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‘अमर उजाला फाउंडेशन’ के मेडिकल कैंप में उमड़े ग्रामीण
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:49 AM IST
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‘अमर उजाला फाउंडेशन’ के मेडिकल कैंप में उमड़े ग्रामीण
भिवानी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से गांव बापोड़ा में लगाए गए मेडिकल कैंप में 130 ग्रामीणों ने अपनी सेहत की जांच कराई। कैंप में 35 लोगों का रक्त परीक्षण किया गया और लोगों को निशुल्क दवा दी गई। बड़ी संख्या में महिला और छात्राओं ने स्त्री रोग विशेषज्ञ से चेकअप कराया और परामर्श लिया।
गांव बापोड़ा की ब्राह्मण धर्मशाला में बृहस्पतिवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से लगाए गए मेडिकल कैंप का शुभारंभ हनुमान जोहड़ी मंदिर के महंत चरणदास और गांव के सरपंच नरेश कुमार ने किया। कैंप में आस्था मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल से पीजीआई रोहतक के पूर्व कंसलटेंट डा. लवकेश रोहिल्ला, दंत रोग विशेषज्ञ डा. सुनीता, आईएमए सदस्य डा. संतोष पंघाल, शर्मा अस्पताल के संचालक डा. बीएन शर्मा ने ग्रामीणों की जांच की। कैंप में छात्राएं, महिलाओं, युवा-बुजुर्गों ने स्वास्थ्य की गई। इसके अलावा अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मरीजों को शुगर, मलेरिया आदि टेस्ट कर नि:शुल्क दवाइयां दी गई।
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ग्रामीण अचंल में मेडिकल कैंप समय की जरूरत: महंत चरणदास
महंत चरणदास ने कहा कि ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ ने स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का बेहतर प्रयास किया है। इस गांव में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। ग्रामीण अंचल में ऐसे मेडिकल कैंप समय की जरूरत है। इस दिशा में अमर उजाला फाउंडेशन काम कर रहा है, यह सराहनीय पहल है।
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सरपंच नरेश कुमार ने कहा कि ग्रामीणों को इलाज के लिए भिवानी सामान्य अस्पताल ही जाना पड़ता है। गांव में कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में अमर उजाला फाउंडेशन का कैंप गांव के मरीजों के लिए बेहतर साबित हुआ। जो लोग अस्पताल तक नहीं जा पाते थे उन्हें आज यहां उपचार मिला। कैंप में पंच जयबीर, पूर्व सरपंच, सुनील, राष्ट्रपति अवार्डी अशोक भारद्वाज, ग्रामीण मुकेश ने भी सहयोग किया। इससे पहले गांव की ओर से महिला पंच सुशीला व मंजू ने महिला चिकित्सकों को बुके भेंट कर स्वागत किया। चिकित्सकों व अतिथियों का स्वागत सरपंच नरेश व पंच जयवीर ने किया।
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जमीनी पानी व धुआं बिगाड़ रहा ग्रामीणों की सेहत
कैंप में जांच के लिए पहुंचे अधिकतर मरीज सांस, दमा, छाती दर्द, हाथ-पांव में दर्द, शुगर, दांतों में पायरिया, कमजोरी के शिकार मिले। देशी खानपान होने के बावजूद हड्डियों में दर्द और जोड़ों में दर्द की समस्या, कमजोरी की शिकायतें आ रही थी। स्कूली बच्चों के भी दांतों में पायरिया की शिकायत थी। जांच के लिए पहुंचे ग्रामीणों में 70 फीसदी तक पायरिया से पीड़ित थे। स्कूली बच्चों के दांतों में कीड़े, दांत के कमजोर होने की शिकायतें रही। विशेषज्ञों ने बताया कि जमीनी पानी और धुआं ग्रामीणों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। जमीनी पानी हार्ड है और इस कारण हड्डियां कमजोर हो रही हैं। पानी में फ्लोराइड ज्यादा होने के कारण दांतों में पीलेपन की शिकायत है। मसूडों की समस्या हो रही है। वहीं हुक्का, बीड़ी के सेवन के कारण अधिकतर ग्रामीणों सांस, दमा की शिकायत है।
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सरकारी अस्पताल दूर है और अच्छे डाक्टर फीस ज्यादा लेते हैं। सिर दर्द और घुटनों में दर्द की समस्या है। पिछले दो महीने से परेशान हूं लेकिन अस्पताल नहीं जा सकी। आज कैंप का पता लगा तो यहां दवाई लेने आई। अब दवाई मिली है और उम्मीद है कि जल्द ही दर्द से छुटकारा मिल जाएगा।
रत्नी देवी, महिला बुजुर्ग
सांस की दिक्कत है। कई बार समस्या ज्यादा हो जाती है। आज डाक्टर को दिखाने के बाद अच्छा लगा। दवाइयां ली है। अमर उजाला ने कैंप लगाकर गांव वालों के लिए अच्छा किया है।
सरस्वती देवी, वृद्धा
पिछले दो-तीन महीने से घुटनों में दर्द है। लेकिन अस्पताल नहीं जा पा रही थीं। आज कैंप का पता लगा तो यहां आकर डाक्टर को दिखाया। अब दवाइयां ली है।
कृष्णा, महिला
पेट में दिक्कत है। घरेलू कार्य की व्यस्तता के चलते अस्पताल भी नहीं जा पा रहा हूं। आज डाक्टर गांव आए तो अच्छा लगा और चेक करवा पाया। दवाइयां मिली है।
पूर्णचंद, ग्रामीण
चिकित्सकों की राय
मेडिकल कैंप में अधिकतर मरीजों को कमजोरी, सांस, दमा, शुगर की तकलीफ मिली। कमजोरी की शिकायत महिला मरीजों में े ज्यादा है। जिसका कारण है ज्यादा काम और नियमित डाइट नहीं लेना। लोगों को साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए और धूम्रपान या किसी तरह के नशे से बचना चाहिए।
डा. लवकेश रोहिल्ला
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जांच के लिए पहुंचे अधिकतर मरीजों के दांतों में पायरिया की शिकायत है। स्कूली छात्राओं के दांतों में भी पायरिया की शिकायत है। इसके अलावा कीडे़ लगे हुए हैं। यह समस्या नियमित सफाई नहीं होने के कारण है। कीड़ा जब मास तक चला जाता है तो दर्द होता है, तब मरीज डाक्टर के पास जाता है।
डा. सुनीता, दंत रोग विशेषज्ञ
लड़कियों, महिलाओं में जागरूकता की कमी है। अपनी समस्याओं को लेकर महिलाओं, लड़कियों में हिचक है। इस कारण अधिकतर में खून की कमी है। आज कैंप में जागरूक किया गया है और खानपान के बारे में भी बताया गया है।
डा. सुनीता, आईएमए सदस्य
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भिवानी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से गांव बापोड़ा में लगाए गए मेडिकल कैंप में 130 ग्रामीणों ने अपनी सेहत की जांच कराई। कैंप में 35 लोगों का रक्त परीक्षण किया गया और लोगों को निशुल्क दवा दी गई। बड़ी संख्या में महिला और छात्राओं ने स्त्री रोग विशेषज्ञ से चेकअप कराया और परामर्श लिया।
गांव बापोड़ा की ब्राह्मण धर्मशाला में बृहस्पतिवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से लगाए गए मेडिकल कैंप का शुभारंभ हनुमान जोहड़ी मंदिर के महंत चरणदास और गांव के सरपंच नरेश कुमार ने किया। कैंप में आस्था मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल से पीजीआई रोहतक के पूर्व कंसलटेंट डा. लवकेश रोहिल्ला, दंत रोग विशेषज्ञ डा. सुनीता, आईएमए सदस्य डा. संतोष पंघाल, शर्मा अस्पताल के संचालक डा. बीएन शर्मा ने ग्रामीणों की जांच की। कैंप में छात्राएं, महिलाओं, युवा-बुजुर्गों ने स्वास्थ्य की गई। इसके अलावा अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मरीजों को शुगर, मलेरिया आदि टेस्ट कर नि:शुल्क दवाइयां दी गई।
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ग्रामीण अचंल में मेडिकल कैंप समय की जरूरत: महंत चरणदास
महंत चरणदास ने कहा कि ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ ने स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का बेहतर प्रयास किया है। इस गांव में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। ग्रामीण अंचल में ऐसे मेडिकल कैंप समय की जरूरत है। इस दिशा में अमर उजाला फाउंडेशन काम कर रहा है, यह सराहनीय पहल है।
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सरपंच नरेश कुमार ने कहा कि ग्रामीणों को इलाज के लिए भिवानी सामान्य अस्पताल ही जाना पड़ता है। गांव में कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में अमर उजाला फाउंडेशन का कैंप गांव के मरीजों के लिए बेहतर साबित हुआ। जो लोग अस्पताल तक नहीं जा पाते थे उन्हें आज यहां उपचार मिला। कैंप में पंच जयबीर, पूर्व सरपंच, सुनील, राष्ट्रपति अवार्डी अशोक भारद्वाज, ग्रामीण मुकेश ने भी सहयोग किया। इससे पहले गांव की ओर से महिला पंच सुशीला व मंजू ने महिला चिकित्सकों को बुके भेंट कर स्वागत किया। चिकित्सकों व अतिथियों का स्वागत सरपंच नरेश व पंच जयवीर ने किया।
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जमीनी पानी व धुआं बिगाड़ रहा ग्रामीणों की सेहत
कैंप में जांच के लिए पहुंचे अधिकतर मरीज सांस, दमा, छाती दर्द, हाथ-पांव में दर्द, शुगर, दांतों में पायरिया, कमजोरी के शिकार मिले। देशी खानपान होने के बावजूद हड्डियों में दर्द और जोड़ों में दर्द की समस्या, कमजोरी की शिकायतें आ रही थी। स्कूली बच्चों के भी दांतों में पायरिया की शिकायत थी। जांच के लिए पहुंचे ग्रामीणों में 70 फीसदी तक पायरिया से पीड़ित थे। स्कूली बच्चों के दांतों में कीड़े, दांत के कमजोर होने की शिकायतें रही। विशेषज्ञों ने बताया कि जमीनी पानी और धुआं ग्रामीणों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। जमीनी पानी हार्ड है और इस कारण हड्डियां कमजोर हो रही हैं। पानी में फ्लोराइड ज्यादा होने के कारण दांतों में पीलेपन की शिकायत है। मसूडों की समस्या हो रही है। वहीं हुक्का, बीड़ी के सेवन के कारण अधिकतर ग्रामीणों सांस, दमा की शिकायत है।
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सरकारी अस्पताल दूर है और अच्छे डाक्टर फीस ज्यादा लेते हैं। सिर दर्द और घुटनों में दर्द की समस्या है। पिछले दो महीने से परेशान हूं लेकिन अस्पताल नहीं जा सकी। आज कैंप का पता लगा तो यहां दवाई लेने आई। अब दवाई मिली है और उम्मीद है कि जल्द ही दर्द से छुटकारा मिल जाएगा।
रत्नी देवी, महिला बुजुर्ग
सांस की दिक्कत है। कई बार समस्या ज्यादा हो जाती है। आज डाक्टर को दिखाने के बाद अच्छा लगा। दवाइयां ली है। अमर उजाला ने कैंप लगाकर गांव वालों के लिए अच्छा किया है।
सरस्वती देवी, वृद्धा
पिछले दो-तीन महीने से घुटनों में दर्द है। लेकिन अस्पताल नहीं जा पा रही थीं। आज कैंप का पता लगा तो यहां आकर डाक्टर को दिखाया। अब दवाइयां ली है।
कृष्णा, महिला
पेट में दिक्कत है। घरेलू कार्य की व्यस्तता के चलते अस्पताल भी नहीं जा पा रहा हूं। आज डाक्टर गांव आए तो अच्छा लगा और चेक करवा पाया। दवाइयां मिली है।
पूर्णचंद, ग्रामीण
चिकित्सकों की राय
मेडिकल कैंप में अधिकतर मरीजों को कमजोरी, सांस, दमा, शुगर की तकलीफ मिली। कमजोरी की शिकायत महिला मरीजों में े ज्यादा है। जिसका कारण है ज्यादा काम और नियमित डाइट नहीं लेना। लोगों को साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए और धूम्रपान या किसी तरह के नशे से बचना चाहिए।
डा. लवकेश रोहिल्ला
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जांच के लिए पहुंचे अधिकतर मरीजों के दांतों में पायरिया की शिकायत है। स्कूली छात्राओं के दांतों में भी पायरिया की शिकायत है। इसके अलावा कीडे़ लगे हुए हैं। यह समस्या नियमित सफाई नहीं होने के कारण है। कीड़ा जब मास तक चला जाता है तो दर्द होता है, तब मरीज डाक्टर के पास जाता है।
डा. सुनीता, दंत रोग विशेषज्ञ
लड़कियों, महिलाओं में जागरूकता की कमी है। अपनी समस्याओं को लेकर महिलाओं, लड़कियों में हिचक है। इस कारण अधिकतर में खून की कमी है। आज कैंप में जागरूक किया गया है और खानपान के बारे में भी बताया गया है।
डा. सुनीता, आईएमए सदस्य