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मलेरिया के पांच केस मिले, खबर के बाद विभाग में हड़कंप
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:56 AM IST
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मलेरिया की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
महेंद्रगढ़। अमर उजाला में मलेरिया का समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा गया। दोपहर में गांव झगड़ौली के कुआं पर 50 घरों में स्प्रे किया और 30 लोगों की स्लाइड बनाई। जिनकी रिपोर्ट मंगलवार तक आने की संभावना है। इसके अलावा टीम ने दो तीन पानी की होद में लार्वा भी मिले, टीम ने होद खाली करवा दिया। शुक्रवार को भी नारनौल नगर के नजदीकी गांव बड़कोदा में एक मलेरिया का केस सामने आया है जिसका इलाज नारनौल अस्पताल से चल रहा है।
महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में बृहस्पतिवार को गांव झगड़ौली निवासी राहुल पुत्र धर्मपाल को मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। इससे पहले मोहल्ला महायचान में उमेश पुत्र आशाराम का मलेरिया का केस सामने आया था। दो केस आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग मलेरिया को लेकर गंभीर नहीं हुआ। अमर उजाला ने 23 जून के समाचार पत्र में इस समाचार को प्रमुखता से लगाया, उसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। गांव सेहलंग के सरकारी अस्पताल के स्वास्थ्य इंसपेक्टर कंवर पाल झगड़ौली में कुओं पर पहुंचे।
उन्होंने जगह-जगह पानी चेक किया। दो-तीन होदी के पानी में लार्वा पाया गया। यह होदी गांव झगड़ौली एवं झूक गांव के कच्चे रास्ते में पीड़ित मरीज के परिजनों ने बनाई हुई है। टीम ने इसे खाली कराया। इसके अलावा स्प्रे के लिए नारनौल की टीम पहुंची और उन्होंने आसपास के 50 घरों में स्प्रे किया। इसके अलावा गांव बड़कोदा में भी टीम ने जाकर स्प्रे किया है।
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30 लोगों की बनाई स्लाइड
हेल्थ इंसपेक्टर कंवर पाल ने बताया कि गांव झगड़ौली में कुओं पर रहने वाले 30 लोगों की स्लाइड बनाई गई हैं इनमें मरीज राहुल के परिजन भी शामिल हैं। उनके खून को सेहलंग राजकीय अस्पताल में भेज दिया है और उनकी रिपोर्ट मंगलवार तक आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि दो-तीन होदी में पानी के अंदर लार्वा मिला था उस पानी को हमने निकलवा दिया है और होदी की सफाई करवा दी है।
मत्स्य विभाग ने जोहड़ में डाली मछलियां
मत्स्य विभाग भी मलेरिया को लेकर सक्रिय हो गया है। मलेरिया का समाचार देखकर गांव झगड़ौली में पहुंची। इस दौरान बायोलॉजिस्ट डॉ. परमानंद वहां पहुंचे। उन्होंने गांव झगड़ौली के जोहड़ में गंबूजिया मछलियां डाली हैं।
एक केस और आया सामने
मानसून शुरू होने में अभी पांच दिन बाकी है उससे पहले ही मलेरिया ने महेंद्रगढ़ जिले में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को गांव बड़कोदा निवासी आशीष पुत्र सुरेंद्र (19) को नारनौल नागरिक अस्पताल में मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। आशीष को तेज बुखार होने के कारण उसे बृहस्पतिवार को नागरिक अस्पताल में एडमिट करवाया। चिकित्सकों ने उसके खून की जांच करवाई । शुक्रवार को आई रिपोर्ट में मलेरिया पॉजिटिव पाया गया।
मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य प्रशासन गंभीर बना हुआ है। सूचना मिलने के बाद स्प्रे के लिए गांव झगड़ौली में टीम को भेज दिया गया था तथा ग्रामीणों की स्लाइड भी बनाई गई हैं।
- डॉ. संजय बिश्नोई, मलेरिया इंचार्ज जिला महेंद्रगढ़।
बरसात के बाद से पनप रहे मच्छर
नारनौल (ब्यूरो)। इस बार जून से ही बरसात शुरू हो गई। बारिश के बाद मच्छर पनप रहे हैं। इसको लेकर अमर उजाला ने विभाग की तैयारियों का जायजा लिया तो पाया कि विभाग ने आपातकालीन वार्ड के प्रथम तल पर दो कमरे बनाए गए हैं। जिनमें डेंगू या मलेरिया के मरीजों को रखने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं इनकी रोकथाम के लिए दवाईयों का स्टाक भी पूरा है।
मलेरिया के अभी तक पांच मरीज मिले
जिले के अभी पांच गांवों फैजाबाद, कोरियावास, बैरावास, झगडोली तथा बड़कोदा में मलेरिया के मरीज मिले हैं। जिन गांवों में मरीज मिले हैं, उनमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्प्रे का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं आसपास के 50 घरों से स्लाइड भी लिए जा रहे हैं।
- राकेश शर्मा, हेल्थ इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, जिला महेंद्रगढ़
कैसे फैलता है मलेरिया
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया फैलता है। इस मच्छर के खून में परजीवी बैक्टीरिया होते हैं। जब यह हमें काटते हैं तो ये परजीवी लार से शरीर में पहुंच जाते हैं। यह अपना काम शुरू कर देते हैं। धीरे-धीरे शरीर में इनकी संख्या बढ़ जाती है जिससे मलेरिया हो जाता है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले परजीवी लीवर पर हमला करता है।
यह हैं मलेरिया के लक्षण
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि मलेरिया होने पर बुखार तेजी से आता है। इस दौरान मरीज को ठंड लगती है और शरीर कांपने लगता है। मरीज का सिर दर्द होने लगता है। यह दर्द बढ़ता जाता है। मलेरिया होने पर जी मिचलाने लगता है और उल्टी होने लगती है। इसके अलावा आंखें लाल हो जाती हैं। शरीर थकान से भर जाता है। लापरवाही बरतने पर मरीज की मौत तक हो सकती है।
मलेरिया से ऐसे करें बचाव
घर के आसपास बारिश का पानी नहीं खड़े रहने देना चाहिए।
पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए।
घर की छतों पर टायर या फिर कबाड़ नहीं डालना चाहिए। इनमें बारिश का पानी भर जाता है जिससे मच्छर पैदा होते हैं।
रात को बाहर सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए।
घर के आसपास नालियों में डीडीटी या अन्य दवाई डालनी चाहिए।
बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकों के पास जाकर इलाज करवाना चाहिए।
मलेरिया का आंकड़ा
वर्ष मामले
2011 360
2012 308
2013 153
2014 36
2015 32
2016 24
2017 05 जून तक
डेंगू का आंकड़ा
वर्ष मामले
2014 02
2015 05
2016 03
2017 00 जून तक
कोट
जिला में मलेरिया व डेंगू आदि से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। इसके लिए आपातकालीन भवन के प्रथम तल पर दो रूम भी बनाये गए हैं। वहीं जहां कहीं भी मलेरिया आदि के केस पाये जा रहे हैं। वहां विभाग की टीम पूरी ऐतिहात के साथ लोगों का उपचार कर रही है।
-डॉ. लव कुमार चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल, नारनौल
सतनाली मोड़ पर किया टायरों को किया चेक
महेंद्रगढ़ । स्वास्थ्य विभाग की टीम महेंद्रगढ़ ने सतनाली मोड़ पर रखे खाली टायरों को चेक किया। जिन टायरों में बरसात का पानी पाया गया उसे खाली करवाया गया। स्वास्थ्य निरीक्षक मुकेश कुमार एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता भवानी सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि अगर टायरों में बरसात का पानी भरा मिल गया तो उनके चालान किए जाएंगे।
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महेंद्रगढ़। अमर उजाला में मलेरिया का समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा गया। दोपहर में गांव झगड़ौली के कुआं पर 50 घरों में स्प्रे किया और 30 लोगों की स्लाइड बनाई। जिनकी रिपोर्ट मंगलवार तक आने की संभावना है। इसके अलावा टीम ने दो तीन पानी की होद में लार्वा भी मिले, टीम ने होद खाली करवा दिया। शुक्रवार को भी नारनौल नगर के नजदीकी गांव बड़कोदा में एक मलेरिया का केस सामने आया है जिसका इलाज नारनौल अस्पताल से चल रहा है।
महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में बृहस्पतिवार को गांव झगड़ौली निवासी राहुल पुत्र धर्मपाल को मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। इससे पहले मोहल्ला महायचान में उमेश पुत्र आशाराम का मलेरिया का केस सामने आया था। दो केस आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग मलेरिया को लेकर गंभीर नहीं हुआ। अमर उजाला ने 23 जून के समाचार पत्र में इस समाचार को प्रमुखता से लगाया, उसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। गांव सेहलंग के सरकारी अस्पताल के स्वास्थ्य इंसपेक्टर कंवर पाल झगड़ौली में कुओं पर पहुंचे।
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उन्होंने जगह-जगह पानी चेक किया। दो-तीन होदी के पानी में लार्वा पाया गया। यह होदी गांव झगड़ौली एवं झूक गांव के कच्चे रास्ते में पीड़ित मरीज के परिजनों ने बनाई हुई है। टीम ने इसे खाली कराया। इसके अलावा स्प्रे के लिए नारनौल की टीम पहुंची और उन्होंने आसपास के 50 घरों में स्प्रे किया। इसके अलावा गांव बड़कोदा में भी टीम ने जाकर स्प्रे किया है।
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30 लोगों की बनाई स्लाइड
हेल्थ इंसपेक्टर कंवर पाल ने बताया कि गांव झगड़ौली में कुओं पर रहने वाले 30 लोगों की स्लाइड बनाई गई हैं इनमें मरीज राहुल के परिजन भी शामिल हैं। उनके खून को सेहलंग राजकीय अस्पताल में भेज दिया है और उनकी रिपोर्ट मंगलवार तक आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि दो-तीन होदी में पानी के अंदर लार्वा मिला था उस पानी को हमने निकलवा दिया है और होदी की सफाई करवा दी है।
मत्स्य विभाग ने जोहड़ में डाली मछलियां
मत्स्य विभाग भी मलेरिया को लेकर सक्रिय हो गया है। मलेरिया का समाचार देखकर गांव झगड़ौली में पहुंची। इस दौरान बायोलॉजिस्ट डॉ. परमानंद वहां पहुंचे। उन्होंने गांव झगड़ौली के जोहड़ में गंबूजिया मछलियां डाली हैं।
एक केस और आया सामने
मानसून शुरू होने में अभी पांच दिन बाकी है उससे पहले ही मलेरिया ने महेंद्रगढ़ जिले में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को गांव बड़कोदा निवासी आशीष पुत्र सुरेंद्र (19) को नारनौल नागरिक अस्पताल में मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। आशीष को तेज बुखार होने के कारण उसे बृहस्पतिवार को नागरिक अस्पताल में एडमिट करवाया। चिकित्सकों ने उसके खून की जांच करवाई । शुक्रवार को आई रिपोर्ट में मलेरिया पॉजिटिव पाया गया।
मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य प्रशासन गंभीर बना हुआ है। सूचना मिलने के बाद स्प्रे के लिए गांव झगड़ौली में टीम को भेज दिया गया था तथा ग्रामीणों की स्लाइड भी बनाई गई हैं।
- डॉ. संजय बिश्नोई, मलेरिया इंचार्ज जिला महेंद्रगढ़।
बरसात के बाद से पनप रहे मच्छर
नारनौल (ब्यूरो)। इस बार जून से ही बरसात शुरू हो गई। बारिश के बाद मच्छर पनप रहे हैं। इसको लेकर अमर उजाला ने विभाग की तैयारियों का जायजा लिया तो पाया कि विभाग ने आपातकालीन वार्ड के प्रथम तल पर दो कमरे बनाए गए हैं। जिनमें डेंगू या मलेरिया के मरीजों को रखने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं इनकी रोकथाम के लिए दवाईयों का स्टाक भी पूरा है।
मलेरिया के अभी तक पांच मरीज मिले
जिले के अभी पांच गांवों फैजाबाद, कोरियावास, बैरावास, झगडोली तथा बड़कोदा में मलेरिया के मरीज मिले हैं। जिन गांवों में मरीज मिले हैं, उनमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्प्रे का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं आसपास के 50 घरों से स्लाइड भी लिए जा रहे हैं।
- राकेश शर्मा, हेल्थ इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, जिला महेंद्रगढ़
कैसे फैलता है मलेरिया
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया फैलता है। इस मच्छर के खून में परजीवी बैक्टीरिया होते हैं। जब यह हमें काटते हैं तो ये परजीवी लार से शरीर में पहुंच जाते हैं। यह अपना काम शुरू कर देते हैं। धीरे-धीरे शरीर में इनकी संख्या बढ़ जाती है जिससे मलेरिया हो जाता है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले परजीवी लीवर पर हमला करता है।
यह हैं मलेरिया के लक्षण
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि मलेरिया होने पर बुखार तेजी से आता है। इस दौरान मरीज को ठंड लगती है और शरीर कांपने लगता है। मरीज का सिर दर्द होने लगता है। यह दर्द बढ़ता जाता है। मलेरिया होने पर जी मिचलाने लगता है और उल्टी होने लगती है। इसके अलावा आंखें लाल हो जाती हैं। शरीर थकान से भर जाता है। लापरवाही बरतने पर मरीज की मौत तक हो सकती है।
मलेरिया से ऐसे करें बचाव
घर के आसपास बारिश का पानी नहीं खड़े रहने देना चाहिए।
पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए।
घर की छतों पर टायर या फिर कबाड़ नहीं डालना चाहिए। इनमें बारिश का पानी भर जाता है जिससे मच्छर पैदा होते हैं।
रात को बाहर सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए।
घर के आसपास नालियों में डीडीटी या अन्य दवाई डालनी चाहिए।
बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकों के पास जाकर इलाज करवाना चाहिए।
मलेरिया का आंकड़ा
वर्ष मामले
2011 360
2012 308
2013 153
2014 36
2015 32
2016 24
2017 05 जून तक
डेंगू का आंकड़ा
वर्ष मामले
2014 02
2015 05
2016 03
2017 00 जून तक
कोट
जिला में मलेरिया व डेंगू आदि से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। इसके लिए आपातकालीन भवन के प्रथम तल पर दो रूम भी बनाये गए हैं। वहीं जहां कहीं भी मलेरिया आदि के केस पाये जा रहे हैं। वहां विभाग की टीम पूरी ऐतिहात के साथ लोगों का उपचार कर रही है।
-डॉ. लव कुमार चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल, नारनौल
सतनाली मोड़ पर किया टायरों को किया चेक
महेंद्रगढ़ । स्वास्थ्य विभाग की टीम महेंद्रगढ़ ने सतनाली मोड़ पर रखे खाली टायरों को चेक किया। जिन टायरों में बरसात का पानी पाया गया उसे खाली करवाया गया। स्वास्थ्य निरीक्षक मुकेश कुमार एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता भवानी सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि अगर टायरों में बरसात का पानी भरा मिल गया तो उनके चालान किए जाएंगे।