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31 जुलाई तक बढ़ाई जाए प्रॉपर्टी टैक्स ब्याज माफी की समय सीमा
Updated Mon, 09 Jul 2018 06:17 PM IST
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31 जुलाई तक बढ़ सकती है प्रॉपर्टी टैक्स ब्याज माफी की समय सीमा
-आज चंडीगढ़ में निगम के अधिकारियों की मीटिंग, तिथि बढ़ाने या न बढ़ाने पर होगा फैसला
- निगम आयुक्त ने लिखा शहरी निकाय विभाग के निदेशक को पत्र
- 65 हजार प्रॉपर्टी मालिक बिल न मिलने के कारण जमा नहीं करवा सके टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम की ब्याज माफी योजना का लाभ उठाने से चूक गए प्रॉपर्टी मालिकों के लिए अच्छी खबर है। निगम आयुक्त आरएस वर्मा ने शहरी निकाय विभाग के निदेशक नितिन यादव को पत्र लिखकर 31 जुलाई तक योजना की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। क्योंकि 31 जुलाई तक ही मौजूदा वित्त वर्ष 2018-19 के प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 प्रतिशत छूट की योजना चल रही है।
टैक्स ब्रांच की तरफ से लिखे पत्र को आगे बढ़ाते हुए निगम आयुक्त ने साफ किया है कि मई माह में हड़ताल के चलते 1 लाख 75 हजार में से 1 लाख 15 हजार प्रॉपर्टी टैक्स के बिल ही बांटे जा सके। निजी सर्वे एजेंसी को 15 जुलाई तक सभी बिल बांटने का टारगेट दिया गया था। निगम पार्षदों की तरफ से भी मांग की गई है कि ब्याज माफी योजना को जनहित में बढ़ाया जाए।
चंडीगढ़ में आज की मीटिंग में फैसले की उम्मीद
शहरी निकाय विभाग के निदेशक नितिन यादव सोमवार को चंडीगढ़ कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े निगमों व नगर परिषदों के अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। मीटिंग में नई टैक्स नीति के स्वरूप पर चर्चा की जाएगी। निगम प्रशासन को उम्मीद है कि सोमवार को ब्याज माफी योजना की तिथि बढ़ाने या न बढ़ाने पर फैसला हो सकता है।
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30 जून तक थी ब्याज माफी योजना
प्रदेश सरकार ने जून माह के दूसरे सप्ताह में पत्र जारी करके बताया था कि जो व्यक्ति अपना प्रॉपर्टी टैक्स 30 जून तक जमा कराएगा, उससे 2011 से 2018 तक का ब्याज नहीं लिया जाएगा। दो सप्ताह में निगम के अंदर एक करोड़ के करीब की राशि जमा र्हुई।
अंडर प्रोटेस्ट नहीं लिया निगम ने टैक्स
होटल व रेस्टोरेंट मालिकों ने यूजर चार्ज के विरोध में फैसला लिया था कि कोई भी होटल मालिक 30 जून से पहले ब्याज माफी योजना का लाभ उठाते हुए अपना टैक्स जमा करवा सकता है। हालांकि वे बिल पर लिखकर देंगे कि भारी भरकम यूजर चार्ज नहीं देना चाहते, लेकिन दबाव में चार्ज जमा करवा रहे हैं। निगम ने बिल पर ऐसा लिखने से मना कर दिया। इस कारण चार होटल मालिकों ने ही अपना टैक्स जमा कराया है।
आयुक्त ने निदेशक को पत्र लिखकर ब्याज माफी योजना 31 जुलाई तक बढ़ाने की मांग की है। उम्मीद है सोमवार की मीटिंग में इस मामले में फैसला आ जाएगा।
- जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स आफिसर नगर निगम
होटल व रेस्टोरेंट मालिक 48 हजार यूजर चार्ज का बिल भेजने से नाराज हैं। वे निगम में अंडर प्रोटेस्ट बिल जमा कराना चाहते थे, लेकिन निगम ने इनकार कर दिया। इस कारण उन्हीं होटल व रेस्टोरेंट मालिकों ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया है, जिनका ब्याज यूजर चार्ज से ज्यादा था।
- राकेश गुगनानी, महासचिव होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन
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-आज चंडीगढ़ में निगम के अधिकारियों की मीटिंग, तिथि बढ़ाने या न बढ़ाने पर होगा फैसला
- निगम आयुक्त ने लिखा शहरी निकाय विभाग के निदेशक को पत्र
- 65 हजार प्रॉपर्टी मालिक बिल न मिलने के कारण जमा नहीं करवा सके टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम की ब्याज माफी योजना का लाभ उठाने से चूक गए प्रॉपर्टी मालिकों के लिए अच्छी खबर है। निगम आयुक्त आरएस वर्मा ने शहरी निकाय विभाग के निदेशक नितिन यादव को पत्र लिखकर 31 जुलाई तक योजना की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। क्योंकि 31 जुलाई तक ही मौजूदा वित्त वर्ष 2018-19 के प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 प्रतिशत छूट की योजना चल रही है।
टैक्स ब्रांच की तरफ से लिखे पत्र को आगे बढ़ाते हुए निगम आयुक्त ने साफ किया है कि मई माह में हड़ताल के चलते 1 लाख 75 हजार में से 1 लाख 15 हजार प्रॉपर्टी टैक्स के बिल ही बांटे जा सके। निजी सर्वे एजेंसी को 15 जुलाई तक सभी बिल बांटने का टारगेट दिया गया था। निगम पार्षदों की तरफ से भी मांग की गई है कि ब्याज माफी योजना को जनहित में बढ़ाया जाए।
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चंडीगढ़ में आज की मीटिंग में फैसले की उम्मीद
शहरी निकाय विभाग के निदेशक नितिन यादव सोमवार को चंडीगढ़ कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े निगमों व नगर परिषदों के अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। मीटिंग में नई टैक्स नीति के स्वरूप पर चर्चा की जाएगी। निगम प्रशासन को उम्मीद है कि सोमवार को ब्याज माफी योजना की तिथि बढ़ाने या न बढ़ाने पर फैसला हो सकता है।
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30 जून तक थी ब्याज माफी योजना
प्रदेश सरकार ने जून माह के दूसरे सप्ताह में पत्र जारी करके बताया था कि जो व्यक्ति अपना प्रॉपर्टी टैक्स 30 जून तक जमा कराएगा, उससे 2011 से 2018 तक का ब्याज नहीं लिया जाएगा। दो सप्ताह में निगम के अंदर एक करोड़ के करीब की राशि जमा र्हुई।
अंडर प्रोटेस्ट नहीं लिया निगम ने टैक्स
होटल व रेस्टोरेंट मालिकों ने यूजर चार्ज के विरोध में फैसला लिया था कि कोई भी होटल मालिक 30 जून से पहले ब्याज माफी योजना का लाभ उठाते हुए अपना टैक्स जमा करवा सकता है। हालांकि वे बिल पर लिखकर देंगे कि भारी भरकम यूजर चार्ज नहीं देना चाहते, लेकिन दबाव में चार्ज जमा करवा रहे हैं। निगम ने बिल पर ऐसा लिखने से मना कर दिया। इस कारण चार होटल मालिकों ने ही अपना टैक्स जमा कराया है।
आयुक्त ने निदेशक को पत्र लिखकर ब्याज माफी योजना 31 जुलाई तक बढ़ाने की मांग की है। उम्मीद है सोमवार की मीटिंग में इस मामले में फैसला आ जाएगा।
- जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स आफिसर नगर निगम
होटल व रेस्टोरेंट मालिक 48 हजार यूजर चार्ज का बिल भेजने से नाराज हैं। वे निगम में अंडर प्रोटेस्ट बिल जमा कराना चाहते थे, लेकिन निगम ने इनकार कर दिया। इस कारण उन्हीं होटल व रेस्टोरेंट मालिकों ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया है, जिनका ब्याज यूजर चार्ज से ज्यादा था।
- राकेश गुगनानी, महासचिव होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन