{"_id":"5a1b3a5e4f1c1b96698b57ce","slug":"121511733854-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार सब्जियों का न्यूनतम मूल्य हो निर्धारित : धनखड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार सब्जियों का न्यूनतम मूल्य हो निर्धारित : धनखड़
Updated Mon, 27 Nov 2017 03:34 AM IST
विज्ञापन
चार सब्जियों का न्यूनतम मूल्य होगा निर्धारित : धनखड़
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा है कि भाजपा सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। फसल बीमा योजना के तहत किसानों को जोखिम से मुक्त कर दिया गया है और अब प्रयास है कि एक एकड़ पर किसान को एक लाख रुपये का विशुद्ध लाभ मिले। एक जनवरी से आलू, प्याज, गोभी व टमाटर चार फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की योजना है ताकि किसानों को सब्जियों के उत्पादन में भी कोई आर्थिक हानि न पहुंचे। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि देश पर दशकों तक गांधी परिवार ने शासन किया है और इन लोगों ने शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की न केवल अनदेखी की बल्कि उनके इतिहास को भी छिपाया है। देश में प्रमुख स्थानों के नाम नेहरू परिवार के सदस्यों पर ही रखे गए हैं। धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकार चाहती है कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ तक देश के लिए बलिदान देने वाले हरेक व्यक्ति का नाम पब्लिक डोमेन में उजागर हो।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा है कि भाजपा सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। फसल बीमा योजना के तहत किसानों को जोखिम से मुक्त कर दिया गया है और अब प्रयास है कि एक एकड़ पर किसान को एक लाख रुपये का विशुद्ध लाभ मिले। एक जनवरी से आलू, प्याज, गोभी व टमाटर चार फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की योजना है ताकि किसानों को सब्जियों के उत्पादन में भी कोई आर्थिक हानि न पहुंचे। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि देश पर दशकों तक गांधी परिवार ने शासन किया है और इन लोगों ने शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की न केवल अनदेखी की बल्कि उनके इतिहास को भी छिपाया है। देश में प्रमुख स्थानों के नाम नेहरू परिवार के सदस्यों पर ही रखे गए हैं। धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकार चाहती है कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ तक देश के लिए बलिदान देने वाले हरेक व्यक्ति का नाम पब्लिक डोमेन में उजागर हो।