फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   जाट आरक्षण बिल दोबारा किया जाए विधानसभा में पास

जाट आरक्षण बिल दोबारा किया जाए विधानसभा में पास

Sun, 02 Sep 2018 03:04 AM IST
Updated Sun, 02 Sep 2018 03:04 AM IST
विज्ञापन
जाट आरक्षण बिल दोबारा किया जाए विधानसभा में पास
फोटो सहित
विज्ञापन


जाट आरक्षण बिल को दोबारा किया जाए विधानसभा में पास : बीरेंद्र सिंह
: केंद्रीय इस्पात मंत्री बोले-पिछड़ा वर्ग आयोग को मिल चुकी है संवैधानिक मान्यता, फिर नहीं आएगी अदालत में कानूनी दिक्कत
: पहले से पास आरक्षण बिल को किया जाए निरस्त
: यशपाल मलिक गुट व दूसरी जाट संस्थाओं को दे चुका हूं सलाह
: कांग्रेस ने जल्दबाजी में किया जाट समाज का अहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह का कहना है कि जाट आरक्षण बिल को दोबारा नए सिरे से पास किया जाए, क्योंकि अब पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा मिल चुका है। आयोग की सिफारिश के बाद अदालत में कानूनी दिक्कत नहीं आएंगी। ऐसी उन्हें उम्मीद है। वे शनिवार को जिला विकास भवन में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने 2014 में वोट बटोरने के चक्कर में बिना तैयारी के जाट आरक्षण दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पहली ही सुनवाई में उस पर रोक लगा दी, क्योंकि पिछड़ा वर्ग आयोग ने इसकी सिफारिश नहीं की थी। अब भाजपा सरकार ने बिना पुख्ता तैयारी के आरक्षण बिल पास कर दिया, जो अब न्यायालय में अटका हुआ है। अब संसद की तरफ से पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया जा चुका है। ऐसे में उन्होंने पिछले दिनों जाट आरक्षण संघर्ष समिति व दूसरी जाट संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की। उसमें सलाह दी थी कि वे दोबारा से आरक्षण के लिए अर्जी दाखिल करें। क्योंकि अब स्थिति बदल चुकी है। संवैधानिक मान्यता प्राप्त पिछड़ा वर्ग आयोग आरक्षण की सिफारिश करेगा तो न्यायालय में भी कानूनी अड़चन नहीं आएंगी। साथ वे प्रदेश सरकार को भी सलाह देना चाहते हैं कि पुराने प्रस्ताव को रद्द कर, जाटों सहित छह जातियों को नए सिरे से आरक्षण देने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लेकर आएं। अगर दोबारा से जाट आरक्षण की प्रक्रिया की जाती है तो उसमें प्रमाण व तथ्य भी होंगे। साथ ही आरक्षण पर लगी रोक का भी कोई औचित्य नहीं रहेगा।
विज्ञापन

--------
सीएम व वित्त मंत्री के घेराव पर सवाल को टाल गए डूमरखां
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह से जब मीडिया ने सवाल किया कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति का आरोप है कि प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया। सीएम मनोहर लाल अपने वादे पर खरे नहीं उतरे। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु द्वारा कराए गए केस वापस नहीं लिए जा रहे। ऐसे में वे सीएम व वित्तमंत्री का उनके हलकों को छोड़कर 9 जिलों के ग्रामीण एरिया में विरोध करेंगे। इस पर केंद्रीय मंत्री बोले, इस बात को छोड़ो, नए सिरे से आरक्षण का प्रस्ताव लाने की सुनो।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed