{"_id":"598387754f1c1b98628b4860","slug":"11501792117-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमित शाह की सुरक्षा में चूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमित शाह की सुरक्षा में चूक
Updated Fri, 04 Aug 2017 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुरक्षा में चूक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
छह आईपीएस और करीब 500 पुलिस कर्मियों के सुरक्षा घेरे के बावजूद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोहतक प्रवास के पहले और दूसरे दिन सुरक्षा में बढ़ी चूक हो गई। एक तरफ शाह के प्रवास की पहली रात नशे में धुत होकर अमित शाह के कमरे तक पहुंच गए। दूसरी तरफ प्रवास के दूसरे दिन जब शाह तिलियार के कन्वेंशन हाल में मंत्रिमंडल के साथ बैठक कर रहे थे तो संत गोपालदास और उनके समर्थकों ने स्वागत द्वार पर मरा हुआ सांड़ डाल दिया। वहीं, पुलिस सुरक्षा की पोल खुलने के बावजूद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा के बेहतर बंदोबस्त का दावा करते रहे।
थ्री लेयर सुरक्षा तोड़कर पहुुंचे थे शाह के कमरे तक
शराब के नशे में धुत दोनों आरोपी थ्री लेयर सुरक्षा को चमका देते हुए अमित शाह के कमरे तक पहुंचे थे। शाह के कमरे तक तीन लाइनों में सुरक्षा पहरा लगाया गया था। कमरे के बाहर शाह के निजी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रोहतक में तीन दिवसीय दौरे के लिए आए हैं। वह तिलियार लेक के कमरे में ठहरे हुए हैं। रात को शाह कमरे में आराम कर रहे थे। करीब साढ़े ग्यारह बजे नशे में धुत दो युवक कार में बैठकर आए। जब दोनों तिलियार पेट्रोल पंप के पास पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा। इस पर दोनों ने कहा कि वह निजी तौर पर अमित शाह से मिलने आए हैं। इसी तरह वह थ्री लेयर पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर शाह के कमरे तक पहुंच गए। कमरे के अंदर जाने से पहले ही शाह के सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। बाद में अर्बन एस्टेट पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लिया। आरोपियों की पहचान गांव कोहला जिला सोनीपत हाल शास्त्री नगर निवासी अशोक और गांव भंभेवा हाल शास्त्री नगर निवासी राजेंद्र के रूप में हुई। दोनों युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस का दावा : पेट्रोल पंप से किया गिरफ्तार
मामला सार्वजनिक होने पर जिला पुलिस अपने बचाव में आ गई है। पुलिस का दावा है कि दोनों युवकों को तिलियार पेट्रोल पंप के पास शराब पी रहे थे। शराब पीने के बाद दोनों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर अमित शाह से मिलने का प्रयास किया। पुलिस ने घेरा तोड़ने से पहले ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अर्बन एस्टेट थाना एसएचओ देवेंद्र का कहना है कि दोनों को पेट्रोल पंप के पास से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की कार को भी कब्जे में ले लिया है।
विज्ञापन
डीजीपी ने मांगी रिपोर्ट, 24 पुलिसकर्मियों पर गिर सकती है गाज
दो शराबियों द्वारा अमित शाह के कमरे तक पहुंचने के मामला डीजीपी के संज्ञान में आ गया है। उन्होंने मामले की रिपोर्ट मांग ली है। अब तिलियार लेक के पास ड्यूटी कर रहे करीब 24 पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है। यहां पर तैनात अधिकतर पुलिस कर्मी रोहतक जिले के बाहर से थे। इस संबंध में कुछ पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कर भी दी गई है, लेकिन अभी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी चूक
संत गोपालदास और समर्थकों ने मरा हुआ सांड़ डालकर किया प्रदर्शन
गोचरान भूमि की मांग पर लगभग दो महीने से अनशन पर बैठे संत गोपालदास ने वीरवार को अमित शाह के कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन किया। संत ने तिलियार गेट के बाहर मरा हुआ सांड़ डाल दिया और अपने समर्थकों के साथ हंगामा किया। इसी दौरान अंदर कन्वेंशन हॉल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मंत्रीमंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। संत ने अपने समर्थकों के साथ काफी देर तक भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन भी किया। आखिर में करीब 20-25 मिनट बाद संत और उनके समर्थकों को जबरन गाड़ी में डालकर थाने ले जाया गया।
सुबह मरा सांड़ तो इतनी जल्दी कैसे पड़े कीड़े
विरोध-प्रदर्शन के दौरान संत और उनके समर्थकों का कहना था कि यह सांड़ सुबह ही एक सड़क हादसे का शिकार हुआ है। जिसे वह उठाकर लाए हैं, लेकिन जिस तरह सांड़ की हालत थी उसे देखकर लग रहा था कि वह कई दिन पहले मर चुका है। सांड़ के शरीर में कीड़े पड़े हुए थे और बदबू उठ रही थी। सवाल यह है कि यदि सांड़ सुबह ही मरा था कि इतनी जल्दी कीड़े या बदबू कैसे हो गई। हालांकि पुलिस अब जांच कर रही है कि आखिर सांड़ को कहां से उठाकर लाया गया।
राजनीतिक हाथों में खेल रहे हैं संत गोपालदास : भानीराम मंगला
इस प्रकरण को लेकर गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला का कहना है कि भाजपा सरकार गोवंश को लेकर गंभीर है। गोचरान भूमि को लेकर भी कार्य किया जा रहा है। संत के अनशन से पहले ही सरकार गोवंश को लेकर ठोस कदम उठा रही है, लेकिन संत गोपालदास राजनीतिक हाथों में खेल रहे हैं। उन्होंने यह सब भी राजनीति के तहत ही किया है।
ऐसे खुली सुरक्षा की पोल-
500 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और छह आईपीएस का नेतृत्व
सुरक्षा में चूक न हो इसलिए जिला पुलिस की तरफ से कार्यक्रम स्थल के आसपास करीब 500 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा छह आईपीएस व बीस डीएसपी नेतृत्व कर रहे थे। मगर सुरक्षा व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब संत मरे हुए सांड़ को लेकर कार्यक्रम स्थल के बाहर पहुंच गया। जबकि संत गोपाल दास को लेकर जिला पुलिस पहले से ही सक्रिय होने का दावा कर रही थी। संत व उसके समर्थकों और क्रे न को देखने के बाद भी न तो किसी आईपीएस ने उन्हें टोकना जरूरी समझा और न ही किसी पुलिस कर्मी ने।
शाह शहर में फिर भी फेल साबित हुआ खुफिया तंत्र -
शाह की सुरक्षा में लगातार दो दिनों तक चूक होने पर खुफिया तंत्र भी फेल साबित हुआ है। किसी भी खुफिया एजेंसी को संत के आने की भनक तक नहीं लगी। इसी कारण मौके पर तैनात वरिष्ठ अधिकारियों तक भी सूचना नहीं पहुंची। ऐसी ही लापरवाही शाह के कमरे तक जाने वाले दो आरोपियों के मामले में सामने आई। दोनों आरोपी पुलिस को गुमराह करके शाह के कमरे तक पहुंच गये। इसके बाद शाह की निजी सिक्योरिटी ने उन्हें काबू किया।
ऐसी है अमित शाह की सुरक्षा व्यवस्था
01 आईजी
06 आईपीएस एसपी पंकज नैन सहित
20 डीएसपी विभिन्न जिलों से बुलाए गए
01 बटालियन कमांडो की मधुबन से बुलाई गई
06 कंपनी जिले भर में पुलिस की तैनात
10 घोड़ा सवार पुलिस के जवान
सुलगते सवाल
- संत गोपालदास को पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारी और कर्मचारी पहचानते हैं। यहां तक उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखने की भी चेतावनी दे रखी थी। इसके बावजूद संत और उनके समर्थक इतनी कड़ी सुरक्षा में सेंध लगाकर कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंच गए।
- सांड़ को क्रेन से लाया गया। उसके बाद दूसरी गाड़ी में संत और उनके समर्थक पहुंचे। ऐसे में जिस समय सांड़ को गेट पर डाला जा रहा था उस समय पुलिसकर्मियों ने क्यों नहीं रोका।
- क्रेन से सांड़ को डाला गया और चालक क्रेन समेत वहां से आसानी से निकल भी गया। उससे किसी ने पूछा तक नहीं। इस घटना का पता चलने पर एसडीएम अरविंद मल्हान और नगर निगम के डीटीपी समेत कई पुलिस अधिकारी तुरंत आ गए थे, लेकिन काफी देर तक अधिकारी भी बेबस खड़े रहे।
पुलिस और कमांडों का पहरा तोड़कर पहुंचे संत
शाम करीब पांच बजे जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तिलियार कन्वेंशन हाल में मंत्रीमंडल की बैठक ले रहे थे तभी संत गोपालदास और उनके समर्थक क्रेन में मरे हुए सांड़ को लेकर वहां पहुंच गए। संत के समर्थकों ने तिलियार पर बनाए गए स्वागत द्वार के बाहर मरा हुआ सांड़ डाला और प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घटनाक्रम के समय तिलियार के गेट से लेकर चारों तरफ सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी और कमांडो तैनात थे। इसके बावजूद किसी ने भी संत व उसके समर्थकों को रोकने की जहमत नहीं उठाई। इतना ही नहीं मेडिकल मोड़ से लेकर कार्यक्रम स्थल तक किसी ने क्रेन की जांच पड़ताल करने का भी प्रयास नहीं किया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और संत सहित उसके समर्थकों को उठाकर ले गई। फिर नगर निगम के कर्मियों को बुलाया, तब जाकर सांड़ को वहां से हटाकर साफ-सफाई कराई गई।
वर्जन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती गई। संत और उनके समर्थक सांड़ को अंदर लेकर आना चाहते थे, लेकिन गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया। फिलहाल संत समेत करीब दर्जनभर लोगों के खिलाफ केस दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा शराब पीकर शाह से मिलने का प्रयास करने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
- पंकज नैन, एसपी, रोहतक।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
छह आईपीएस और करीब 500 पुलिस कर्मियों के सुरक्षा घेरे के बावजूद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोहतक प्रवास के पहले और दूसरे दिन सुरक्षा में बढ़ी चूक हो गई। एक तरफ शाह के प्रवास की पहली रात नशे में धुत होकर अमित शाह के कमरे तक पहुंच गए। दूसरी तरफ प्रवास के दूसरे दिन जब शाह तिलियार के कन्वेंशन हाल में मंत्रिमंडल के साथ बैठक कर रहे थे तो संत गोपालदास और उनके समर्थकों ने स्वागत द्वार पर मरा हुआ सांड़ डाल दिया। वहीं, पुलिस सुरक्षा की पोल खुलने के बावजूद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा के बेहतर बंदोबस्त का दावा करते रहे।
थ्री लेयर सुरक्षा तोड़कर पहुुंचे थे शाह के कमरे तक
शराब के नशे में धुत दोनों आरोपी थ्री लेयर सुरक्षा को चमका देते हुए अमित शाह के कमरे तक पहुंचे थे। शाह के कमरे तक तीन लाइनों में सुरक्षा पहरा लगाया गया था। कमरे के बाहर शाह के निजी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रोहतक में तीन दिवसीय दौरे के लिए आए हैं। वह तिलियार लेक के कमरे में ठहरे हुए हैं। रात को शाह कमरे में आराम कर रहे थे। करीब साढ़े ग्यारह बजे नशे में धुत दो युवक कार में बैठकर आए। जब दोनों तिलियार पेट्रोल पंप के पास पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा। इस पर दोनों ने कहा कि वह निजी तौर पर अमित शाह से मिलने आए हैं। इसी तरह वह थ्री लेयर पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर शाह के कमरे तक पहुंच गए। कमरे के अंदर जाने से पहले ही शाह के सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। बाद में अर्बन एस्टेट पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लिया। आरोपियों की पहचान गांव कोहला जिला सोनीपत हाल शास्त्री नगर निवासी अशोक और गांव भंभेवा हाल शास्त्री नगर निवासी राजेंद्र के रूप में हुई। दोनों युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन
पुलिस का दावा : पेट्रोल पंप से किया गिरफ्तार
मामला सार्वजनिक होने पर जिला पुलिस अपने बचाव में आ गई है। पुलिस का दावा है कि दोनों युवकों को तिलियार पेट्रोल पंप के पास शराब पी रहे थे। शराब पीने के बाद दोनों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर अमित शाह से मिलने का प्रयास किया। पुलिस ने घेरा तोड़ने से पहले ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अर्बन एस्टेट थाना एसएचओ देवेंद्र का कहना है कि दोनों को पेट्रोल पंप के पास से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की कार को भी कब्जे में ले लिया है।
विज्ञापन
डीजीपी ने मांगी रिपोर्ट, 24 पुलिसकर्मियों पर गिर सकती है गाज
दो शराबियों द्वारा अमित शाह के कमरे तक पहुंचने के मामला डीजीपी के संज्ञान में आ गया है। उन्होंने मामले की रिपोर्ट मांग ली है। अब तिलियार लेक के पास ड्यूटी कर रहे करीब 24 पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है। यहां पर तैनात अधिकतर पुलिस कर्मी रोहतक जिले के बाहर से थे। इस संबंध में कुछ पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कर भी दी गई है, लेकिन अभी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी चूक
संत गोपालदास और समर्थकों ने मरा हुआ सांड़ डालकर किया प्रदर्शन
गोचरान भूमि की मांग पर लगभग दो महीने से अनशन पर बैठे संत गोपालदास ने वीरवार को अमित शाह के कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन किया। संत ने तिलियार गेट के बाहर मरा हुआ सांड़ डाल दिया और अपने समर्थकों के साथ हंगामा किया। इसी दौरान अंदर कन्वेंशन हॉल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मंत्रीमंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। संत ने अपने समर्थकों के साथ काफी देर तक भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन भी किया। आखिर में करीब 20-25 मिनट बाद संत और उनके समर्थकों को जबरन गाड़ी में डालकर थाने ले जाया गया।
सुबह मरा सांड़ तो इतनी जल्दी कैसे पड़े कीड़े
विरोध-प्रदर्शन के दौरान संत और उनके समर्थकों का कहना था कि यह सांड़ सुबह ही एक सड़क हादसे का शिकार हुआ है। जिसे वह उठाकर लाए हैं, लेकिन जिस तरह सांड़ की हालत थी उसे देखकर लग रहा था कि वह कई दिन पहले मर चुका है। सांड़ के शरीर में कीड़े पड़े हुए थे और बदबू उठ रही थी। सवाल यह है कि यदि सांड़ सुबह ही मरा था कि इतनी जल्दी कीड़े या बदबू कैसे हो गई। हालांकि पुलिस अब जांच कर रही है कि आखिर सांड़ को कहां से उठाकर लाया गया।
राजनीतिक हाथों में खेल रहे हैं संत गोपालदास : भानीराम मंगला
इस प्रकरण को लेकर गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला का कहना है कि भाजपा सरकार गोवंश को लेकर गंभीर है। गोचरान भूमि को लेकर भी कार्य किया जा रहा है। संत के अनशन से पहले ही सरकार गोवंश को लेकर ठोस कदम उठा रही है, लेकिन संत गोपालदास राजनीतिक हाथों में खेल रहे हैं। उन्होंने यह सब भी राजनीति के तहत ही किया है।
ऐसे खुली सुरक्षा की पोल-
500 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और छह आईपीएस का नेतृत्व
सुरक्षा में चूक न हो इसलिए जिला पुलिस की तरफ से कार्यक्रम स्थल के आसपास करीब 500 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा छह आईपीएस व बीस डीएसपी नेतृत्व कर रहे थे। मगर सुरक्षा व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब संत मरे हुए सांड़ को लेकर कार्यक्रम स्थल के बाहर पहुंच गया। जबकि संत गोपाल दास को लेकर जिला पुलिस पहले से ही सक्रिय होने का दावा कर रही थी। संत व उसके समर्थकों और क्रे न को देखने के बाद भी न तो किसी आईपीएस ने उन्हें टोकना जरूरी समझा और न ही किसी पुलिस कर्मी ने।
शाह शहर में फिर भी फेल साबित हुआ खुफिया तंत्र -
शाह की सुरक्षा में लगातार दो दिनों तक चूक होने पर खुफिया तंत्र भी फेल साबित हुआ है। किसी भी खुफिया एजेंसी को संत के आने की भनक तक नहीं लगी। इसी कारण मौके पर तैनात वरिष्ठ अधिकारियों तक भी सूचना नहीं पहुंची। ऐसी ही लापरवाही शाह के कमरे तक जाने वाले दो आरोपियों के मामले में सामने आई। दोनों आरोपी पुलिस को गुमराह करके शाह के कमरे तक पहुंच गये। इसके बाद शाह की निजी सिक्योरिटी ने उन्हें काबू किया।
ऐसी है अमित शाह की सुरक्षा व्यवस्था
01 आईजी
06 आईपीएस एसपी पंकज नैन सहित
20 डीएसपी विभिन्न जिलों से बुलाए गए
01 बटालियन कमांडो की मधुबन से बुलाई गई
06 कंपनी जिले भर में पुलिस की तैनात
10 घोड़ा सवार पुलिस के जवान
सुलगते सवाल
- संत गोपालदास को पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारी और कर्मचारी पहचानते हैं। यहां तक उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखने की भी चेतावनी दे रखी थी। इसके बावजूद संत और उनके समर्थक इतनी कड़ी सुरक्षा में सेंध लगाकर कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंच गए।
- सांड़ को क्रेन से लाया गया। उसके बाद दूसरी गाड़ी में संत और उनके समर्थक पहुंचे। ऐसे में जिस समय सांड़ को गेट पर डाला जा रहा था उस समय पुलिसकर्मियों ने क्यों नहीं रोका।
- क्रेन से सांड़ को डाला गया और चालक क्रेन समेत वहां से आसानी से निकल भी गया। उससे किसी ने पूछा तक नहीं। इस घटना का पता चलने पर एसडीएम अरविंद मल्हान और नगर निगम के डीटीपी समेत कई पुलिस अधिकारी तुरंत आ गए थे, लेकिन काफी देर तक अधिकारी भी बेबस खड़े रहे।
पुलिस और कमांडों का पहरा तोड़कर पहुंचे संत
शाम करीब पांच बजे जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तिलियार कन्वेंशन हाल में मंत्रीमंडल की बैठक ले रहे थे तभी संत गोपालदास और उनके समर्थक क्रेन में मरे हुए सांड़ को लेकर वहां पहुंच गए। संत के समर्थकों ने तिलियार पर बनाए गए स्वागत द्वार के बाहर मरा हुआ सांड़ डाला और प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घटनाक्रम के समय तिलियार के गेट से लेकर चारों तरफ सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी और कमांडो तैनात थे। इसके बावजूद किसी ने भी संत व उसके समर्थकों को रोकने की जहमत नहीं उठाई। इतना ही नहीं मेडिकल मोड़ से लेकर कार्यक्रम स्थल तक किसी ने क्रेन की जांच पड़ताल करने का भी प्रयास नहीं किया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और संत सहित उसके समर्थकों को उठाकर ले गई। फिर नगर निगम के कर्मियों को बुलाया, तब जाकर सांड़ को वहां से हटाकर साफ-सफाई कराई गई।
वर्जन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती गई। संत और उनके समर्थक सांड़ को अंदर लेकर आना चाहते थे, लेकिन गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया। फिलहाल संत समेत करीब दर्जनभर लोगों के खिलाफ केस दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा शराब पीकर शाह से मिलने का प्रयास करने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
- पंकज नैन, एसपी, रोहतक।