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पीजीआई प्रशासन ने ली विभागों की सुध, छुट्टी के दिन किया निरीक्षण
Updated Mon, 02 Oct 2017 02:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई में बच्चा चोरी प्रकरण के बाद अधिकारियों की नींद टूट गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने छुट्टी के दिन सभी विभागों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गाइनी विभाग के बाहर धरने पर बैठे बच्चे के परिजनों को भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दोपहर के समय कुलपति डॉ. ओपी कालरा, डीन डॉ. एमसी गुप्ता और एमएस डॉ. अशोक चौहान समेत अन्य अधिकारी विभागों निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। अधिकारियों ने आपातकालीन विभाग और ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। इसके बाद सभी गाइनी विभाग में पहुंचे। अधिकारियों ने वहां की व्यवस्थाओं को जांचा और डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ को दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों को लेकर कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव के साथ नर्स बलजीत कौर भी मिलीं। नर्स ने खुद को निर्दोष बताया। साथ ही एसोसिएशन के प्रधान ने मांग करते हुए कहा कि इस मामले में केवल नर्स को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। इसके लिए अधिकारियों से लेकर डॉक्टर और सुरक्षाकर्मी भी जिम्मेदार हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। केवल नर्स को ही निशाना न बनाया जाए। अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिकारी धरने पर बैठे बच्चे के परिजनों से मिले। आश्वासन दिया कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। परिजनों ने मांग करते हुए कहा कि इस मामले में डॉक्टर भी दोषी हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि बच्चा चोरी मामले को लेकर पीजीआई प्रशासन की फजीहत हो रही है।
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रोहतक।
पीजीआई में बच्चा चोरी प्रकरण के बाद अधिकारियों की नींद टूट गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने छुट्टी के दिन सभी विभागों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गाइनी विभाग के बाहर धरने पर बैठे बच्चे के परिजनों को भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दोपहर के समय कुलपति डॉ. ओपी कालरा, डीन डॉ. एमसी गुप्ता और एमएस डॉ. अशोक चौहान समेत अन्य अधिकारी विभागों निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। अधिकारियों ने आपातकालीन विभाग और ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। इसके बाद सभी गाइनी विभाग में पहुंचे। अधिकारियों ने वहां की व्यवस्थाओं को जांचा और डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ को दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों को लेकर कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव के साथ नर्स बलजीत कौर भी मिलीं। नर्स ने खुद को निर्दोष बताया। साथ ही एसोसिएशन के प्रधान ने मांग करते हुए कहा कि इस मामले में केवल नर्स को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। इसके लिए अधिकारियों से लेकर डॉक्टर और सुरक्षाकर्मी भी जिम्मेदार हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। केवल नर्स को ही निशाना न बनाया जाए। अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिकारी धरने पर बैठे बच्चे के परिजनों से मिले। आश्वासन दिया कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। परिजनों ने मांग करते हुए कहा कि इस मामले में डॉक्टर भी दोषी हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि बच्चा चोरी मामले को लेकर पीजीआई प्रशासन की फजीहत हो रही है।
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