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टॉपर्स की कहानी सुन देश के भविष्य ने बुने स्वर्णिम सपने
Updated Wed, 29 Nov 2017 02:30 AM IST
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फोटो समेत
टॉपर्स की कहानी सुन देश के भविष्य ने बुने स्वर्णिम सपने
- अमर उजाला एजुकेशन और स्कोलर रोजरी स्कूल की तरफ से हुआ टॉपर्स टूर-2017
- एमडीयू के कुलपति, एसपी और मुख्यमंत्री के पीएस राजेश गोयल ने किया दीप प्रज्जवलन
- आईआईटी और पीएमटी के टॉपर्स ने विद्यार्थियों से सांझा किया सफलता का मूलमंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। यूं तो सफलता पाने के लिए सभी मेहनत करते हैं, लेकिन सफलता का असली मूलमंत्र केवल वही बता सकते हैं, जिन्होंने विकट परिस्थितियों को पार कर बुलंदियों को छुआ है। यह न केवल सफलता की सीढ़ियों तक पहुंचे, बल्कि दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत भी बने। सफलता के शिखर तक पहुंचने के लिए क्या-क्या करना चाहिए और किन नियमों का पालन करना होगा कुछ ऐसा ही संदेश दिया आईआईटी और पीएमटी के टॉपर्स ने। मौका था अमर उजाला के टॉपर्स टूर-2017 का।
एमडीयू के टैगोर सभागार में मंगलवार को अमर उजाला एजुकेशन और स्कोलर रोजरी स्कूल के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ मुख्यातिथि एमडीयू के कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया, एसपी पंकज नैन और मुख्यमंत्री के पीएस राजेश गोयल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया। कार्यक्रम में 20 से अधिक स्कूलों के दो हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। मुख्यातिथियों ने सभी को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं पीएमटी टॉपर्स विकास सहराय, सुदीक्षा छिक्कारा, आईआईटी टॉपर्स अभिषेक कुमार कमल और मनीष कुमार ने मुकाम पाने के लिए किए गए अपने संघर्ष की दास्तां को विद्यार्थियों के साथ सांझा किया। विद्यार्थियों ने भी टॉपर्स से सवाल-जवाब कर अपनी जिज्ञासा को शांत किया। स्कोलर रोजरी स्कूल के डायरेक्टर डॉ. रवि गुगनानी ने भी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए मेहनत से बड़ा कोई मूलमंत्र नहीं है। कड़ी मेहनत का फल अवश्य मिलता है। अतिथियों के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों ने भी इस आयोजन के लिए अमर उजाला को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के आखिर में अतिथियों, टॉपर्स और सभी स्कूलों से आए शिक्षकों को अमर उजाला की तरफ से सम्मानित किया गया।
सकारात्मकता के साथ जीओ जिंदगी : कुलपति
कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया ने कहा कि सफलता के लिए खुद को समर्पित करना होगा। समय की कदर करनी होगी। जब तक लक्ष्य निर्धारित नहीं किया जाएगा तब तक सफलता को पाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मकता का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में कभी निराश नहीं होना चाहिए। विकट परिस्थितियों को पार कर आगे बढ़ने वाला ही सफलता को हासिल कर सकता है। इसीलिए कभी भी विकट परिस्थितियों से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को कहानी सुनाकर अच्छे, सक्षम और संस्कारित होने का मूलमंत्र दिया। साथ ही इस आयोजन के लिए अमर उजाला को बधाई दी।
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विकट परिस्थितियों में भी डटकर करे मुकाबला : राजेश गोयल
मुख्यमंत्री के पीएस राजेश गोयल ने कहा कि सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है देश के राष्ट्रपति रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम थे। बच्चों के प्रिय रहकर उन्होंने जो कामयाबी हासिल की वह सभी के सामने है। इसीलिए जीवन में कभी भी ठहराव नहीं होना चाहिए। पढ़ाई हो या फिर कोई भी क्षेत्र जीवन में निरंतरता बंद नहीं होनी चाहिए। हर रोज मेहतन करो, उसका फल अवश्य मिलता है। विकट परिस्थितियां सभी के सामने आती है, लेकिन उससे नहीं हारना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वर्तमान में सभी सुविधाएं मिल रही है उसका लाभ उठाना चाहिए। कड़ी मेहनत कर आगे बढ़ो, तभी सफलता मिलेगी।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी : एसपी
एसपी पंकज नैन ने कहा कि शिक्षा के बाद मुकाम तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन जब तक व्यक्ति में संस्कार न हो वह कामयाब नहीं कहा जा सकता है। शिक्षा के साथ-साथ संस्कारित होना भी जरूरी है। जो शिक्षा के मंदिर और घर में ही मिल सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि जीवन में सफलता के लिए पहले से टारगेट बनाकर चले। लक्ष्य निर्धारित करने वाला हमेशा कामयाब होता है।
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टॉपर्स की कहानी सुन देश के भविष्य ने बुने स्वर्णिम सपने
- अमर उजाला एजुकेशन और स्कोलर रोजरी स्कूल की तरफ से हुआ टॉपर्स टूर-2017
- एमडीयू के कुलपति, एसपी और मुख्यमंत्री के पीएस राजेश गोयल ने किया दीप प्रज्जवलन
- आईआईटी और पीएमटी के टॉपर्स ने विद्यार्थियों से सांझा किया सफलता का मूलमंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। यूं तो सफलता पाने के लिए सभी मेहनत करते हैं, लेकिन सफलता का असली मूलमंत्र केवल वही बता सकते हैं, जिन्होंने विकट परिस्थितियों को पार कर बुलंदियों को छुआ है। यह न केवल सफलता की सीढ़ियों तक पहुंचे, बल्कि दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत भी बने। सफलता के शिखर तक पहुंचने के लिए क्या-क्या करना चाहिए और किन नियमों का पालन करना होगा कुछ ऐसा ही संदेश दिया आईआईटी और पीएमटी के टॉपर्स ने। मौका था अमर उजाला के टॉपर्स टूर-2017 का।
एमडीयू के टैगोर सभागार में मंगलवार को अमर उजाला एजुकेशन और स्कोलर रोजरी स्कूल के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ मुख्यातिथि एमडीयू के कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया, एसपी पंकज नैन और मुख्यमंत्री के पीएस राजेश गोयल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया। कार्यक्रम में 20 से अधिक स्कूलों के दो हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। मुख्यातिथियों ने सभी को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं पीएमटी टॉपर्स विकास सहराय, सुदीक्षा छिक्कारा, आईआईटी टॉपर्स अभिषेक कुमार कमल और मनीष कुमार ने मुकाम पाने के लिए किए गए अपने संघर्ष की दास्तां को विद्यार्थियों के साथ सांझा किया। विद्यार्थियों ने भी टॉपर्स से सवाल-जवाब कर अपनी जिज्ञासा को शांत किया। स्कोलर रोजरी स्कूल के डायरेक्टर डॉ. रवि गुगनानी ने भी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए मेहनत से बड़ा कोई मूलमंत्र नहीं है। कड़ी मेहनत का फल अवश्य मिलता है। अतिथियों के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों ने भी इस आयोजन के लिए अमर उजाला को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के आखिर में अतिथियों, टॉपर्स और सभी स्कूलों से आए शिक्षकों को अमर उजाला की तरफ से सम्मानित किया गया।
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सकारात्मकता के साथ जीओ जिंदगी : कुलपति
कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया ने कहा कि सफलता के लिए खुद को समर्पित करना होगा। समय की कदर करनी होगी। जब तक लक्ष्य निर्धारित नहीं किया जाएगा तब तक सफलता को पाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मकता का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में कभी निराश नहीं होना चाहिए। विकट परिस्थितियों को पार कर आगे बढ़ने वाला ही सफलता को हासिल कर सकता है। इसीलिए कभी भी विकट परिस्थितियों से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को कहानी सुनाकर अच्छे, सक्षम और संस्कारित होने का मूलमंत्र दिया। साथ ही इस आयोजन के लिए अमर उजाला को बधाई दी।
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विकट परिस्थितियों में भी डटकर करे मुकाबला : राजेश गोयल
मुख्यमंत्री के पीएस राजेश गोयल ने कहा कि सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है देश के राष्ट्रपति रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम थे। बच्चों के प्रिय रहकर उन्होंने जो कामयाबी हासिल की वह सभी के सामने है। इसीलिए जीवन में कभी भी ठहराव नहीं होना चाहिए। पढ़ाई हो या फिर कोई भी क्षेत्र जीवन में निरंतरता बंद नहीं होनी चाहिए। हर रोज मेहतन करो, उसका फल अवश्य मिलता है। विकट परिस्थितियां सभी के सामने आती है, लेकिन उससे नहीं हारना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वर्तमान में सभी सुविधाएं मिल रही है उसका लाभ उठाना चाहिए। कड़ी मेहनत कर आगे बढ़ो, तभी सफलता मिलेगी।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी : एसपी
एसपी पंकज नैन ने कहा कि शिक्षा के बाद मुकाम तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन जब तक व्यक्ति में संस्कार न हो वह कामयाब नहीं कहा जा सकता है। शिक्षा के साथ-साथ संस्कारित होना भी जरूरी है। जो शिक्षा के मंदिर और घर में ही मिल सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि जीवन में सफलता के लिए पहले से टारगेट बनाकर चले। लक्ष्य निर्धारित करने वाला हमेशा कामयाब होता है।