{"_id":"599c9ac14f1c1b0a468b45e4","slug":"131503435457-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य विभाग की 22 टीमें एक्टिव, लारवा मिलने पर 117 को थमाया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य विभाग की 22 टीमें एक्टिव, लारवा मिलने पर 117 को थमाया नोटिस
Updated Wed, 23 Aug 2017 02:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें एक्टिव हो चुकी हैं। एंटी लारवा एक्टिविटी अभियान के तहत टीम ने लारवा मिलने पर करीब 117 लोगों को नोटिस थमाया है। अभियान के चलते दो दिनों में 27,303 घरों में 15,757 कूलरों, 9,122 टंकियों, 882 होदियों, 5014 दूसरे कंटेनर को चेक किया गया। लारवा मिलने पर चेतावनी देने के साथ लोगों को जागरूक भी किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. दीपा जाखड़ के निर्देशानुसार विभाग ने दो दिवसीय एंटी लारवा एक्टीविटी अभियान चलाया। इसमें उपसिविल सर्जन मलेरिया डॉ. अनुपमा मित्तल और उनकी टीम ने लोगों को स्वाइन फ्लू, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम और उनसे बचाव के लिए अभियान शुरू किया। इसके लिए विभाग ने 22 टीमों का गठन किया था। टीम में सुपरवाइजर, एमपीएचडब्ल्यू, डोमेस्टिक ब्रीडिगं चेकर और एमपीएचडब्ल्यू विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर जांच की।
विज्ञापन
रोहतक। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें एक्टिव हो चुकी हैं। एंटी लारवा एक्टिविटी अभियान के तहत टीम ने लारवा मिलने पर करीब 117 लोगों को नोटिस थमाया है। अभियान के चलते दो दिनों में 27,303 घरों में 15,757 कूलरों, 9,122 टंकियों, 882 होदियों, 5014 दूसरे कंटेनर को चेक किया गया। लारवा मिलने पर चेतावनी देने के साथ लोगों को जागरूक भी किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. दीपा जाखड़ के निर्देशानुसार विभाग ने दो दिवसीय एंटी लारवा एक्टीविटी अभियान चलाया। इसमें उपसिविल सर्जन मलेरिया डॉ. अनुपमा मित्तल और उनकी टीम ने लोगों को स्वाइन फ्लू, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम और उनसे बचाव के लिए अभियान शुरू किया। इसके लिए विभाग ने 22 टीमों का गठन किया था। टीम में सुपरवाइजर, एमपीएचडब्ल्यू, डोमेस्टिक ब्रीडिगं चेकर और एमपीएचडब्ल्यू विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर जांच की।
विज्ञापन