{"_id":"5a7a18044f1c1b4e588b736c","slug":"111517950980-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अम्रुत योजना के धरातल पर उतरने की जगी उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अम्रुत योजना के धरातल पर उतरने की जगी उम्मीद
Updated Wed, 07 Feb 2018 02:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुशखबरी : निगम को अम्रुत योजना 260 करोड़ मिलने की जगी उम्मीद
- योजना का निरीक्षण करने कल आ रही केंद्र से टीम, बजट न मिलने के कारण अटके पड़े हैं शहर में सीवरेज और पेयजल के प्रोजेक्ट
: बाहरी एरिया में कराए जाने हैं अम्रुत योजना के तहत विकास कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के उन लोगों के लिए अच्छी खबर है, जो सीवरेज और शुद्ध पीने के पानी का इंतजार कर रहे हैं। 260 करोड़ रुपये का बजट जारी करने से पहले अम्रुत (अटल मिशन फोर रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन) योजना का निरीक्षण करने के लिए वीरवार को टीम रोहतक आ रही है। टीम रिकार्ड की जांच पड़ताल के साथ-साथ उस एरिया में भी जाएगी, जहां अम्रुत योजना के तहत पैसा खर्च किया जाना है। निगम प्रशासन टीम के दौरे को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
शहर का एरिया लगातार बढ़ता जा रहा है। जनसंख्या पिछले सात साल में 3 लाख 90 हजार से बढ़कर 5 लाख 12 हजार पहुंच चुकी है। इसके चलते शहर के बाहरी एरिया में अवैध कालोनियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। 70 अवैध कालोनियों की फाइल जहां चंडीगढ़ मुख्यालय में धूल फांक रही है, वहीं धीरे-धीरे और भी कालोनियां सामने आ रही हैं। शहर की जनसंख्या व एरिया बढ़ने के साथ मूलभूत सुविधाएं नहीं बढ़ सकी। सीवर की पुरानी लाइन हैं, जो दबाव सहन नहीं कर पाती। पुराने एरिया में जहां सीवरेज लाइन जाम रहती हैं, वहीं बाहरी एरिया में गलियों में ही गंदा पानी खड़ा रहता है। गर्मी के सीजन में पीने के पानी की सबसे ज्यादा किल्लत हो जाती है। पब्लिक हेल्थ और वाटर वर्कर्स बनाने की मांग कर चुका है। हाउस के अंदर भी पब्लिक हेल्थ से जुड़ी सीवरेज और पानी की समस्या को लेकर हंगामा हो चुका है। हर बार निगम के अधिकारी एक ही जवाब देते आए हैं अम्रुत योजना के तहत बजट मिलते ही समस्या हल हो जाएगी।
छह माह से इंतजार करवा रहे अधिकारी
पिछले छह माह से निगम के अधिकारी पार्षदों और लोगों को बता रहे हैं कि अम्रुत योजना के तहत न केवल नई सीवरेज लाइन बिछेगी, बल्कि कई वाटर वर्कर्स बनाए जा जाएंगे। योजना के तहत निगम गढ़ी बोहर में सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बना सकता है, जहां निगम में शामिल गांवों के अलावा आसपास के शहर का गंदा पानी एकत्रित होगा। वहां गंदे पानी का ट्रीटमेंट होगा। दूसरी तरफ, बाहरी वार्डों में वाटर वर्कर्स बनाए जाने हैं। इसमें पेयजल लाइन पर 165 करोड़ तो सीवरेज पर 95 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
विज्ञापन
अम्रुत (अटल मिशन फोर रेजूवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन) योजना के तहत निगम को केंद्र से करोड़ों रुपये का बजट मिलना है। योजना के तहत ही शहर में सीवरेज और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी है। योजना के निरीक्षण के लिए 8 फरवरी को केंद्र की टीम रोहतक आ रही है। इसके बाद बजट मिलने की उम्मीद है, ताकि जल्द काम शुरू हो सकें।
- कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी नगर निगम
बाक्स
यहां के लोगों को योजना का बेसब्री से इंतजार
शहर के अंदर 10 गांवों बोहर, बलियाना, गद्दी खेड़ी, पहरावर, कन्हेली, सुनारियां कला व खुर्द को 10 साल पहले निगम में शामिल किया गया था, लेकिन आज पानी और सीवरेज की मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। साथ ही वार्ड नंबर 18,19, 4, 5 व 6 में भी कई कालोनियां है, जहां अब भी सीवरेज लाइन नहीं बिछी है।
विज्ञापन
- योजना का निरीक्षण करने कल आ रही केंद्र से टीम, बजट न मिलने के कारण अटके पड़े हैं शहर में सीवरेज और पेयजल के प्रोजेक्ट
: बाहरी एरिया में कराए जाने हैं अम्रुत योजना के तहत विकास कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के उन लोगों के लिए अच्छी खबर है, जो सीवरेज और शुद्ध पीने के पानी का इंतजार कर रहे हैं। 260 करोड़ रुपये का बजट जारी करने से पहले अम्रुत (अटल मिशन फोर रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन) योजना का निरीक्षण करने के लिए वीरवार को टीम रोहतक आ रही है। टीम रिकार्ड की जांच पड़ताल के साथ-साथ उस एरिया में भी जाएगी, जहां अम्रुत योजना के तहत पैसा खर्च किया जाना है। निगम प्रशासन टीम के दौरे को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
शहर का एरिया लगातार बढ़ता जा रहा है। जनसंख्या पिछले सात साल में 3 लाख 90 हजार से बढ़कर 5 लाख 12 हजार पहुंच चुकी है। इसके चलते शहर के बाहरी एरिया में अवैध कालोनियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। 70 अवैध कालोनियों की फाइल जहां चंडीगढ़ मुख्यालय में धूल फांक रही है, वहीं धीरे-धीरे और भी कालोनियां सामने आ रही हैं। शहर की जनसंख्या व एरिया बढ़ने के साथ मूलभूत सुविधाएं नहीं बढ़ सकी। सीवर की पुरानी लाइन हैं, जो दबाव सहन नहीं कर पाती। पुराने एरिया में जहां सीवरेज लाइन जाम रहती हैं, वहीं बाहरी एरिया में गलियों में ही गंदा पानी खड़ा रहता है। गर्मी के सीजन में पीने के पानी की सबसे ज्यादा किल्लत हो जाती है। पब्लिक हेल्थ और वाटर वर्कर्स बनाने की मांग कर चुका है। हाउस के अंदर भी पब्लिक हेल्थ से जुड़ी सीवरेज और पानी की समस्या को लेकर हंगामा हो चुका है। हर बार निगम के अधिकारी एक ही जवाब देते आए हैं अम्रुत योजना के तहत बजट मिलते ही समस्या हल हो जाएगी।
विज्ञापन
छह माह से इंतजार करवा रहे अधिकारी
पिछले छह माह से निगम के अधिकारी पार्षदों और लोगों को बता रहे हैं कि अम्रुत योजना के तहत न केवल नई सीवरेज लाइन बिछेगी, बल्कि कई वाटर वर्कर्स बनाए जा जाएंगे। योजना के तहत निगम गढ़ी बोहर में सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बना सकता है, जहां निगम में शामिल गांवों के अलावा आसपास के शहर का गंदा पानी एकत्रित होगा। वहां गंदे पानी का ट्रीटमेंट होगा। दूसरी तरफ, बाहरी वार्डों में वाटर वर्कर्स बनाए जाने हैं। इसमें पेयजल लाइन पर 165 करोड़ तो सीवरेज पर 95 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
विज्ञापन
अम्रुत (अटल मिशन फोर रेजूवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन) योजना के तहत निगम को केंद्र से करोड़ों रुपये का बजट मिलना है। योजना के तहत ही शहर में सीवरेज और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी है। योजना के निरीक्षण के लिए 8 फरवरी को केंद्र की टीम रोहतक आ रही है। इसके बाद बजट मिलने की उम्मीद है, ताकि जल्द काम शुरू हो सकें।
- कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी नगर निगम
बाक्स
यहां के लोगों को योजना का बेसब्री से इंतजार
शहर के अंदर 10 गांवों बोहर, बलियाना, गद्दी खेड़ी, पहरावर, कन्हेली, सुनारियां कला व खुर्द को 10 साल पहले निगम में शामिल किया गया था, लेकिन आज पानी और सीवरेज की मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। साथ ही वार्ड नंबर 18,19, 4, 5 व 6 में भी कई कालोनियां है, जहां अब भी सीवरेज लाइन नहीं बिछी है।