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आरक्षण पर कोर्ट ने सरकार के पाले में डाली गेंद, जाट समाज में निराशा : यशपाल मलिक
Updated Sat, 02 Sep 2017 02:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट समाज को कोर्ट से सकारात्मक फैसले की उम्मीद थी, लेकिन कोर्ट ने जो फैसला दिया है उससे समाज में निराशा का माहौल है। आरक्षण को लेकर अब सरकार के पाले में गेंद डाल दी गई है। समिति की तरफ से अब सरकार के साथ बातचीत की जाएगी। शुक्रवार को यशपाल मलिक दिल्ली बाईपास स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर फरवरी में सुनवाई पूरी हो चुकी थी। इसके बावजूद सितंबर तक फैसला रिजर्व रखा गया। कोर्ट ने अब जाट सहित अन्य 6 जातियों को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग हरियाणा में अपने पिछड़ा वर्ग में शामिल होने के लिए ब्यौरा देने का समय दिया है और 31 मार्च 2018 तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को अदालत में अपनी रिपोर्ट देने के लिए समय दिया है। इस वजह से जाट आरक्षण पर पिछड़ा वर्ग की रिपोर्ट आने और अगली सुनवाई होने तक स्टे जारी रहेगा। इस फैसले के बाद सरकार के पाले में गेंद आ गयी है। इस मुद्दे को लेकर अब सरकार से वार्ता की जाएगी। सरकार से उम्मीद है कि पिछड़ा वर्ग की तरफ से एक माह में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश कराए, जिससे जल्दी ही मामले की सुनवाई हो सके। उन्होंने सभी से शांति की अपील की है। साथ ही तीन सितंबर को होने वाली झज्जर रैली को सफल बनाने का आह्वान किया। कहा कि झज्जर रैली में सरकार के साथ हुए समझौतों पर चर्चा होगी और आगामी रणनीति भी बनाई जाएगी। राम रहीम मामले में मलिक कहा कि सरकार ने उसे ताकत मुहैया करायी थी और अब इस हिंसा में उसी ताकत को सरकार के खिलाफ इस्तेमाल किया गया। ऐसे लोगों से बचकर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाट सेवा संघ के लिए जसिया में जमीन खरीदी गई। इसमें युवाओं को कोचिंग देने के लिए सेंटर बनाया जाएगा। नवंबर में भूमि पूजन कर दिया जाएगा।
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रोहतक। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट समाज को कोर्ट से सकारात्मक फैसले की उम्मीद थी, लेकिन कोर्ट ने जो फैसला दिया है उससे समाज में निराशा का माहौल है। आरक्षण को लेकर अब सरकार के पाले में गेंद डाल दी गई है। समिति की तरफ से अब सरकार के साथ बातचीत की जाएगी। शुक्रवार को यशपाल मलिक दिल्ली बाईपास स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर फरवरी में सुनवाई पूरी हो चुकी थी। इसके बावजूद सितंबर तक फैसला रिजर्व रखा गया। कोर्ट ने अब जाट सहित अन्य 6 जातियों को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग हरियाणा में अपने पिछड़ा वर्ग में शामिल होने के लिए ब्यौरा देने का समय दिया है और 31 मार्च 2018 तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को अदालत में अपनी रिपोर्ट देने के लिए समय दिया है। इस वजह से जाट आरक्षण पर पिछड़ा वर्ग की रिपोर्ट आने और अगली सुनवाई होने तक स्टे जारी रहेगा। इस फैसले के बाद सरकार के पाले में गेंद आ गयी है। इस मुद्दे को लेकर अब सरकार से वार्ता की जाएगी। सरकार से उम्मीद है कि पिछड़ा वर्ग की तरफ से एक माह में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश कराए, जिससे जल्दी ही मामले की सुनवाई हो सके। उन्होंने सभी से शांति की अपील की है। साथ ही तीन सितंबर को होने वाली झज्जर रैली को सफल बनाने का आह्वान किया। कहा कि झज्जर रैली में सरकार के साथ हुए समझौतों पर चर्चा होगी और आगामी रणनीति भी बनाई जाएगी। राम रहीम मामले में मलिक कहा कि सरकार ने उसे ताकत मुहैया करायी थी और अब इस हिंसा में उसी ताकत को सरकार के खिलाफ इस्तेमाल किया गया। ऐसे लोगों से बचकर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाट सेवा संघ के लिए जसिया में जमीन खरीदी गई। इसमें युवाओं को कोचिंग देने के लिए सेंटर बनाया जाएगा। नवंबर में भूमि पूजन कर दिया जाएगा।
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