{"_id":"594973124f1c1b987f8b4615","slug":"131497985810-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिफाल्टर बने बिजली निगम के लिए सिरदर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिफाल्टर बने बिजली निगम के लिए सिरदर्द
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिफाल्टर बने बिजली निगम के लिए सिरदर्द
जिले में एक अरब 10 लाख रुपये बिजली बिल बकाया
महेंद्रगढ़। डिफाल्टर उपभोक्ता बिजली निगम के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। निजी और सरकारी क्षेत्र में 1 अरब 10 लाख रुपये लंबे समय से बिजली निगम के फंसे हुए हैं। इनमें से 55 लाख 69 हजार रुपये कनेक्टिड तथा 55 लाख रुपये डिसकनेक्टिड डिफाल्टरों के हैं। इनमें सरकारी विभाग 19 करोड़ रुपये के डिफाल्टर हैं। सरकार ने डिफाल्टरों से पैसे वसूलने के लिए सरचार्ज माफी की स्कीम भी चलाई थी। लेकिन कोई भी डिफाल्टर ने इस योजना का लाभ नहीं उठाया। अब बिजली निगम ने पैसे वसूली के लिए टीमें गठित की है। जो बकाया रुपये वसूलने के साथ ही बिजली चोरी करने वालों पर भी शिकंजा कसेंगी।
सरकारी विभाग 19 करोड़ रुपये के डिफाल्टर
निगम की 30 अप्रैल 2017 की रिपोर्ट अनुसार सरकारी विभाग 19 करोड़ रुपये के डिफाल्टर हैं। इनमें लगभग 18 करोड़ कनेक्टिड तथा 1 करोड़ रुपये डिस्कनेक्टि डिफाल्टरों के हैं। सरकारी विभागों में बिजली निगम का सिंचाई विभाग सबसे बड़ा डिफाल्टर हैं। सिंचाई विभाग लगभग 10 करोड़ 30 लाख रुपया बकाया है। इसके अलावा पंचायत विभाग लगभग 5 करोड़ 19 लाख, नगरपालिका 82 लाख रुपये एवं अन्य सरकारी विभाग एक करोड़ 22 लाख रुपये बकाया हैं।
निजी क्षेत्र में 91 करोड़ 44 लाख रुपये के हैं डिफाल्टर
बिजली निगम का निजी क्षेत्र में लगभग 91 करोड़ 44 लाख रुपये बकाया है। सबसे अधिक बकाया 63 करोड़ 67 लाख रुपये ग्रामीणों पर है। किसान 10.28 करोड़ रुपये के डिफाल्टर हैं। शहर में 5.22 करोड़, औद्योगिक क्षेत्र में 3.50 करोड़, नॉन डोमेस्टिक की ओर 8.65 करोड़ रुपये बकाया है।
विज्ञापन
दो महीने में पकड़ी 329 चोरियां
बिजली निगम ने दो महीने से बिजली चोरों पर नकेल कसी हुई है। मई और जून में निगम की टीमों ने कुल 329 लोगों को चोरी करते पकड़ा है जबकि 17 बिजली चोरों पर एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी हैं। मई में कुल 221 बिजली चोर पकड़े गए थे जिनसे विभाग ने सरचार्ज योजना के तहत 37.24 लाख रुपये की वसूली की थी। जून महीने में 129 बिजली चोरी के केस पकड़े जा चुके हैं। इन पर 24 लाख 73 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। अभी तक विभाग के पास लगभग 3 लाख रुपये का राजस्व आ चुका है।
सरचार्ज माफी योजना का डिफाल्टरों ने नहीं उठाया लाभ
प्रदेश सरकार ने डिफाल्टरों से पैसे वसूली करने के लिए मई में सरचार्ज माफी योजना चलाई थी। सरकार का मुख्य उद्देश्य डिफाल्टरों का सरचार्ज माफ कर बकाया जमा करवाना था। परंतु डिफाल्टरों ने इस योजना का फायदा नहीं उठाया। महेंद्रगढ़ सिटी, ग्रामीण तथा कनीना सब डिवीजन में 837 उपभोक्ताओं ने 92.14 लाख रुपये जमा करवाए।
डिफाल्टरों एवं बिजली चोरों से निगम सख्ती से निपटेगा। वसूली एवं चोरी रोकने के लिए टीमें गठित की गई हैं। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। -प्रवीण कुमार, एक्सईएन बिजली निगम महेंद्रगढ़
विज्ञापन
जिले में एक अरब 10 लाख रुपये बिजली बिल बकाया
महेंद्रगढ़। डिफाल्टर उपभोक्ता बिजली निगम के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। निजी और सरकारी क्षेत्र में 1 अरब 10 लाख रुपये लंबे समय से बिजली निगम के फंसे हुए हैं। इनमें से 55 लाख 69 हजार रुपये कनेक्टिड तथा 55 लाख रुपये डिसकनेक्टिड डिफाल्टरों के हैं। इनमें सरकारी विभाग 19 करोड़ रुपये के डिफाल्टर हैं। सरकार ने डिफाल्टरों से पैसे वसूलने के लिए सरचार्ज माफी की स्कीम भी चलाई थी। लेकिन कोई भी डिफाल्टर ने इस योजना का लाभ नहीं उठाया। अब बिजली निगम ने पैसे वसूली के लिए टीमें गठित की है। जो बकाया रुपये वसूलने के साथ ही बिजली चोरी करने वालों पर भी शिकंजा कसेंगी।
सरकारी विभाग 19 करोड़ रुपये के डिफाल्टर
निगम की 30 अप्रैल 2017 की रिपोर्ट अनुसार सरकारी विभाग 19 करोड़ रुपये के डिफाल्टर हैं। इनमें लगभग 18 करोड़ कनेक्टिड तथा 1 करोड़ रुपये डिस्कनेक्टि डिफाल्टरों के हैं। सरकारी विभागों में बिजली निगम का सिंचाई विभाग सबसे बड़ा डिफाल्टर हैं। सिंचाई विभाग लगभग 10 करोड़ 30 लाख रुपया बकाया है। इसके अलावा पंचायत विभाग लगभग 5 करोड़ 19 लाख, नगरपालिका 82 लाख रुपये एवं अन्य सरकारी विभाग एक करोड़ 22 लाख रुपये बकाया हैं।
विज्ञापन
निजी क्षेत्र में 91 करोड़ 44 लाख रुपये के हैं डिफाल्टर
बिजली निगम का निजी क्षेत्र में लगभग 91 करोड़ 44 लाख रुपये बकाया है। सबसे अधिक बकाया 63 करोड़ 67 लाख रुपये ग्रामीणों पर है। किसान 10.28 करोड़ रुपये के डिफाल्टर हैं। शहर में 5.22 करोड़, औद्योगिक क्षेत्र में 3.50 करोड़, नॉन डोमेस्टिक की ओर 8.65 करोड़ रुपये बकाया है।
विज्ञापन
दो महीने में पकड़ी 329 चोरियां
बिजली निगम ने दो महीने से बिजली चोरों पर नकेल कसी हुई है। मई और जून में निगम की टीमों ने कुल 329 लोगों को चोरी करते पकड़ा है जबकि 17 बिजली चोरों पर एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी हैं। मई में कुल 221 बिजली चोर पकड़े गए थे जिनसे विभाग ने सरचार्ज योजना के तहत 37.24 लाख रुपये की वसूली की थी। जून महीने में 129 बिजली चोरी के केस पकड़े जा चुके हैं। इन पर 24 लाख 73 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। अभी तक विभाग के पास लगभग 3 लाख रुपये का राजस्व आ चुका है।
सरचार्ज माफी योजना का डिफाल्टरों ने नहीं उठाया लाभ
प्रदेश सरकार ने डिफाल्टरों से पैसे वसूली करने के लिए मई में सरचार्ज माफी योजना चलाई थी। सरकार का मुख्य उद्देश्य डिफाल्टरों का सरचार्ज माफ कर बकाया जमा करवाना था। परंतु डिफाल्टरों ने इस योजना का फायदा नहीं उठाया। महेंद्रगढ़ सिटी, ग्रामीण तथा कनीना सब डिवीजन में 837 उपभोक्ताओं ने 92.14 लाख रुपये जमा करवाए।
डिफाल्टरों एवं बिजली चोरों से निगम सख्ती से निपटेगा। वसूली एवं चोरी रोकने के लिए टीमें गठित की गई हैं। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। -प्रवीण कुमार, एक्सईएन बिजली निगम महेंद्रगढ़