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सबसे बड़े रेलवे फाटक पर बनेगा शहर का पहला फोरलेन ओवरब्रिज
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:35 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
भाड़ावास रेलवे फाटक पर लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। क्योंकि शहर के सबसे बड़े इस रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज की मंजूरी मिल गई है। खास बात यह है कि यह ओवरब्रिज फोरलेन होगा। ओवरब्रिज निर्माण की मंजूरी के लिए जरूरी सर्वे आदि कर रेलवे ने जांच के बाद मंजूरी देते हुए इसे हरी झंडी दे दी। इस फाटक के बनने से लाइन पार रहने वाले करीब 20 गांवों के 30 हजार लोगों का लाभ मिलेगा जिनका जीवन इस रेलवे लाइन की वजह से थम सा गया था। वहीं स्कूली बच्चों एवं रोजगार के लिए जाने वाले लोगों की समस्या का भी निदान होगा। गौरतलब है कि शहर के बिल्कुल पास स्थित भाड़ावास फाटक पर लगा जाम लोगों के लिए मुश्किल पैदा कर रहा था। समय-समय पर कई संगठन इस पर ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे थे। इस संबंध में एचएसआरडीसी (हरियाणा स्टेट रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन) ने मई में रेलवे को प्रपोजल बनाकर भेजा था। 21 जून को अलवर से रेलवे अधिकारी सर्वे करने आए। इसके बाद मौका मुआयना किया गया। इसके बाद इस पर फाटक बनने को हरी झंडी मिल गई।
शर्त: एक लाख वाहनों का निकलना जरूरी, आधे पैसे देगा रेलवे
रेलवे की टीम ने भाड़ावास फाटक पर टीवीयू (ट्रेन व्हीकल यूनिट) की जांच की। नियमानुसार ओवरब्रिज बनाने के लिए फाटक से प्रतिदिन एक लाख वाहनों का निकलना जरूरी होता है। नियमों के अनुसार ओवरब्रिज बनाने में आधे पैसे भी रेलवे को देने होते हैं। सभी चीज लगभग ठीक पाई जाने पर यह निर्णय हुआ। इस फाटक की सबसे खास बात इसका फोरलेन होना है। फोरलेन बनने के बाद यहां जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। इसके नीचे सर्विस रोड भी बनाया जाएगा। जिसका उपयोग स्थानीय लोग कर सकेंगे। ऐसे में शहर में ओवरब्रिज की संख्या तीन हो जाएगी। इससे पहले नाईवाली और झज्जर फाटक पर ही ओवरब्रिज है। महेंद्रगढ़ -नारनौल रेलवे लाइन पर भी ओवरब्रिज का प्रस्ताव चल रहा है।
पिछले दिनों अलवर से रेलवे के अधिकारी सर्वे करने के लिए आए थे। यहां सर्वे किया गया। ओवरब्रिज पहनना यहां पहले से प्रस्तावित था। अब इसे हरी झंडी मिल गई है। -आदित्य देशवाल, मैनेजर, एचएसआरडीसी
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रेवाड़ी।
भाड़ावास रेलवे फाटक पर लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। क्योंकि शहर के सबसे बड़े इस रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज की मंजूरी मिल गई है। खास बात यह है कि यह ओवरब्रिज फोरलेन होगा। ओवरब्रिज निर्माण की मंजूरी के लिए जरूरी सर्वे आदि कर रेलवे ने जांच के बाद मंजूरी देते हुए इसे हरी झंडी दे दी। इस फाटक के बनने से लाइन पार रहने वाले करीब 20 गांवों के 30 हजार लोगों का लाभ मिलेगा जिनका जीवन इस रेलवे लाइन की वजह से थम सा गया था। वहीं स्कूली बच्चों एवं रोजगार के लिए जाने वाले लोगों की समस्या का भी निदान होगा। गौरतलब है कि शहर के बिल्कुल पास स्थित भाड़ावास फाटक पर लगा जाम लोगों के लिए मुश्किल पैदा कर रहा था। समय-समय पर कई संगठन इस पर ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे थे। इस संबंध में एचएसआरडीसी (हरियाणा स्टेट रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन) ने मई में रेलवे को प्रपोजल बनाकर भेजा था। 21 जून को अलवर से रेलवे अधिकारी सर्वे करने आए। इसके बाद मौका मुआयना किया गया। इसके बाद इस पर फाटक बनने को हरी झंडी मिल गई।
शर्त: एक लाख वाहनों का निकलना जरूरी, आधे पैसे देगा रेलवे
रेलवे की टीम ने भाड़ावास फाटक पर टीवीयू (ट्रेन व्हीकल यूनिट) की जांच की। नियमानुसार ओवरब्रिज बनाने के लिए फाटक से प्रतिदिन एक लाख वाहनों का निकलना जरूरी होता है। नियमों के अनुसार ओवरब्रिज बनाने में आधे पैसे भी रेलवे को देने होते हैं। सभी चीज लगभग ठीक पाई जाने पर यह निर्णय हुआ। इस फाटक की सबसे खास बात इसका फोरलेन होना है। फोरलेन बनने के बाद यहां जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। इसके नीचे सर्विस रोड भी बनाया जाएगा। जिसका उपयोग स्थानीय लोग कर सकेंगे। ऐसे में शहर में ओवरब्रिज की संख्या तीन हो जाएगी। इससे पहले नाईवाली और झज्जर फाटक पर ही ओवरब्रिज है। महेंद्रगढ़ -नारनौल रेलवे लाइन पर भी ओवरब्रिज का प्रस्ताव चल रहा है।
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पिछले दिनों अलवर से रेलवे के अधिकारी सर्वे करने के लिए आए थे। यहां सर्वे किया गया। ओवरब्रिज पहनना यहां पहले से प्रस्तावित था। अब इसे हरी झंडी मिल गई है। -आदित्य देशवाल, मैनेजर, एचएसआरडीसी
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