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आरोपी प्लास्टिक सर्जन डॉ स्वप्निल गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Updated Thu, 29 Nov 2018 02:23 AM IST
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आरोपी प्लास्टिक सर्जन डॉ स्वप्निल गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
सिरसा। डेरा में अवैध रूप से स्किन बैंक चलाने के मामले में आरोपी प्लास्टिक सर्जन डॉ स्वप्निल गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका को जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है। डॉ स्वप्निल गर्ग ने गिरफ्तारी से बचने के लिए 22 नवंबर को सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
इस मामले में निचली अदालत ने शाह सतनाम डेवलपमेंट फाउंडेशन के चेयरमैन अभिजीत भगत, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ओपी कासनिया, चीफ मेडिकल ऑफिसर शाह सतनाम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल डॉ एमपी सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ स्वप्निल गर्ग , टेक्नीशियन स्किन बैंक बलबीर सिंह व डॉ राकेश जिंदल इंचार्ज इंचार्ज बालाजी हॉस्पिटल करनाल को नोटिस का समन जारी करके 14 दिसंबर को तलब किया हुआ है। डेरा के स्किन बैंक को सील करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जनवरी 2018 में एसीजेएम कोर्ट में कंप्लेंट फाइल की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने इस संबंध में सिरसा के सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे।
जानकारी के अनुसार साध्वी रेप मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को बीस साल कैद की सजा सुनाए जाने के बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को डेरा में सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट की तरफ से पूर्व न्यायाधीश एकेएस पंवार को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में सिरसा प्रशासन की ओर से डेरा सच्चा सौदा में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान हुई जांच में डेरा परिसर के अंदर डेरा प्रबंधन की ओर से खोला गया स्किन बैंक अवैध पाया गया। यह बैंक दो वर्ष पहले ही शुरू हुआ था। इसे पूरे उत्तर भारत का पहला ऐसा बैंक माना जाता है। अब तक देकश में किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की जांच के अनुसार डेरे में बाबा गुरमीत राम रहीम ने बगैर किसी रजिस्ट्रेशन या कागजी कार्रवाई के न सिर्फ इस बैंक को शुरू किया बल्कि डॉक्टरों की मदद से लोगों से स्किन दान में पलेनी भी शुरू कर दी। दान में मिली स्किन से कितने लोगों को फायदा हुआ, यह स्किन बैंक के रिकार्ड में उपलब्ध नहीं मिला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से स्किन बैंक खोलने की मंजूरी डेरे को प्राप्त नहीं थी।
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सिरसा। डेरा में अवैध रूप से स्किन बैंक चलाने के मामले में आरोपी प्लास्टिक सर्जन डॉ स्वप्निल गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका को जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है। डॉ स्वप्निल गर्ग ने गिरफ्तारी से बचने के लिए 22 नवंबर को सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
इस मामले में निचली अदालत ने शाह सतनाम डेवलपमेंट फाउंडेशन के चेयरमैन अभिजीत भगत, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ओपी कासनिया, चीफ मेडिकल ऑफिसर शाह सतनाम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल डॉ एमपी सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ स्वप्निल गर्ग , टेक्नीशियन स्किन बैंक बलबीर सिंह व डॉ राकेश जिंदल इंचार्ज इंचार्ज बालाजी हॉस्पिटल करनाल को नोटिस का समन जारी करके 14 दिसंबर को तलब किया हुआ है। डेरा के स्किन बैंक को सील करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जनवरी 2018 में एसीजेएम कोर्ट में कंप्लेंट फाइल की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने इस संबंध में सिरसा के सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे।
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जानकारी के अनुसार साध्वी रेप मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को बीस साल कैद की सजा सुनाए जाने के बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को डेरा में सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट की तरफ से पूर्व न्यायाधीश एकेएस पंवार को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में सिरसा प्रशासन की ओर से डेरा सच्चा सौदा में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान हुई जांच में डेरा परिसर के अंदर डेरा प्रबंधन की ओर से खोला गया स्किन बैंक अवैध पाया गया। यह बैंक दो वर्ष पहले ही शुरू हुआ था। इसे पूरे उत्तर भारत का पहला ऐसा बैंक माना जाता है। अब तक देकश में किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की जांच के अनुसार डेरे में बाबा गुरमीत राम रहीम ने बगैर किसी रजिस्ट्रेशन या कागजी कार्रवाई के न सिर्फ इस बैंक को शुरू किया बल्कि डॉक्टरों की मदद से लोगों से स्किन दान में पलेनी भी शुरू कर दी। दान में मिली स्किन से कितने लोगों को फायदा हुआ, यह स्किन बैंक के रिकार्ड में उपलब्ध नहीं मिला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से स्किन बैंक खोलने की मंजूरी डेरे को प्राप्त नहीं थी।
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