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डिमांड 84 करोड़ के सामान की बजट महज 17 करोड़ रुपये

Sat, 18 Aug 2018 02:32 AM IST
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:32 AM IST
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डिमांड 84 करोड़ के सामान की बजट महज 17 करोड़ रुपये
डिमांड 84 करोड़ के सामान की, बजट महज 17 करोड़ रुपये
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विभागाध्यक्षों को लिस्ट में कटौती करने के निर्देश जारी

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। 17 अगस्त को तीन बजे निदेशक की अध्यक्षता में होने वाली परचेज की बैठक स्थगित हो गई। इससे संस्थान के विभिन्न विभागों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि विभागाध्यक्षों ने 84 करोड़ के सामान की अपनी डिमांड भेजी थी। इस पर अब सभी को जवाब मिल रहा है कि संस्थान के पास महज 17 करोड़ रुपये हैं। इसलिए सभी अपनी लिस्ट में स्वयं के स्तर पर कटौती कर लें।
सूत्रों की मानें तो परचेज शाखा के सीनियर प्रोफेसर ने पत्राचार के माध्यम से सभी विभागाध्यक्षों से आग्रह किया कि वह सीमित बजट को देखते हुए अपनी डिमांड लिस्ट में कटौती करें। इस कटौती में वह अपने विभाग के लिए अतिआवश्यक चीजों को ही शामिल रखें। इस पत्र पर कुछ विभागाध्यक्षों में रोष है कि अकसर प्रशासनिक अधिकारी हर साल यही करते हैं। जो प्रशासनिक अधिकारियों के नजदीक होते हैं, उनकी डिमांड पूरी हो जाती है। इसके अलावा कुछ विभागों में तो सालों से सामान नहीं आया है। जबकि नियमानुसार बडे़ विभागों को पहले वरीयता दी जानी चाहिए, लेकिन संस्थान में इसके उलट होता है।
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मॉड्यूलर ओटी कांप्लेक्स को चलाने के लिए पुराने ओटी का समान होगा शिफ्ट
जारी पत्र के अनुसार नये मॉड्यूलर ओटी कांप्लेक्स को चलाने के लिए नये सामान की खरीद की बजाए अधिकारी पुराने ओटी का सामान शिफ्ट करने की तैयारी में है। जबकि पूर्व में अधिकारियों ने दावा किया था कि नये ओटी के साथ पुराने ओटी भी चालू रहेंगे। इससे मरीजों को लाभ मिलेगा, लेकिन बजट के अभाव में अब संस्थान पुराने सिस्टम को बंद कर नये सिस्टम को शुरू करने की तैयारी में है। इससे मरीजाें को क्या लाभ होगा और संस्थान में सुविधाएं क्या बढे़ंगी बोलने वाला कोई नहीं है।
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पुराने भवन का प्रयोग नहीं और सभी को चाहिए जगह
हैरानी की बात है कि संस्थान के कई विभागों को जगह की किल्लत है, लेकिन पुराने भवन को कोई प्रयोग करने के लिए तैयार नहीं है। जबकि जगह का रोना कई विभाग रोते रहते हैं। इन विभागों में से कुछ विभागों को प्रशासन भी अतिरिक्त जगह अलाट नहीं करता है।
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