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कॉलेजों में पहले ही दिन बिफरे छात्र, मचाया हंगामा
Updated Thu, 06 Jul 2017 01:23 AM IST
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कॉलेजों में पहले ही दिन बिफरे छात्र
भिवानी।
कॉलेजों में अभी नए सत्र के पहले दिन विद्यार्थियों ने हंगामा और मारपीट की। जहां वैश्य कॉलेज में विद्यार्थियों ने एडमिशन नहीं होने पर हंगामा किया वहीं गवर्नमेंट कॉलेज में कुछ शरारती तत्वों ने हंगामा किया और एसएफआई कार्यकर्ताओं से मारपीट की। वैश्य कॉलेज में विद्यार्थियों ने एडमिशन न होने पर प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर हंगामा करने के बाद कॉलेज के मुख्य गेट को ताला जड़ दिया। सूचना पर पहुंचे शहर थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को समझाकर कॉलेज गेट का ताला खुलवाया। वहीं गवर्नमेंट कॉलेज में हेल्प डेस्क को लेकर छात्र संगठन आपस में भिड़ गए। इस दौरान उन्होंने डा. भीमराव अंबेडकर व शहीद भगत सिंह के होर्डिंग-बैनर फाड़ दिए। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत पुलिस में की और कॉलेज में एडमिशन काउंटर बंद करवा दिए।
पहला मामला वैश्य कॉलेज का रहा। यहां द्वितीय वर्ष में एडमिशन के लिए प्रथम वर्ष के 50 फीसदी पेपरों में पास होने की अनिवार्यता, फाइनल में एडमिशन के लिए प्रथम वर्ष वर्ष के सभी पेपरों में पास होने की अनिवार्यता और बारहवीं के बाद यदि बच्चे ने किसी कारणवश दो साल पढ़ाई नहीं की तो उसे एडमिशन नहीं देने के फैसले पर विद्यार्थी बिफर गए। विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया और सभी एडमिशन काउंटरों को बंद करवा दिया। प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर हंगामा करते हुए गेट के पास ही धरना दिया और नारेबाजी कर रोष जताया। प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर करीब आधे घंटे तक हंगामा करने के बाद सभी विद्यार्थी कॉलेज के मुख्य गेट पर पहुंचे और गेट को ताला जड़ दिया। यहां मुख्य गेट के बाहर ही धरना देकर रोष जताया। विद्यार्थियों के हंगामे की सूचना पर शहर थाना प्रभारी बिक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को समझा-बुझकर शांत किया और मुख्य गेट का ताला खुलवाया। छात्रों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगे नहीं मानी और सभी विद्यार्थियों को एडमिशन नहीं दिया गया तो वे हड़ताल करेंगे। इस मौके पर शुभम तंवर, पंकज कसेरा, अरुण, रोहित, नवीन, अंकित, राहुल, अभिषेक, धीरज, अमनदीप, कृष्ण आदि छात्र मौजूद रहे।
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कभी कहते हैं शिकायत दो, शिकायत दे तो कार्रवाई नहीं
पिछले 15-20 दिन से यूनिवर्सिटी के बेवजह के फैसलों के कारण कभी यूनिवर्सिटी अधिकारियों को तो कभी प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके बाद भी प्रिंसिपल कहते हैं कि शिकायत करो। उन्हें शिकायत करने में उलझा रखा है और विद्यार्थियों को नुकसान हो रहा है। अब द्वितीय वर्ष में एडमिशन के लिए प्रथम वर्ष के कम से कम 50 फीसदी पेपरों में पास होने की शर्त लगा दी है। फाइनल में एडमिशन लेना है तो प्रथम वर्ष के सभी विषयों में पास होना अनिवार्य है। ये छात्र विरोधी फैसले है और सत्र के बीच में लिए गए है। इसके अलावा अब सरकार ने दो वर्ष के गैप पर एडमिशन नहीं देने का फैसला कर शिक्षा का अधिकार ही छीन लिया है।
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गवर्नमेंट कॉलेज में छात्रों से मारपीट, बैनर फाड़े
भिवानी।
गवर्नमेंट कॉलेज में कुछ शरारती युवकों ने हेल्प डेस्क लगा रहे एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। कार्यकर्ताओं से मारपीट की तो अंबेडकर, शहीद भगत सिंह पर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए बैनर फोड़ दिए। एसएफआई सदस्यों ने इसकी शिकायत पुलिस में की और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामला बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे का है। गवर्नमेंट कॉलेज के पास एसएफआई की ओर से विद्यार्थियों की एडमिशन में हेल्प के लिए हेल्प डेस्क लगाया हुआ है। यहां आए चार युवकों के साथ एसएफआई सदस्यों की नोंक-झोंक हुई।जिसके बाद हैल्प डेस्क को तोड़ दिया गया। आरोप है कि डा. भीम राव अंबेडकर व शहीद भगत सिंह पर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए हमलावरों ने बैनर फाड़ दिए।
छात्र नेता विनोद, राकेश व राहुल सरोहा को जातिगत शब्द कहते हुए इनके साथ मारपीट की।। साथ ही सभी को भाग जाने व जान से मारने की धमकी दी गई। एसएपुआई कार्यकर्ताओं ने एक युवक का नाम भी बताया। दोपहर बाद एसएफआई कार्यकर्ता शिकायत लेकर टीआईटी चौकी पहुंचे और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्र नेता विनोद गिल ने बताया कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया। डा. अंबेडकर व शहीद भगत सिंह के बारे में अशोभनीय टिप्पणी की गई। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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भिवानी।
कॉलेजों में अभी नए सत्र के पहले दिन विद्यार्थियों ने हंगामा और मारपीट की। जहां वैश्य कॉलेज में विद्यार्थियों ने एडमिशन नहीं होने पर हंगामा किया वहीं गवर्नमेंट कॉलेज में कुछ शरारती तत्वों ने हंगामा किया और एसएफआई कार्यकर्ताओं से मारपीट की। वैश्य कॉलेज में विद्यार्थियों ने एडमिशन न होने पर प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर हंगामा करने के बाद कॉलेज के मुख्य गेट को ताला जड़ दिया। सूचना पर पहुंचे शहर थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को समझाकर कॉलेज गेट का ताला खुलवाया। वहीं गवर्नमेंट कॉलेज में हेल्प डेस्क को लेकर छात्र संगठन आपस में भिड़ गए। इस दौरान उन्होंने डा. भीमराव अंबेडकर व शहीद भगत सिंह के होर्डिंग-बैनर फाड़ दिए। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत पुलिस में की और कॉलेज में एडमिशन काउंटर बंद करवा दिए।
पहला मामला वैश्य कॉलेज का रहा। यहां द्वितीय वर्ष में एडमिशन के लिए प्रथम वर्ष के 50 फीसदी पेपरों में पास होने की अनिवार्यता, फाइनल में एडमिशन के लिए प्रथम वर्ष वर्ष के सभी पेपरों में पास होने की अनिवार्यता और बारहवीं के बाद यदि बच्चे ने किसी कारणवश दो साल पढ़ाई नहीं की तो उसे एडमिशन नहीं देने के फैसले पर विद्यार्थी बिफर गए। विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया और सभी एडमिशन काउंटरों को बंद करवा दिया। प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर हंगामा करते हुए गेट के पास ही धरना दिया और नारेबाजी कर रोष जताया। प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर करीब आधे घंटे तक हंगामा करने के बाद सभी विद्यार्थी कॉलेज के मुख्य गेट पर पहुंचे और गेट को ताला जड़ दिया। यहां मुख्य गेट के बाहर ही धरना देकर रोष जताया। विद्यार्थियों के हंगामे की सूचना पर शहर थाना प्रभारी बिक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को समझा-बुझकर शांत किया और मुख्य गेट का ताला खुलवाया। छात्रों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगे नहीं मानी और सभी विद्यार्थियों को एडमिशन नहीं दिया गया तो वे हड़ताल करेंगे। इस मौके पर शुभम तंवर, पंकज कसेरा, अरुण, रोहित, नवीन, अंकित, राहुल, अभिषेक, धीरज, अमनदीप, कृष्ण आदि छात्र मौजूद रहे।
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कभी कहते हैं शिकायत दो, शिकायत दे तो कार्रवाई नहीं
पिछले 15-20 दिन से यूनिवर्सिटी के बेवजह के फैसलों के कारण कभी यूनिवर्सिटी अधिकारियों को तो कभी प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके बाद भी प्रिंसिपल कहते हैं कि शिकायत करो। उन्हें शिकायत करने में उलझा रखा है और विद्यार्थियों को नुकसान हो रहा है। अब द्वितीय वर्ष में एडमिशन के लिए प्रथम वर्ष के कम से कम 50 फीसदी पेपरों में पास होने की शर्त लगा दी है। फाइनल में एडमिशन लेना है तो प्रथम वर्ष के सभी विषयों में पास होना अनिवार्य है। ये छात्र विरोधी फैसले है और सत्र के बीच में लिए गए है। इसके अलावा अब सरकार ने दो वर्ष के गैप पर एडमिशन नहीं देने का फैसला कर शिक्षा का अधिकार ही छीन लिया है।
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गवर्नमेंट कॉलेज में छात्रों से मारपीट, बैनर फाड़े
भिवानी।
गवर्नमेंट कॉलेज में कुछ शरारती युवकों ने हेल्प डेस्क लगा रहे एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। कार्यकर्ताओं से मारपीट की तो अंबेडकर, शहीद भगत सिंह पर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए बैनर फोड़ दिए। एसएफआई सदस्यों ने इसकी शिकायत पुलिस में की और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामला बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे का है। गवर्नमेंट कॉलेज के पास एसएफआई की ओर से विद्यार्थियों की एडमिशन में हेल्प के लिए हेल्प डेस्क लगाया हुआ है। यहां आए चार युवकों के साथ एसएफआई सदस्यों की नोंक-झोंक हुई।जिसके बाद हैल्प डेस्क को तोड़ दिया गया। आरोप है कि डा. भीम राव अंबेडकर व शहीद भगत सिंह पर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए हमलावरों ने बैनर फाड़ दिए।
छात्र नेता विनोद, राकेश व राहुल सरोहा को जातिगत शब्द कहते हुए इनके साथ मारपीट की।। साथ ही सभी को भाग जाने व जान से मारने की धमकी दी गई। एसएपुआई कार्यकर्ताओं ने एक युवक का नाम भी बताया। दोपहर बाद एसएफआई कार्यकर्ता शिकायत लेकर टीआईटी चौकी पहुंचे और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्र नेता विनोद गिल ने बताया कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया। डा. अंबेडकर व शहीद भगत सिंह के बारे में अशोभनीय टिप्पणी की गई। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।