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13 उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन जर्जर
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:29 AM IST
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13 उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन जर्जर
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। नांगल चौधरी सीएचसी के अंतर्गत विभिन्न गांवों में करीब 13 सब सेंटर कंडम घोषित हो चुके हैं। इससे मरीजों को हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए सरकार ने पांच हजार की आबादी पर एक उप स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध करवा दिया है लेकिन रिपेयर के लिए बजट नहीं मिल रहा है। बजट नहीं मिलने के कारण उप स्वास्थ्य केंद्रों की बिल्डिंग जर्जर हालात में हैं।
ग्रामीणों को उचित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन क्रियान्वित किया गया है। मिशन के तहत गांवों में स्टाफ, भवन, संसाधनों की व्यवस्था के निर्देश हैं, ताकि जच्चा-बच्चा को तत्परता पूर्वक इलाज मिल सके। इसलिए पांच हजार की आबादी पर एक उप स्वास्थ्य केंद्र खोल दिए गए हैं। नांगल चौधरी सीएचसी के अंतर्गत विभिन्न गांवों में करोड़ों की लागत से 23 उप स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत हैं। अधिकांश उप स्वास्थ्य केंद्रों की दीवार में दरार पड़नी शुरू हो गई। छत का प्लास्टर टूटने से कर्मचारियों को जानलेवा खतरा बढ़ गया। कुछ सब सेंटरों के भवन सुरक्षित हैं किंतु उनमें अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। जिनमें मरीजों को सुविधा पूर्वक इलाज मुहैया करवाना संभव नहीं।
किराए के भवन में मरीजों का इलाज
मोहनपुर, कालबा के ग्रामीणों को नजदीकी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के मकसद से चैकमलिकपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र मंजूर कर दिया गया है। एएनएम को नियमित ड्यूटी के निर्देश दिए गए लेकिन अभी तक भवन निर्माण नहीं कराया गया। स्वास्थ्य कर्मी को निजी भवन में सेवाएं देनी पड़ रही हैं।
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रिपेयर के योग्य नहीं सब सेंटर
सीएचसी के एसएमओ डा. अरुण कालरा ने बताया कि विभिन्न गांवों के सब सेंटर अधिक जर्जर हो चुके हैं। इनका रिपेयर करवाना संभव नहीं है। दुबारा निर्माण के लिए विभाग को एस्टिमेट भेज दिया, जिसमें करीब 25 लाख खर्च होंगे। बजट मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया आरंभ होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। नांगल चौधरी सीएचसी के अंतर्गत विभिन्न गांवों में करीब 13 सब सेंटर कंडम घोषित हो चुके हैं। इससे मरीजों को हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए सरकार ने पांच हजार की आबादी पर एक उप स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध करवा दिया है लेकिन रिपेयर के लिए बजट नहीं मिल रहा है। बजट नहीं मिलने के कारण उप स्वास्थ्य केंद्रों की बिल्डिंग जर्जर हालात में हैं।
ग्रामीणों को उचित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन क्रियान्वित किया गया है। मिशन के तहत गांवों में स्टाफ, भवन, संसाधनों की व्यवस्था के निर्देश हैं, ताकि जच्चा-बच्चा को तत्परता पूर्वक इलाज मिल सके। इसलिए पांच हजार की आबादी पर एक उप स्वास्थ्य केंद्र खोल दिए गए हैं। नांगल चौधरी सीएचसी के अंतर्गत विभिन्न गांवों में करोड़ों की लागत से 23 उप स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत हैं। अधिकांश उप स्वास्थ्य केंद्रों की दीवार में दरार पड़नी शुरू हो गई। छत का प्लास्टर टूटने से कर्मचारियों को जानलेवा खतरा बढ़ गया। कुछ सब सेंटरों के भवन सुरक्षित हैं किंतु उनमें अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। जिनमें मरीजों को सुविधा पूर्वक इलाज मुहैया करवाना संभव नहीं।
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किराए के भवन में मरीजों का इलाज
मोहनपुर, कालबा के ग्रामीणों को नजदीकी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के मकसद से चैकमलिकपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र मंजूर कर दिया गया है। एएनएम को नियमित ड्यूटी के निर्देश दिए गए लेकिन अभी तक भवन निर्माण नहीं कराया गया। स्वास्थ्य कर्मी को निजी भवन में सेवाएं देनी पड़ रही हैं।
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रिपेयर के योग्य नहीं सब सेंटर
सीएचसी के एसएमओ डा. अरुण कालरा ने बताया कि विभिन्न गांवों के सब सेंटर अधिक जर्जर हो चुके हैं। इनका रिपेयर करवाना संभव नहीं है। दुबारा निर्माण के लिए विभाग को एस्टिमेट भेज दिया, जिसमें करीब 25 लाख खर्च होंगे। बजट मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया आरंभ होगी।