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नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के मानकों पर खरी नहीं उतरे पुराने वार्ड व ओटी

Sun, 22 Jul 2018 06:21 PM IST
Updated Sun, 22 Jul 2018 06:21 PM IST
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नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के मानकों पर खरी नहीं उतरे पुराने वार्ड व ओटी
फोटो सहित
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अमर उजाला एक्सक्लूसिव
फ्लैग : पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग ने जांच के बाद पीजीआईएमएस को फायर फाइटिंग सिस्टम में किया फेल
हेडिंग : वार्डों में आपात निकासी बंद की गई, सीढ़ियों का आकार भी कम मिला
क्रॉसर
-मुख्य सुरक्षा अधिकारी को 50 सुरक्षा गार्डों को आग बुझाने का प्रशिक्षण देने के निर्देश
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ये खामियां मिलीं
-नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के मानकों पर खरे नहीं उतरे पुराने वार्ड व ओटी
-सीढ़ियों की चौड़ाई दो मीटर होनी चाहिए, जो कि एक से सवा मीटर ही है
-हर भवन के आसपास छह मीटर खाली एरिया होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं मिला
-कुछ वार्ड में तो बंटवारे के लिए गैलरी को संकरा बना दिया गया
-वार्डों में फायर हॉज सिस्टम तक नहीं हैं और किसी नये सिस्टम के लिए जगह भी नहीं
-पुरानी ओपीडी के गेट जो नियमानुसार दो मीटर के होने चाहिए, लेकिन यह पौने दो मीटर ही
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संजय कुमार
रोहतक। नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के मानकों पर पीजीआईएमएस के पुराने वार्ड व ऑपरेशन थियेटर खरे नहीं उतरे हैं। यहां आपात निकासी के रास्ते बंद हैं तो कहीं सीढ़ियों का आकार ही सही नहीं है। इसके चलते पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग ने फायर सेफ्टी मामले में इन भवनों को अयोग्य करार दिया है। जांच अधिकारी ने इसकी जानकारी संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक को भी दी है।
सूत्रों के अनुसार 17 जुलाई 2018 को जारी पत्र के अनुसार पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग के कार्यकारी अभियंता ने संस्थान के पुराने वार्ड व ऑपरेशन थियेटरों में फायर सेफ्टी की जांच की। जांच टीम ने सवाल उठाया कि हर वार्ड के पीछे सीढ़ियां होनी चाहिए, जोकि ब्लॉक हैं या उन्हें दरवाजा व दीवार बनाकर बंद कर दिया गया है। कुछ जगह तो इसका बतौर स्टोर प्रयोग हो रहा है। कुछ वार्ड में तो बंटवारे के लिए गैलरी को संकरा बना दिया गया है। इसके साथ सीढ़ियों की चौड़ाई दो मीटर होनी चाहिए, जोकि एक से सवा मीटर ही है। वार्डों में फायर हॉज सिस्टम तक नहीं हैं और किसी नये सिस्टम के लिए जगह भी नहीं है। पुरानी ओपीडी के गेट जो नियमानुसार दो मीटर के होने चाहिए, लेकिन यह पौने दो मीटर ही हैं। सबसे अहम सवाल उठाया गया है कि हर भवन के आसपास छह मीटर खाली एरिया होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है।
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जांच रिपोर्ट में बताया गया कि वार्डों में कॉरिडोर ढाई मीटर का होना चाहिए, लेकिन यह दो ही मीटर का है। विभाग के कार्यकारी अभियंता ने जांच रिपोर्ट में कहा कि संस्थान के भवन 50 साल से अधिक पुराने हैं। इसके लिए एक दमकल अधिकारी और तीन शिफ्टों के लिए नौ दमकल अधिकारी नियमित रूप से होने चाहिए। इसके अलावा फायर फाइटिंग सिस्टम की खरीद के लिए नगर निगम के साथ टेंडर होना चाहिए। कार्यकारी अभियंता ने रिपोर्ट में कहा कि पुराने भवन लगभग अपना समय पूरा कर चुके हैं। पर एहतियात के तौर पर सीढ़ियां, गैलरी को खाली रखा जाना चाहिए। इसके अलावा वार्डों की सीढ़ियों पर बनी दीवार, स्टोर को तोड़ा जाना चाहिए।
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आपात स्थिति से निपटने के लिए मुख्य सुरक्षा अधिकारी तैयार करें 50 गार्ड
प्रशासन ने निर्देश दिए कि संस्थान का यातायात विभाग फायर टेंडर वैन की खरीद के लिए जिला दमकल अधिकारी से संपर्क कर अपनी तैयारी पूरी करे। इसके साथ ही संस्थान के मुख्य सुरक्षा अधिकारी 50 सुरक्षा गार्डों की टीम को तैयार करे, जोकि आपात स्थिति से निपट सके। इन गार्डों का आगजनी के दौरान बचाव में प्रयोग किया जा सके।
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