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प्रदेश के 119 हेडमास्टर होंगे पदावनत

Wed, 16 Sep 2020 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 11:57 PM IST
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119 headmaster of state will be demoted
रोहतक। प्रदेश के 119 हेडमास्टरों पर पदावनति की तलवार लटक रही है। वे दोबारा शिक्षक बन सकते हैं। कोर्ट के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने वर्ष 2014 में सीएंडवी कैडर से पदोन्नत हुए हेडमास्टरों को 15 दिन का कारण बताओ नोटिस किया है। इसके कहा गया है कि वर्ष 2012 के तहत तय नियमों के अनुसार, आप निर्धारित मापदंड पूरा नहीं करते हैं, क्यों न आपको पदावनत कर दिया जाए। इस नोटिस के बाद हेडमास्टरों में हड़कंप मचा हुआ है।
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शिक्षा विभाग में वर्ष 2014 में सीएंडवी कैडर के शिक्षकों की हेडमास्टर पद पर पदोन्नति हुई थी। इस मामले में एक शिक्षक ने आपत्ति दर्ज कराते हुए पदोन्नति को लेकर अदालत में याचिका दायर की थी। इसके बाद से मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अब कोर्ट ने इन हेडमास्टरों को वापस शिक्षक पद पर पदावनत करने की बात की है। इस बारे में शिक्षा विभाग ने इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेश के कुल 118 में से तीन हेडमास्टर रोहतक के हैं। इसमें मूर्ति देवी, संतोषी देवी व बलदेव शामिल हैं।
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हिंदी दिवस पर मिला नोटिस
शिक्षा विभाग ने भाषा शिक्षकों को हिंदी दिवस पर नोटिस का उपहार दिया है। इससे आहत भाषा शिक्षकों ने अपनी पदावनति को लेकर अफसोस जताया है। इनका कहना है कि छह साल हेडमास्टर रहने के बाद शिक्षक बनना दुर्भाग्यपूर्ण रहेगा। बीए, बीएड की योग्यता के चलते ही हमें हेडमास्टर पदोन्नत किया गया था। यही नहीं कुछ तो एचटेट, एमफिल, पीएचडी तक पास की हुई है।
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हम पदोन्नत नहीं हो सकते तो मास्टर भी नहीं हो सकते
सीएंडवी कैडर से वर्ष 2014 में हेडमास्टर पदोन्नत हुए थे। इसके लिए हमारे नाम वर्ष 2010 में ही चले गए थे। इसलिए हमें आगे बढ़ाया गया। इस बीच वर्ष 2012 में नए नियम आ गए। इसके तहत मास्टर वर्ग को उनकी नियुक्ति तिथि से ही टीजीटी शिक्षक मान लिया गया। जबकि सीएंडवी कैडर को वर्ष 2012 से माना। इसके चलते हमारा अनुभव कम हो जाता है। नए नियमों के तहत आठ वर्ष टीजीटी या मिडिल हेडमास्टर का अनुभव हेडमास्टर पद के लिए अनिवार्य कर दिया गया। जबकि हमारा अनुभव भी हमारी नियुक्ति से ही माना जाना चाहिए। ऐसे हमें पशोन्नति नहीं दी जा सकती है तो मास्टर वर्ग को भी पदोन्नति नहीं दी जा सकती है। क्योंकि दोनों ही समान रूप से शिक्षक हैं। इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

आरपी शर्मा, प्रांतीय अध्यक्ष, हेडमास्टर एसोसिएशन।
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हेडमास्टरों के रिवर्ट करने का एक मामला सामने आया है। कोर्ट के निर्देश पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसमें उनसे उनके पदावनति बारे में पूछा गया है। यह मामला प्रदेश के सीएंडवी कैडर के 119 पदोन्नत हेडमास्टरों का है।
डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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