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गेहूं कटाई के तुरंत बाद जाट आंदोलन की फिर दस्तक
Updated Fri, 11 May 2018 02:40 AM IST
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फ्लैग : गेहूं कटाई के तुरंत बाद जाट आंदोलन की फिर दस्तक
हेडिंग : दो जून को होगा जसिया में जाट महासम्मेलन, सरकार रच रही साजिश : यशपाल मलिक
: बोले, सरकार के ढुलमुल रवैये से अदालत में अटका आरक्षण, कैप्टन अभिमन्यु से संबंधित केसों के चलते कई युवा अब भी जेल में
: यूपी उप चुनाव में बताएंगे जाट समाज को हरियाणा की हकीकत
: सुप्रीम कोर्ट में अपने चहेतों से डलवाया आरक्षण के खिलाफ केस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
लगता है प्रदेश की खट्टर सरकार को आंदोलनों से मुक्ति नहीं मिलने वाली। गेहूं कटाई के तुरंत बाद जाट समाज एक बार फिर हरकत में आ गया है। दो जून को जसिया में राष्ट्रीय स्तर का जाट महासम्मेलन होगा, जिसमें आंदोलन का एलान किया जाएगा। गुरुवार को जसिया में जाट समाज को संबोधित करते हुए जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने यह घोषणा की।
मलिक ने सरकार पर आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत जाट आरक्षण को लटकाया जा रहा है। सरकार द्वारा गठित प्रदेश पिछड़ा वर्ग को 31 मार्च तक हाईकोर्ट में जातिगत आंकड़ा पेश करना था, लेकिन सरकार ने अपने चहेतों से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करवा दी। याचिका के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सही ढंग से मामले की पैरवी नहीं की। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने स्टे आर्डर जारी कर दिए। खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के आवास पर जाट समाज को केंद्र व राज्य में आरक्षण का भरोसा दिया था, लेकिन दोनों जगह आरक्षण लटका हुआ है।
कहा जा रहा है कि अगले सत्र में आरक्षण का बिल लोकसभा में पेश होगा, जबकि प्रदेश का आरक्षण हाईकोर्ट में सरकार के गलत रवैये के चलते अटका हुआ है। इससे जाट समाज खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। अब भी 50 के करीब केस जाट समाज के युवाओं पर बाकी हैं। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने आगजनी के मामले को व्यक्तिगत अहम का मसला बना लिया है। उनकी वजह से कई युवा जेलों में बंद हैं। जबकि कई कांग्रेस नेताओं की भी कोठी जली, लेकिन उन्होंने शिकायत तक नहीं दी। इसके अलावा भाजपा नेता सुभाष बराला, ओमप्रकाश धनखड़ व मनीष ग्रोवर भाजपा का मोहरा बने हुए हैं।
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यूपी उप चुनाव में बताएंगे हरियाणा की हकीकत
यशपाल मलिक ने कहा कि यूपी के उप चुनाव में जाट समाज के लोगों को बताएंगे कि कैसे भाजपा हरियाणा के अंदर जाट समाज के लोगों के साथ साजिश के तहत छल कर रही है। बताया जाएगा कि कैसे फरवरी 2016 से अब तक जाट आरक्षण को लटकाया जा रहा है। इसके चलते जाट आरक्षण संघर्ष समिति सरकार को 1 जून तक का समय देती है। इसके बाद 2 जून को आंदोलन का बिगुल फूंक दिया जाएगा।
पंजाब, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, मध्यप्रदेश व जम्मू-कश्मीर से भी जाएंगे जाट
वहीं, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा ने कहा कि 2 जून को जसिया के जाट महासम्मेलन में प्रदेश के हर गांव के अलावा पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, यूपी, मध्यप्रदेश व जम्मू-कश्मीर से भी जाट समाज के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।
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फ्लैग : गेहूं कटाई के तुरंत बाद जाट आंदोलन की फिर दस्तक
हेडिंग : दो जून को होगा जसिया में जाट महासम्मेलन, सरकार रच रही साजिश : यशपाल मलिक
: बोले, सरकार के ढुलमुल रवैये से अदालत में अटका आरक्षण, कैप्टन अभिमन्यु से संबंधित केसों के चलते कई युवा अब भी जेल में
: यूपी उप चुनाव में बताएंगे जाट समाज को हरियाणा की हकीकत
: सुप्रीम कोर्ट में अपने चहेतों से डलवाया आरक्षण के खिलाफ केस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
लगता है प्रदेश की खट्टर सरकार को आंदोलनों से मुक्ति नहीं मिलने वाली। गेहूं कटाई के तुरंत बाद जाट समाज एक बार फिर हरकत में आ गया है। दो जून को जसिया में राष्ट्रीय स्तर का जाट महासम्मेलन होगा, जिसमें आंदोलन का एलान किया जाएगा। गुरुवार को जसिया में जाट समाज को संबोधित करते हुए जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने यह घोषणा की।
मलिक ने सरकार पर आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत जाट आरक्षण को लटकाया जा रहा है। सरकार द्वारा गठित प्रदेश पिछड़ा वर्ग को 31 मार्च तक हाईकोर्ट में जातिगत आंकड़ा पेश करना था, लेकिन सरकार ने अपने चहेतों से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करवा दी। याचिका के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सही ढंग से मामले की पैरवी नहीं की। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने स्टे आर्डर जारी कर दिए। खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के आवास पर जाट समाज को केंद्र व राज्य में आरक्षण का भरोसा दिया था, लेकिन दोनों जगह आरक्षण लटका हुआ है।
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कहा जा रहा है कि अगले सत्र में आरक्षण का बिल लोकसभा में पेश होगा, जबकि प्रदेश का आरक्षण हाईकोर्ट में सरकार के गलत रवैये के चलते अटका हुआ है। इससे जाट समाज खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। अब भी 50 के करीब केस जाट समाज के युवाओं पर बाकी हैं। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने आगजनी के मामले को व्यक्तिगत अहम का मसला बना लिया है। उनकी वजह से कई युवा जेलों में बंद हैं। जबकि कई कांग्रेस नेताओं की भी कोठी जली, लेकिन उन्होंने शिकायत तक नहीं दी। इसके अलावा भाजपा नेता सुभाष बराला, ओमप्रकाश धनखड़ व मनीष ग्रोवर भाजपा का मोहरा बने हुए हैं।
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यूपी उप चुनाव में बताएंगे हरियाणा की हकीकत
यशपाल मलिक ने कहा कि यूपी के उप चुनाव में जाट समाज के लोगों को बताएंगे कि कैसे भाजपा हरियाणा के अंदर जाट समाज के लोगों के साथ साजिश के तहत छल कर रही है। बताया जाएगा कि कैसे फरवरी 2016 से अब तक जाट आरक्षण को लटकाया जा रहा है। इसके चलते जाट आरक्षण संघर्ष समिति सरकार को 1 जून तक का समय देती है। इसके बाद 2 जून को आंदोलन का बिगुल फूंक दिया जाएगा।
पंजाब, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, मध्यप्रदेश व जम्मू-कश्मीर से भी जाएंगे जाट
वहीं, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा ने कहा कि 2 जून को जसिया के जाट महासम्मेलन में प्रदेश के हर गांव के अलावा पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, यूपी, मध्यप्रदेश व जम्मू-कश्मीर से भी जाट समाज के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।