाल में नगर परिषद का दर्जा भी मिल चुका है। नगर परिषद बनने के बाद नगर परिषद की तर्ज पर शहर का विकास नहीं हो पा रहा है। नगर परिषद बनने पर शहरवासियों को उम्मीद जगी थी कि अब शहर के लाल डोरा की सीमा भी बढ़ जाएगी तथा तेजी से विकास को भी गति मिल सकेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सरकार के निर्देश हैं कि जब तक कालोनी वैध नहीं होगी उसमें सड़क, पेयजल व सीवरेज जैसी सुविधाएं नहीं दी जाएंगी।
विज्ञापन

70 हजार है शहर की आबादी
शहर की आबादी इस समय करीब 80 हजार है। नगर परिषद के रिकार्ड के अनुसार 25 हजार मकान हैं। इसमें से करीब नौ हजार मकान अवैध कॉलोनियों में बने हैं। यह सभी मकान शहर की बाहरी कॉलोनियों में स्थित हैं। इन मकान मालिकों को इस समय सीवरेज, पेयजल व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इन भागों में कच्ची गलियां हैं। बिजली निगम ने बिजली आपूर्ति जरूर कर रखी है। ऐसे में बारिश के मौसम में तो इन अवैध एरिया में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कच्ची गलियों से बरसाती पानी नहीं निकल पाता। घरों के दूषित पानी का भी गलियों में ही जमाव बना रहता है। जिससे इन अवैध एरिया में रहने वाले लोगों का जीवन काफी मुश्किल बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन भागों में है अधिकतर अवैध एरिया
शहर की वीआईपी माने जाने वाली एमसी कॉलोनी का बाहरी एरिया भी अवैध है। कालोनी का 55 प्रतिशत एरिया ही वैध है। इसी प्रकार शहर की प्रेमनगर कॉलोनी में भी करीब 45 प्रतिशत एरिया अनप्रूवड है। यहां करीब 600 मकान मालिकों को सीवरेज व सड़क की सुविधा नहीं मिल पा रहा है। इसी प्रकार शहर की काफी पुरानी चंपापुरी एक्स्टेंशन कॉलोनी भी एप्रूवड होने के इंतजार में है। इस कॉलोनी में भी सुविधाओं की दरकार है। इसी प्रकार शहर के घिकाड़ा रोड पर हरिनगर का काफी एरिया है जो एप्रूवड नहीं है। यह एरिया भी काफी आबाद है। इन कॉलोनियों के काफी भागों में पेयजल की लाइन तो डाल रखी हैं लेकिन कुछ भागों में नहीं हैं। विभाग व सरकार के निर्देश हैं कि जब तक सीवरेज व पानी की लाइन नहीं डाली जाती सड़कें नहीं बनाई जा सकती।
बाक्स: कच्ची गलियां कर रही परेशान, सीवरेज लाइन की खल रही कमी
--सरकार को अवैध कालोनियों को जल्द ही वैध करना चाहिए ताकि उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं मिल सके। वार्डो में कच्ची गलियों से लोग परेशान हैं। अब बारिश के मौसम में कच्ची गलियां होने से जलभराव हो जाता है जिससे आवागमन भी नहीं हो पाता।
छोटूराम, वार्ड नंबर 18
--सरकार अवैध कालोनियों में सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाए। जब बिजली लाइन है तो पेयजल व सड़क जैसी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। इन कालोनियों को वैध कर सभी सुविधाएं दी जानी चाहएि।
राजपाल, वार्ड नंबर 21
--नगर परिषद बनने पर अब शहर के लाल डोरे की सीमा भी बढनी चाहिए ताकि इन कालोनियों को वैध करने में आसानी हो सके और यहां के लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिल सके।
सत्यवान, वार्ड नंबर दो
--अवैध कालोनियों में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। इन कालोनियों को सरकार ने जल्द ही वैध करना चाहिए ताकि इन लोगों को भी सीवरेज व सड़क जैसी सुविधाएं मिल सके।
बिमला देवी, वार्ड नंबर 17
-----------------
बाक्स: पार्षदों ने की कॉलोनियों को वैध करने व नप की सीमा बढ़ाने की मांग
--शहर की सभी अवैध कालोनियों को वैध करना चाहिए। नगर परिषद की सीमा का दायरा बढ़ना चाहिए। नगर परिषद की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर सरकार को जल्द ही अमल करना चाहिए ताकि शहर की अवैध कालोनियों में रह रहे लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिल सके।
कुलदीप गांधी, पार्षद वार्ड 18
--नगर परिषद की लाल डोरा सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। शहर के चारो ओर का दो किलोमीटर का दायरा लाल डोरा की सीमा में शामिल होना चाहिए इससे शहर का बाहर एरिया वैध होकर नगर परिषद में शामिल हो जाएगा तथा इन सभी कालोनियों का समुचित विकास हो सकेगा।
आनंद महराणा, पार्षद वार्ड 03
--शहर की हजारों की आबादी सुविधाओं को तरस रही है। सरकार को इन अवैध एरिया को जल्द ही कोई पॉलिसी बनाकर वैध करना चाहिए ताकि वर्षों से रह रहे इन लोगों को भी सीवरेज, सड़क और पेयजल जैसी सुविधाएं मिल सके।
सुमन देवी, पार्षद वार्ड 17
--नगर परिषद समय- समय पर सरकार को प्रस्ताव भेज रही है ताकि शहर की अवैध कालोनियां वैध हो सके। उनका कहना है कि कालोनियों के वैध होने पर ही इनका समुचित विकास हो सकेगा। सरकार को इन अवैध कालोनियों के लोगों को भी सड़क, सीवरेज व पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।

दिनेश जांगड़ा, पार्षद वार्ड 04
== वर्जन==
नगर परिषद दो बार प्रस्ताव पारित कर हैड ऑफिस भेज चुकी है ताकि अवैध एरिया वैध किया जा सके। नगर परिषद इसके लिए लगातार प्रयासरत है। जैसे ही यह एरिया एप्रूवड हो जाएगा सड़क व सीवरेज की सुविधा मिल जाएगी।
चेयरमैन संजय छपारिया, नगर परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed