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FGFG
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:07 AM IST
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सीएम ने ईओ को दिया ‘अभयदान’
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को लेकर चल रहा मामला रविवार को ठठेरा समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में भी गरमाया। मंच पर मुख्यमंत्री ने ईओ को बुलाकर काफी देर तक उनसे बातचीत की तो चर्चाओं का बाजार गरम हो गया। कुछ लोग इसे ईओ को अभयदान देने को लेकर देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्षदों का कहना है कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
शहर में एक पूर्व पार्षद के अतिक्रमण हटाने के बाद से कुछ पार्षद ईओ के खिलाफ लामबंद हो गए थे। इसके बाद चर्चाएं जन्म लेती गई। कोई इसे प्रधान बनाने और हटाने को लेकर सौदेबाजी से देख रहा था। कोई इसे किसी अलग अंदाज में ले रहा था। इन सबका असर जिले के ही एक विधायक पर पड़ रहा था। माना जाता है कि उन्हीं के आशीर्वाद से ईओ समाज कल्याण विभाग छोड़ नगर परिषद में डेपुटेशन पर आए। पिछले दिनों के हंगामे के बीच यह मामला गरमा गया। इसके बाद यह शिकायत सीएम तक पहुंची।
यहां दी शिकायत
दूसरी ओर से भाजपा के ही व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सतीश खोला ने सीएम को ज्ञापन देकर नगर परिषद रेवाड़ी में हुए घोटालों एवं वर्तमान पार्षदों की ओर से लगाए जा रहे घोटालों की जांच की मांग की है। खोला ने ज्ञापन में बताया कि कांग्रेस के शासन में नगर परिषद रेवाड़ी में करीब 20 करोड़ रुपये का गबन हुआ। इसकी जांच में यह साबित भी हुआ था। आठ वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें दोषी पाए गए। तत्कालीन नप प्रधान की भी इसमें संलिप्तता मिली थी। शहर के पार्षदों ने प्रधान को हटाकर नए प्रधान का चुनाव किया। लेकिन एक समाचार पत्र में नप प्रधान के चुनाव में 67 लाख रुपये की सौदेबाजी का उल्लेख हुआ है। शहर के पार्षदों ने वर्तमान अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का सीधा मोर्चा खोल रखा है।
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हमारी लड़ाई जारी रहेगी। टेंडर लेट हो रहे हैं। जिससे शहर का विकास रुका है। हमने इसकी शिकायत आगे भी की है। यह सब पब्लिक के हित में हो रहा है। - बबीता सैनी, पार्षद, वार्ड 15
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को लेकर चल रहा मामला रविवार को ठठेरा समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में भी गरमाया। मंच पर मुख्यमंत्री ने ईओ को बुलाकर काफी देर तक उनसे बातचीत की तो चर्चाओं का बाजार गरम हो गया। कुछ लोग इसे ईओ को अभयदान देने को लेकर देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्षदों का कहना है कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
शहर में एक पूर्व पार्षद के अतिक्रमण हटाने के बाद से कुछ पार्षद ईओ के खिलाफ लामबंद हो गए थे। इसके बाद चर्चाएं जन्म लेती गई। कोई इसे प्रधान बनाने और हटाने को लेकर सौदेबाजी से देख रहा था। कोई इसे किसी अलग अंदाज में ले रहा था। इन सबका असर जिले के ही एक विधायक पर पड़ रहा था। माना जाता है कि उन्हीं के आशीर्वाद से ईओ समाज कल्याण विभाग छोड़ नगर परिषद में डेपुटेशन पर आए। पिछले दिनों के हंगामे के बीच यह मामला गरमा गया। इसके बाद यह शिकायत सीएम तक पहुंची।
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यहां दी शिकायत
दूसरी ओर से भाजपा के ही व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सतीश खोला ने सीएम को ज्ञापन देकर नगर परिषद रेवाड़ी में हुए घोटालों एवं वर्तमान पार्षदों की ओर से लगाए जा रहे घोटालों की जांच की मांग की है। खोला ने ज्ञापन में बताया कि कांग्रेस के शासन में नगर परिषद रेवाड़ी में करीब 20 करोड़ रुपये का गबन हुआ। इसकी जांच में यह साबित भी हुआ था। आठ वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें दोषी पाए गए। तत्कालीन नप प्रधान की भी इसमें संलिप्तता मिली थी। शहर के पार्षदों ने प्रधान को हटाकर नए प्रधान का चुनाव किया। लेकिन एक समाचार पत्र में नप प्रधान के चुनाव में 67 लाख रुपये की सौदेबाजी का उल्लेख हुआ है। शहर के पार्षदों ने वर्तमान अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का सीधा मोर्चा खोल रखा है।
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हमारी लड़ाई जारी रहेगी। टेंडर लेट हो रहे हैं। जिससे शहर का विकास रुका है। हमने इसकी शिकायत आगे भी की है। यह सब पब्लिक के हित में हो रहा है। - बबीता सैनी, पार्षद, वार्ड 15