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104 अनुबंधित सहायक प्रोफेसर की डिमांड आए 18
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:52 AM IST
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104 अनुबंधित सहायक प्रोफेसर की डिमांड आए सिर्फ 18
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस में सोमवार को एक बार फिर वेतन विसंगति के चलते अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों की सीट खाली रह गई।
यहां विभिन्न विभागाें में 104 अनुबंधित सहायक प्रोफेसर के लिए आवेदन मांगे गए थे। लेकिन साक्षात्कार में महज 18 उम्मीदवार ही आए। ऐसे में संस्थान में समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। उम्मीदवारों की मानें तो आधे से कम वेतन होने के कारण कोई आना ही नहीं चाहता।
सूत्रों की मानें तो सोमवार को कुलपति कार्यालय में एक साल के लिए अनुबंध के आधार पर सहायक प्रोफेसर के पदों पर साक्षात्कार लिया गया। यहां पहले तो उम्मीदवार ही गिनती के आए, इनको लेकर साक्षात्कार कक्ष में कुछ गहमा-गहमी भी रही। वहीं उम्मीदवारों ने बताया कि संस्थान 50 हजार रुपये वह भी एक साल के लिए देने की बात कर रहा है। जबकि सहायक प्रोफेसर को सातवें पे कमीशन के अनुसार 90 हजार से एक लाख रुपये मासिक तक होना चहिए। इसके चलते संस्थान में कोई डॉक्टर नहीं आना चाहता। गौरतलब है कि 18 उम्मीदवारों ने फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, रेडियोलॉजी, ओकोसर्जरी, अस्पताल प्रबंधन, ऑर्थो, पीडियाट्रिक्स आदि विभागों के लिए साक्षात्कार दिया है। जबकि सर्जरी, मेडिसन, स्त्री रोग, नेत्र विभाग, इएनटी जैसे विभाग खाली रह गए। साक्षात्कार लेने वालों में कुलपति डॉ. ओपी कालरा, रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल, ईसी सदस्य डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, डीन डॉ. रोहतास यादव के अलावा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस में सोमवार को एक बार फिर वेतन विसंगति के चलते अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों की सीट खाली रह गई।
यहां विभिन्न विभागाें में 104 अनुबंधित सहायक प्रोफेसर के लिए आवेदन मांगे गए थे। लेकिन साक्षात्कार में महज 18 उम्मीदवार ही आए। ऐसे में संस्थान में समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। उम्मीदवारों की मानें तो आधे से कम वेतन होने के कारण कोई आना ही नहीं चाहता।
सूत्रों की मानें तो सोमवार को कुलपति कार्यालय में एक साल के लिए अनुबंध के आधार पर सहायक प्रोफेसर के पदों पर साक्षात्कार लिया गया। यहां पहले तो उम्मीदवार ही गिनती के आए, इनको लेकर साक्षात्कार कक्ष में कुछ गहमा-गहमी भी रही। वहीं उम्मीदवारों ने बताया कि संस्थान 50 हजार रुपये वह भी एक साल के लिए देने की बात कर रहा है। जबकि सहायक प्रोफेसर को सातवें पे कमीशन के अनुसार 90 हजार से एक लाख रुपये मासिक तक होना चहिए। इसके चलते संस्थान में कोई डॉक्टर नहीं आना चाहता। गौरतलब है कि 18 उम्मीदवारों ने फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, रेडियोलॉजी, ओकोसर्जरी, अस्पताल प्रबंधन, ऑर्थो, पीडियाट्रिक्स आदि विभागों के लिए साक्षात्कार दिया है। जबकि सर्जरी, मेडिसन, स्त्री रोग, नेत्र विभाग, इएनटी जैसे विभाग खाली रह गए। साक्षात्कार लेने वालों में कुलपति डॉ. ओपी कालरा, रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल, ईसी सदस्य डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, डीन डॉ. रोहतास यादव के अलावा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
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