{"_id":"5b7b36a742c79246764167d0","slug":"111534801575-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जागरूकता शिविर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जागरूकता शिविर
Updated Tue, 21 Aug 2018 03:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो: केएम04
निशुल्क कानूनी जागरूकता शिविर में दी जानकारी
रोहतक। सेक्टर-4 स्थित मॉडल स्कूल में सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संत प्रकाश के मार्गदर्शन में निशुल्क कानूनी जागरूकता व साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि सीजेएम सुकृति गोयल ने बताया कि भारत में कानून के साथ संघर्ष में बच्चों के मामले में पहला विधान प्रशिक्षु अधिनियम 1850 था। इसके बाद सुधार विद्यालय अधिनियम 1897 प्रभाव में आया। स्वतंत्रता के बाद हमारी संसद ने किशोर न्याय अधिनियम 1986 को लागू किया और इसके बाद किशोर न्याय और संरक्षण अधिनियम 2006 को लागू किया, लेकिन 31 दिसंबर 2015 को उक्त 2016 का अधिनियम संख्या-2 लागू किया गया है। आजकल किशोर बहुत से खतरनाक अपराधों जैसे हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, डकैती, अपहरण आदि में वांछित है। समाज के लिए यह चिंता का विषय है। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रोहतक के पैनल के वरिष्ठ अधिवक्ता राजबीर कश्यप, शिक्षण संस्थान के चीफ कोऑर्डिनेटर विजय बल्हारा, प्रिसिंपल डॉ नीरज जैन, सरिता, आशा गौड़, पीएलवी माया देवी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
निशुल्क कानूनी जागरूकता शिविर में दी जानकारी
रोहतक। सेक्टर-4 स्थित मॉडल स्कूल में सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संत प्रकाश के मार्गदर्शन में निशुल्क कानूनी जागरूकता व साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि सीजेएम सुकृति गोयल ने बताया कि भारत में कानून के साथ संघर्ष में बच्चों के मामले में पहला विधान प्रशिक्षु अधिनियम 1850 था। इसके बाद सुधार विद्यालय अधिनियम 1897 प्रभाव में आया। स्वतंत्रता के बाद हमारी संसद ने किशोर न्याय अधिनियम 1986 को लागू किया और इसके बाद किशोर न्याय और संरक्षण अधिनियम 2006 को लागू किया, लेकिन 31 दिसंबर 2015 को उक्त 2016 का अधिनियम संख्या-2 लागू किया गया है। आजकल किशोर बहुत से खतरनाक अपराधों जैसे हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, डकैती, अपहरण आदि में वांछित है। समाज के लिए यह चिंता का विषय है। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रोहतक के पैनल के वरिष्ठ अधिवक्ता राजबीर कश्यप, शिक्षण संस्थान के चीफ कोऑर्डिनेटर विजय बल्हारा, प्रिसिंपल डॉ नीरज जैन, सरिता, आशा गौड़, पीएलवी माया देवी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन