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आंगनबाड़ी वर्करों ने काली चुन्नी ओढ़कर किया प्रदर्शन
Updated Fri, 02 Mar 2018 01:20 AM IST
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आंगनबाड़ी वर्करों ने काली चुन्नी ओढ़कर और ढोलक बजाकर किया प्रदर्शन
चरखी दादरी।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों ने वीरवार को काली होली मनाई। इन महिलाओं ने शहर में प्रदर्शन किया। इसके बाद परशुराम चौक पर नारेबाजी करने के बाद सीएम मनोहर लाल का पुतला फूंका। आंगनबाड़ी वर्करों ने विरोधस्वरूप काली चुन्नी ओढ़ी और ढोलक बजाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वीरवार सुबह काले वस्त्र पहनकर शहर के रोजगार्डन पहुंची और प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंगनबाड़ी यूनियन प्रधान राजवंती ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी है। सरकार उनकी मांगों को लेकर कतई गंभीर नहीं है। आंगनबाड़ी यूनियन की जिला प्रधान राजवंती फौगाट ने कहा कि मोदी सरकार एक करोड़ महिलाओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। एक तरफ सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के दावे कर रही है दूसरी ओर महिलाओं की जायज मांगों की भी सुनवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार आंगनबाड़ी में कैश ट्रांसफर मिड- डे -मिल योजना का निजीकरण करने और स्वास्थ्य विभाग में एनजीओ की घुसपैठ करवाकर इन योजनाओं को बर्बाद करना चाहती है।
जिला महासचिव अनिल श्योराण ने केंद्र सरकार से 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। इन सिफारिशों के अनुरूप 18 हजार न्यूनतम वेतन सहित कर्मचारी का दर्जा देने व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की बात शामिल है।
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वहीं प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे अध्यापक संघ के प्रदेश महासचिव संजीव मंदोला ने कहा कि अध्यापक संघ लगातार आंगनबाड़ी वर्करज व हेल्पर्स के समर्थन में है। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रण सिंह मान ने धरने को समर्थन देते कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आवाज विधानसभा व संसद सत्र में उठाई जाएगी। इस मौके पर बाढड़ा ब्लॉक प्रधान चंद्रकलां, रामौतारी, ऊषा, सुशीला, जगवंती, सुनील, सुमन, कमला, बिमला, कांता, सुंदरा, सुलक्षणा, रानी, वेदकौर, शर्मिला, बीता मांढी, संतोष और कई आंगनबाड़ी वर्कर मौजूद थीं।
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चरखी दादरी।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों ने वीरवार को काली होली मनाई। इन महिलाओं ने शहर में प्रदर्शन किया। इसके बाद परशुराम चौक पर नारेबाजी करने के बाद सीएम मनोहर लाल का पुतला फूंका। आंगनबाड़ी वर्करों ने विरोधस्वरूप काली चुन्नी ओढ़ी और ढोलक बजाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वीरवार सुबह काले वस्त्र पहनकर शहर के रोजगार्डन पहुंची और प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंगनबाड़ी यूनियन प्रधान राजवंती ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी है। सरकार उनकी मांगों को लेकर कतई गंभीर नहीं है। आंगनबाड़ी यूनियन की जिला प्रधान राजवंती फौगाट ने कहा कि मोदी सरकार एक करोड़ महिलाओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। एक तरफ सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के दावे कर रही है दूसरी ओर महिलाओं की जायज मांगों की भी सुनवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार आंगनबाड़ी में कैश ट्रांसफर मिड- डे -मिल योजना का निजीकरण करने और स्वास्थ्य विभाग में एनजीओ की घुसपैठ करवाकर इन योजनाओं को बर्बाद करना चाहती है।
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जिला महासचिव अनिल श्योराण ने केंद्र सरकार से 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। इन सिफारिशों के अनुरूप 18 हजार न्यूनतम वेतन सहित कर्मचारी का दर्जा देने व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की बात शामिल है।
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वहीं प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे अध्यापक संघ के प्रदेश महासचिव संजीव मंदोला ने कहा कि अध्यापक संघ लगातार आंगनबाड़ी वर्करज व हेल्पर्स के समर्थन में है। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रण सिंह मान ने धरने को समर्थन देते कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आवाज विधानसभा व संसद सत्र में उठाई जाएगी। इस मौके पर बाढड़ा ब्लॉक प्रधान चंद्रकलां, रामौतारी, ऊषा, सुशीला, जगवंती, सुनील, सुमन, कमला, बिमला, कांता, सुंदरा, सुलक्षणा, रानी, वेदकौर, शर्मिला, बीता मांढी, संतोष और कई आंगनबाड़ी वर्कर मौजूद थीं।