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Rohtak News: 1,123 फर्जी किसान बनाकर बांट दिए 13 करोड़, धरातल पर जमीन न पता

Fri, 12 May 2023 02:17 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 12 May 2023 02:17 AM IST
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13 crores were distributed by making 1,123 fake farmers, the land is not known on the ground
रोहतक। सीएम फ्लाइंग ने भावांतर भरपाई योजना की परतें उखाड़नी शुरू कर दी हैं। दो माह तक चली जांच में 1,123 ऐसे किसान मिले हैं, जिनकी धरातल न तो जमीन है और न ही उस गांव में उनका वजूद है। इसके बावजूद करीब 13 करोड़ रुपये की बंदरबांट की गई है। अकेले भिवानी जिले के गांव दरियावपुर में 2,246 फर्जी किसानों के नाम पर मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण मिला है। अब सीएम फ्लाइंग भिवानी के बाद रोहतक, झज्जर और दादरी के उन किसानों के आकड़ों का अध्ययन करेगी, जहां बाजरे की फसल के नाम पर भावांतर भरपाई योजना के तहत लाभ उठाया गया है।
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रोहतक में मुख्यमंत्री फ्लाइंग दस्ते का रेंज स्तर का कार्यालय है, जिसके अंतर्गत रोहतक, झज्जर, चरखी-दादरी व भिवानी जिला आता है। रेंज के डीएसपी गोरखपाल राणा ने बताया कि दो माह पहले खुफिया विभाग से सूचना मिली कि भावांतर भरपाई योजना के तहत भिवानी जिले से बाजरे की फसल के मुआवजे के सबसे ज्यादा आवेदन आए हैं। इसमें कई किसानों के पंजीकरण ऐसे भी हैं, जिनका गांव में वजूद नहीं है। सीएम फ्लाइंग ने भावांतर भरपाई योजना के पोर्टल व राजस्व और कृषि विभाग से अलग-अलग आंकड़ा लिया। दोनों विभागों के आंकड़ों का मिलान किया तो भारी अंतर मिला।
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चार गांवों के आंकड़े खंगाले, सबसे ज्यादा दरियावपुर में मिले फर्जी पंजीकरण
सीएम फ्लाइंग के मुताबिक भिवानी जिले के गांव दरियापुर, मिरान, चेहड़ कला व मंडौली कला के आंकड़ों की जांच की। कृषि विभाग से मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल व राजस्व विभाग से गिरदावरी रिपोर्ट का डाटा लिया गया। राजस्व विभाग ने बताया कि गांव में कृषि योग्य भूमि 4,517 एकड़ है, जिसमें से 1,097 में बाजरे की फसल बोई हुई थी, जबकि पोर्टल पर 33 हजार 429 एकड़ जमीन का पोर्टल पर भावांतर भरपाई योजना के तहत पंजीकरण हुआ है। इस तरह 2,246 एकड़ जमीन का ज्यादा पंजीकरण हुआ है। मीरान में 902 एकड़ में बाजरे की बिजाई हुई थी, जबकि रिकॉर्ड में 1,923 एकड़ का पंजीकरण दिखाया गया। इतना ही नहीं, सीएम फ्लाइंग 185 ऐसे लोगों को चिह्नित कर चुकी है, जिन्होंने गलत पंजीकरण कराया है।
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दो माह पहले खुफिया विभाग से जानकारी मिली थी कि भिवानी जिले में फर्जी किसान बनकर बाजरे की फसल का भावांतर भरपाई योजना के तहत पंजीकरण करवाकर मुआवजा लिया गया है। जांच में ऐसे 1,123 आवेदन मिले हैं, जिसमें किसान की जमीन और वजूद का ही पता नहीं। अब भिवानी के अलावा रोहतक, झज्जर व चरखी-दादरी में मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज बाजरे के किसानों के आंकड़ों की जांच पड़ताल करेंगे।
गोरखपाल राणा, डीएसपी सीएम फ्लाइंग, प्रभारी रोहतक रेंज
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