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दो बच्चों समेत पांच को कुते ने काटा, रेफर
Updated Tue, 07 Nov 2017 01:11 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। (अंबाला)
गांव लालपुर में सोमवार को आवारा कुत्ते के काटने से दो बच्चों सहित पांच लोग जख्मी हो गए। जख्मी लोगों को नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया। गहरे जख्म होने की वजह से उन्हें पंचकूला रेफर कर दिया गया।
जानकारी मुताबिक 45 वर्षीय सिलोचना, 30 वर्षीय राजकुमारी, 18 वर्षीय प्रिंस, सात वर्षीय वासु तथा दो वर्षीय बच्ची माही एक गली में थे, इस दौरान एक के बाद एक सभी को कुत्ते ने काट लिया। अस्पताल के एसएमओ डॉ. रामप्रकाश ने बताया कि घाव ज्यादा थे और ऐसे घाव में अन्य इंजेक्शन भी मरीजों को लगते हैं जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं थे और न ही नारायणगढ़ के बाजार में इनकी सप्लाई होती है। इसी वजह से घायलों का पंचकूला भेजा गया है।
अस्पताल की इस कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में दवा का पूरा इंतजाम होना चाहिए। कहने को तो नारायणगढ़ का सिविल अस्पताल मिनी पीजीआई कहलाता है। मगर अब कुत्ते काटने वालों को भी अन्य अस्पतालों में रेफर किया जाना साबित करता है कि चिकित्सीय सुविधाओं का यहां पर कितना अभाव है।
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नारायणगढ़। (अंबाला)
गांव लालपुर में सोमवार को आवारा कुत्ते के काटने से दो बच्चों सहित पांच लोग जख्मी हो गए। जख्मी लोगों को नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया। गहरे जख्म होने की वजह से उन्हें पंचकूला रेफर कर दिया गया।
जानकारी मुताबिक 45 वर्षीय सिलोचना, 30 वर्षीय राजकुमारी, 18 वर्षीय प्रिंस, सात वर्षीय वासु तथा दो वर्षीय बच्ची माही एक गली में थे, इस दौरान एक के बाद एक सभी को कुत्ते ने काट लिया। अस्पताल के एसएमओ डॉ. रामप्रकाश ने बताया कि घाव ज्यादा थे और ऐसे घाव में अन्य इंजेक्शन भी मरीजों को लगते हैं जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं थे और न ही नारायणगढ़ के बाजार में इनकी सप्लाई होती है। इसी वजह से घायलों का पंचकूला भेजा गया है।
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अस्पताल की इस कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में दवा का पूरा इंतजाम होना चाहिए। कहने को तो नारायणगढ़ का सिविल अस्पताल मिनी पीजीआई कहलाता है। मगर अब कुत्ते काटने वालों को भी अन्य अस्पतालों में रेफर किया जाना साबित करता है कि चिकित्सीय सुविधाओं का यहां पर कितना अभाव है।
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