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पीजीआई व्याख्यान
Updated Wed, 29 Nov 2017 02:33 AM IST
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फोटो समेत
वर्कशाप में बताए शिक्षण पद्वति को रूचिकर बनाने के गुर
रोहतक। पीजीआईएमएस के मेडिकल एजुकेशन सभागार मे मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी विषय पर आयोजित वर्कशाप दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान बेहोशी विभाग के आचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने वर्कशाप के बारे में बारीकी से बताया। डॉ. मीनाक्षी चौहान ने उद्देश्यों और दक्षताओं के समरूप एक शिक्षण पद्वति को चुनने पर बल दिया। डॉ. श्रीनिवास ने डेमो के माध्यम से बड़े ग्रुप व छोटे ग्रुप मे शिक्षण के फायदे बताए। कहा कि हमें अपने शिक्षण को ऐसा बनाना चाहिए, जिससे छात्र उसमे रूचि लेकर स्वयं पढ़े। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नई टेक्नोलॉजी से शिक्षण प्रणाली को रूचिकर बनाया जा सकता है। डॉ. कुंदन मित्तल ने पाठ योजना बनाने के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। वही डॉ. सविता वर्मा ने सही तरह से प्रश्नों को बनाने, जिसमें कि बड़े प्रश्न और छोटे प्रश्न आदि के बारे में बताया गया।
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वर्कशाप में बताए शिक्षण पद्वति को रूचिकर बनाने के गुर
रोहतक। पीजीआईएमएस के मेडिकल एजुकेशन सभागार मे मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी विषय पर आयोजित वर्कशाप दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान बेहोशी विभाग के आचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने वर्कशाप के बारे में बारीकी से बताया। डॉ. मीनाक्षी चौहान ने उद्देश्यों और दक्षताओं के समरूप एक शिक्षण पद्वति को चुनने पर बल दिया। डॉ. श्रीनिवास ने डेमो के माध्यम से बड़े ग्रुप व छोटे ग्रुप मे शिक्षण के फायदे बताए। कहा कि हमें अपने शिक्षण को ऐसा बनाना चाहिए, जिससे छात्र उसमे रूचि लेकर स्वयं पढ़े। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नई टेक्नोलॉजी से शिक्षण प्रणाली को रूचिकर बनाया जा सकता है। डॉ. कुंदन मित्तल ने पाठ योजना बनाने के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। वही डॉ. सविता वर्मा ने सही तरह से प्रश्नों को बनाने, जिसमें कि बड़े प्रश्न और छोटे प्रश्न आदि के बारे में बताया गया।