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22 साल बाद लिसान का तालाब लबालब
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर डहीना ब्लॉक के गांव लिसान का तालाब करीब 22 साल बाद लबालब हुआ है। महिला सरपंच संगीता यादव ने गांव में पानी की कमी को दूर करने के लिए पिछले दिनों पंचायत से प्रस्ताव पास कराकर इस जोहड़ को पानी से भरवाने का सर्वसम्मति से निर्णय किया। इसके बाद सबसे पहले पानी लाने के लिए नहर साफ की गई। उन रास्तों को जिनके जरिये प्राकृतिक रूप से इसमें जल प्रवाह होता था, जो पिछले काफी वर्षों से अवरुद्ध थे उन्हें ठीक कराया गया और खुलवाया गया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से इस योजना को मूर्त रूप दिया गया। अब जोहड़ में पानी पूरा आ रहा है। बाबा ईसरपुरी कमेटी के महासचिव सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि गांव में प्राचीन काल में बने बाबा भइया वाले जोहड़ की हालत काफी खस्ता हो चुकी थी। पानी भी न के बराबर रह गया था, जबकि पहले इस जोहड़ में लोग स्नान करते थे। प्रशासन का सहयोग एवं पंचायत-ग्रामीणों की रुचि को देखते हुए अब फिर से बाबा भइया वाले जोहड़ में लोग गोता लगाते नजर आने लगे है। इस अवसर पर जयसिंह यादव, बाबूलाल खोला, दानसिंह खोला, सुनील भगवाड़िया, सत्यवान, सतबीर, सुनील, लीलाराम, राहुल सैन, सुरेंद्र सोलंकी, धर्मेंद्र फौजी, सुरेंद्र यादव आदि ने खुशी जताई है।
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रेवाड़ी।
जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर डहीना ब्लॉक के गांव लिसान का तालाब करीब 22 साल बाद लबालब हुआ है। महिला सरपंच संगीता यादव ने गांव में पानी की कमी को दूर करने के लिए पिछले दिनों पंचायत से प्रस्ताव पास कराकर इस जोहड़ को पानी से भरवाने का सर्वसम्मति से निर्णय किया। इसके बाद सबसे पहले पानी लाने के लिए नहर साफ की गई। उन रास्तों को जिनके जरिये प्राकृतिक रूप से इसमें जल प्रवाह होता था, जो पिछले काफी वर्षों से अवरुद्ध थे उन्हें ठीक कराया गया और खुलवाया गया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से इस योजना को मूर्त रूप दिया गया। अब जोहड़ में पानी पूरा आ रहा है। बाबा ईसरपुरी कमेटी के महासचिव सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि गांव में प्राचीन काल में बने बाबा भइया वाले जोहड़ की हालत काफी खस्ता हो चुकी थी। पानी भी न के बराबर रह गया था, जबकि पहले इस जोहड़ में लोग स्नान करते थे। प्रशासन का सहयोग एवं पंचायत-ग्रामीणों की रुचि को देखते हुए अब फिर से बाबा भइया वाले जोहड़ में लोग गोता लगाते नजर आने लगे है। इस अवसर पर जयसिंह यादव, बाबूलाल खोला, दानसिंह खोला, सुनील भगवाड़िया, सत्यवान, सतबीर, सुनील, लीलाराम, राहुल सैन, सुरेंद्र सोलंकी, धर्मेंद्र फौजी, सुरेंद्र यादव आदि ने खुशी जताई है।