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कांग्रेसी पार्षदों को झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
Updated Fri, 06 Jul 2018 02:40 AM IST
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कांग्रेसी पार्षदों को झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
: निवर्तमान पार्षदों ने निगम की नई वार्डबंदी को दी थी अदालत में चुनौती
: निगम चुनाव का रास्ता साफ, राजनीतिक हिसाब किताब लगाकर फैसला लेगी सरकार
: समय पर होंगे निगम चुनाव, कार्यकर्ता करें तैयारी : सीएम के मीडिया सलाहकार
: कांग्रेसी पार्षद बोले, सुप्रीम कोर्ट में दायर करेंगे याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेसी पार्षदों को उस समय झटका लगा, जब हाईकोर्ट ने नई वार्डबंदी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। अब अदालत के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कह रहे हैं। दूसरी तरफ सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन का कहना है कि निगम चुनाव समय पर होेंगे। कार्यकर्ता तैयारियों में जुट जाएं।
प्रदेश की हुड्डा सरकार ने 2010 में नगर परिषद को भंग करके निगम का दर्जा दिया था। तीन साल बाद 2013 में निगम का पहला चुनाव हुआ, जिसमें 20 में से 13 कांग्रेस समर्थक पार्षदी जीतकर हाउस में पहुंचे। 2014 में प्रदेश में भाजपा सरकार आई, जिसने अब नई वार्डबंदी के नाम पर 20 से 22 वार्ड बना दिए। प्रक्रिया के दौरान पुराने वार्डों की सीमाएं बदल दीं। कांग्रेसी पार्षद गुलशन ईशपुनियानी, अनीता मिगलानी, संजय सैनी, अशोक भाटी व राजबीर सैनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोप लगाया था कि वार्ड बंदी के दौरान आपत्ति व सुझावों को सही ढंग से नहीं सुना गया। नियमों के तहत प्रदेश सरकार को आपत्तियां सुननी चाहिए थीं, लेकिन निगम आयुक्त ने आपत्तियों का निपटारा कर दिया। साथ ही डीसी को भेज दिया। डीसी ने शहरी निकाय विभाग के निदेशक के पास रिपोर्ट भेज दी।
40 मिनट हुई बहस, अदालत ने माना सही ढंग से हुई सुनवाई
मामले को लेकर हाईकोर्ट में गुरुवार को 40 मिनट तक दोनों पक्षों में बहस हुई। बहस के दौरान निकाय विभाग की तरफ से अदालत को बताया गया कि निगम आयुक्त ने आपत्तियों की सही ढंग से सुनवाई की। इसके बाद उन्हें डीसी को भेज दिया। उन्होंने रिपोर्ट बनाकर शहरी निकाय विभाग को भेजी है। जबकि कांग्रेसी पार्षदों की तरफ याचिका में आरोप लगाया गया था कि आपत्तियों का निपटारा शहरी निकाय विभाग के किसी बड़ी अधिकारी की तरफ से किया जाना था।
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सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं
मामले को लेकर हाईकोर्ट में गुरुवार को बहस हुई। बहस के बाद याचिका खारिज कर दी गई। अदालत के फैसले से वे संतुष्ट नहीं हैं। मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
-संजय सैनी, निवर्तमान पार्षद एवं याचिकाकर्ता
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समय पर होंगे निगम चुनाव, कार्यकर्ता करें तैयारी
निगम चुनाव अगस्त के बाद सितंबर व अक्तूबर माह में समय पर होंगे। कुछ निगमों में वार्डबंदी का काम अभी चल रहा है। कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए।
-राजीव जैन, सीएम के मीडिया सलाहकार
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: निवर्तमान पार्षदों ने निगम की नई वार्डबंदी को दी थी अदालत में चुनौती
: निगम चुनाव का रास्ता साफ, राजनीतिक हिसाब किताब लगाकर फैसला लेगी सरकार
: समय पर होंगे निगम चुनाव, कार्यकर्ता करें तैयारी : सीएम के मीडिया सलाहकार
: कांग्रेसी पार्षद बोले, सुप्रीम कोर्ट में दायर करेंगे याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेसी पार्षदों को उस समय झटका लगा, जब हाईकोर्ट ने नई वार्डबंदी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। अब अदालत के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कह रहे हैं। दूसरी तरफ सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन का कहना है कि निगम चुनाव समय पर होेंगे। कार्यकर्ता तैयारियों में जुट जाएं।
प्रदेश की हुड्डा सरकार ने 2010 में नगर परिषद को भंग करके निगम का दर्जा दिया था। तीन साल बाद 2013 में निगम का पहला चुनाव हुआ, जिसमें 20 में से 13 कांग्रेस समर्थक पार्षदी जीतकर हाउस में पहुंचे। 2014 में प्रदेश में भाजपा सरकार आई, जिसने अब नई वार्डबंदी के नाम पर 20 से 22 वार्ड बना दिए। प्रक्रिया के दौरान पुराने वार्डों की सीमाएं बदल दीं। कांग्रेसी पार्षद गुलशन ईशपुनियानी, अनीता मिगलानी, संजय सैनी, अशोक भाटी व राजबीर सैनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोप लगाया था कि वार्ड बंदी के दौरान आपत्ति व सुझावों को सही ढंग से नहीं सुना गया। नियमों के तहत प्रदेश सरकार को आपत्तियां सुननी चाहिए थीं, लेकिन निगम आयुक्त ने आपत्तियों का निपटारा कर दिया। साथ ही डीसी को भेज दिया। डीसी ने शहरी निकाय विभाग के निदेशक के पास रिपोर्ट भेज दी।
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40 मिनट हुई बहस, अदालत ने माना सही ढंग से हुई सुनवाई
मामले को लेकर हाईकोर्ट में गुरुवार को 40 मिनट तक दोनों पक्षों में बहस हुई। बहस के दौरान निकाय विभाग की तरफ से अदालत को बताया गया कि निगम आयुक्त ने आपत्तियों की सही ढंग से सुनवाई की। इसके बाद उन्हें डीसी को भेज दिया। उन्होंने रिपोर्ट बनाकर शहरी निकाय विभाग को भेजी है। जबकि कांग्रेसी पार्षदों की तरफ याचिका में आरोप लगाया गया था कि आपत्तियों का निपटारा शहरी निकाय विभाग के किसी बड़ी अधिकारी की तरफ से किया जाना था।
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सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं
मामले को लेकर हाईकोर्ट में गुरुवार को बहस हुई। बहस के बाद याचिका खारिज कर दी गई। अदालत के फैसले से वे संतुष्ट नहीं हैं। मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
-संजय सैनी, निवर्तमान पार्षद एवं याचिकाकर्ता
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समय पर होंगे निगम चुनाव, कार्यकर्ता करें तैयारी
निगम चुनाव अगस्त के बाद सितंबर व अक्तूबर माह में समय पर होंगे। कुछ निगमों में वार्डबंदी का काम अभी चल रहा है। कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए।
-राजीव जैन, सीएम के मीडिया सलाहकार